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यमुना का जलस्तर बरकरार, टला नहीं खतरा

दिल्ली में मौसम की मेहरबानी पर रह-रह कर लगाम लग रही है। बारिश के आकलन के उलट दिन भर धूप खिली रही। शाम तक दक्षिणी दिल्ली में बादलों का जमामवड़ा तो लगा लेकिन कोई बारिश नहीं हुई। कहीं-कही बूंदाबादी जरूर देखी गई। मौसम विभाग का अंदाजा है कि बारिश देर रात तक होगी।

विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का पूवार्नुमान लगाया है। देर से ही सही दिल्ली में ठीक ठाक बारिश हो गई। इसी के साथ ही हरियाणा में मानसून ने 24 घंटे में 11 साल का रेकार्ड तोड़ दिया है। हिसार में पिछले 24 घंटे की बारिश ने पिछले 11 वर्ष का रेकार्ड तोड़ा है। वर्ष 2010 में हिसार में एक दिन में 122.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।

दिल्ली में शनिवार को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे 205.33 मीटर पर दर्ज किया गया। बताया जा रहा है कि इससे संभावित बाढ़ का खतरा टला नहीं है। इसे देखते हुए एक दिन पहले ही दिल्ली प्रशासन ने बाढ़ की चेतावनी दी थी और नदी के डूब क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का त्वरित प्रयास शुरू किया था।

यमुना में जलस्तर के खतरे के निशान 204.50 मीटर को पार करने पर बाढ़ की चेतावनी जारी की जाती है। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि सुबह आठ बजे पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर 205.01 मीटर दर्ज किया गया। रात एक बजे जलस्तर 205.44 मीटर और सुबह छह बजे 205.20 मीटर था।

हरियाणा की ओर से शुक्रवार को हथिनीकुंड बैराज से और अधिक पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली पुलिस और पूर्वी दिल्ली जिला प्रशासन ने राजधानी में यमुना के डूब क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का काम शुरू किया। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में 13 नावों को तैनात किया और 21 अन्य को तैयार स्थिति में रखा।

 

News Desk

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