Chennai: चीफ जस्टिस Sanjib Banerjee का स्थानांतरण मेघालय किये जाने का विरोध
Chennai: हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस Sanjib Banerjee के तबादले ने वकीलों को लामबंद कर दिया है। तकरीबन 237 वकीलों ने कोलोजियम को चिट्ठी लिख तीखा विरोध जताया है। चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी का स्थानांतरण मेघालय किये जाने का विरोध करते हुए वकीलों ने सीजेआई एनवी रमन्ना के साथ सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम को पत्र भेजा है। उनसे जस्टिस बनर्जी को भेजने के फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।
बारह पन्नों के ज्ञापन में वरिष्ठ अधिवक्ता आर वैगई और वी प्रकाश समेत 237 वकीलों ने दस्तखत किए हैं। इसमें कहा गया है कि चीफ जस्टिस बनर्जी का 75 न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या वाले मद्रास हाईकोर्ट से 2013 में स्थापित मेघालय हाईकोर्ट में स्थानांतरण चिंताजनक प्रश्न उठाता है। वहां वर्तमान में न्यायाधीशों की संख्या केवल दो है।
ज्ञापन के अनुसार न्याय के बेहतर प्रशासन के लिए स्थानांतरण सैद्धांतिक रूप से आवश्यक हो सकता है, लेकिन बार के सदस्यों को यह जानने का अधिकार है कि एक सक्षम, निडर जस्टिस और एक बड़े हाईकोर्ट के कुशल प्रशासक को ऐसी कोर्ट में स्थानांतरित क्यों किया जा रहा है, जहां एक महीने में आने वाले मामलों की कुल संख्या औसतन 70-75 ही हो। जबकि चेन्नई हाईकोर्ट में एक वर्ष में 35 हजार से अधिक मामले दर्ज किए गए थे।
पत्र में कहा गया है कि बनर्जी ने अपनी संवैधानिक और वैधानिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए हर स्तर पर अधिकारियों से जवाबदेही की मांग की है। वकीलों ने लिखा कि उन्हें निष्पक्ष माना जाता है। वह न्याय प्रणाली के कामकाज में सुधार के लिए सभी वर्गों से सुझाव प्राप्त करते हैं। न्यायपालिका को मजबूत करने के लिए उन्होंने सक्रिय कदम उठाए हैं।
जस्टिस बनर्जी ने 4 जनवरी, 2021 को मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में कामकाज संभाला। वह नवंबर, 2023 में सेवानिवृत्त हो सकते हैं। रोचक बात यह है कि इससे पहले, 2019 में मद्रास हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रहीं विजया के. ताहिलरमानी का तबादला भी मेघालय हाईकोर्ट में ही किया गया था, लेकिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।

