Hathras हादसा: NEET की तैयारी कर रही 18 वर्षीय खुशी की ट्रैक्टर की चपेट में आने से मौत, कोचिंग से लौटते समय हुआ दर्दनाक हादसा
Hathras Accident ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। हाथरस के तालाब चौराहा स्थित फ्लाईओवर पर ट्रैक्टर की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुई 18 वर्षीय खुशी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। खुशी शहर के एक पशु चिकित्सक की बेटी थीं और इंटरमीडिएट के बाद मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रही थीं। रविवार 27 जुलाई की शाम कोचिंग से घर लौटते समय वह सड़क हादसे का शिकार हो गई थीं।
इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। बेटी की असमय मौत से परिजन गहरे सदमे में हैं, जबकि शहर में भी शोक का माहौल है।
कोचिंग से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार शहर के पुराना मिल कंपाउंड निवासी डॉ. संजीव अग्रवाल, जो पेशे से पशु चिकित्सक हैं, अपनी छोटी बेटी खुशी को मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ते देखना चाहते थे।
खुशी ने इसी वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी और वह मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए NEET की तैयारी कर रही थीं। वह प्रतिदिन की तरह स्कूटी से अलीगढ़ रोड स्थित कोचिंग संस्थान गई थीं।
शाम लगभग 7:30 बजे कोचिंग से घर लौटते समय तालाब चौराहा फ्लाईओवर पर हादसा हो गया।
तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने मारी टक्कर
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, फ्लाईओवर से कोतवाली सदर की ओर उतरते समय पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने खुशी की स्कूटी को टक्कर मार दी।
टक्कर लगने के बाद खुशी सड़क पर गिर गईं।
इसी दौरान आगे चल रहा एक अन्य स्कूटी सवार भी ट्रैक्टर की चपेट में आकर गिर गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर का अगला पहिया खुशी के ऊपर से गुजर गया, जिसके बाद वाहन रुक गया।
हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य शुरू किया।
घटना के बाद चालक मौके से फरार
स्थानीय लोगों के अनुसार हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया।
वहीं, दूसरा स्कूटी सवार युवक भी घटनास्थल से चला गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
अस्पताल पहुंचने पर कुछ देर के लिए आया होश
घायल अवस्था में खुशी को तत्काल जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया।
बताया गया कि अस्पताल पहुंचने तक वह बेहोश थीं। प्राथमिक उपचार के दौरान उन्हें कुछ देर के लिए होश आया।
उस समय उन्होंने अपना—
- नाम,
- पता,
- और अपने पिता का मोबाइल नंबर
वहां मौजूद लोगों को बताया। इसके बाद परिजनों को घटना की सूचना दी गई।
चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार उनकी नाक से रक्तस्राव हो रहा था, जबकि बाहरी रूप से गंभीर चोटें स्पष्ट दिखाई नहीं दे रही थीं। बाद में उपचार के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई और उनका निधन हो गया।
पशु चिकित्सक की बेटी थीं खुशी
खुशी के पिता डॉ. संजीव अग्रवाल शहर में पशु चिकित्सक के रूप में कार्यरत हैं। उनका क्लीनिक पुराना मिल कंपाउंड क्षेत्र में स्थित है।
परिवार के अनुसार खुशी पढ़ाई में मेधावी थीं और डॉक्टर बनने का सपना लेकर पूरी मेहनत से NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थीं।
उनका बड़ा भाई निकुंज अग्रवाल गुरुग्राम में पढ़ाई कर रहा है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
खुशी की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
जिस बेटी को परिवार डॉक्टर बनते देखने का सपना संजोए हुए था, उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। घटना के बाद रिश्तेदार, परिचित और स्थानीय लोग परिजनों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
हादसे के बाद पुलिस ने दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है।
जांच के दौरान—
- ट्रैक्टर चालक की पहचान,
- दुर्घटना की परिस्थितियां,
- और उपलब्ध साक्ष्यों
के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यदि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज उपलब्ध होंगे तो उनकी भी जांच की जा सकती है।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की तेज रफ्तार को लेकर चिंता बढ़ाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि—
- शहर के व्यस्त मार्गों पर यातायात नियमों का सख्ती से पालन,
- ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी नियंत्रण,
- और नियमित निगरानी
ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

