बी0बी0ए0 विभाग में एक अतिथि व्याख्यान का आयोजन
मुजफ्फरनगर। श्री राम कॉलेज मुजफ्फरनगर के बी0बी0ए0 विभाग में एक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसके मुख्य वक्ता डॉ0 मौ0 आरिफ रहे। डा0 आरिफ गवर्नमेंट (पी0जी0) कॉलेज देवबन्द में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है। कॉलेज के निदेशक डॉ0 आदित्य गौतम ने डा0 आरिफ को बुके देकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर डा0 आरिफ ने विद्यार्थियों को व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए विभिन्न उदाहरणों के द्वारा सफल व्यक्तित्व तथा सफल जीवन के लिए महत्वपूर्ण सूत्रों को समझाया।
डा0 आरिफ ने नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचारों में परिवर्तित करने के टिप्स दिये। इसके लिये उन्होंने दिनचर्या को व्यवस्थित करने तथा व्यायाम पर भी जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि हमें समय के साथ खुद को बदलना होगा नई तकनीकी, नये विचारों व नये ज्ञान को अर्जित करते रहना होगा, सफलता आपके कदम चूमेंगी। उन्होंने अत्यन्त आकर्षक रूप से विद्यार्थियों से चर्चा की।
डा0 आरिफ ने कहा कि हमारे पास सीमित संसाधन है इन सीमित संसाधनों को हमें पूर्णतः उपयोग करना है, अच्छे विद्यार्थी देश के भविष्य होते है और हमारा इसमें क्या स्थान है यह जानना बहुत जरूरी है। विद्यार्थियों में कुछ पाने की और बडा करने की चाह होनी चाहिए। एक सकारात्मक सोच हमारी मुश्किलें कम कर देती है। सभी के जीवन में एक समय ऐसा आता है जब सभी चीजें आपको विरोध में हो रही हो या आपका फैसला हो सकता है जो बहुत भयानक साबित हुआ हो।
लेकिन सही मायने में विफलता सफलता से ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। हमारे इतिहास में जितने भी महापुरूष हुए वो जीवन में सफल बनने से पहले लगातार कई बार असफल हुए है। जब हम बहुत सारे काम करते है तब जरूरी नहीं है कि सब कुछ सही ही होगा लेकिन अगर आप इस वजह से प्रयास करना छोड देंगें तो भी सफल नहीं हो सकते। विषम परिस्थितियों में एक सकारात्मक सोच रखना बहुत जरूरी है, यही हमें बढने के लिए प्रेरित करती है। हमें अपनी नकारात्मक सोच बदलनी चाहिए तभी हम अपने जीवन में सफल हो सकते है। बार-बार असफल होने पर भी उत्साह ना खोना ही सफलता है। अगर आपको अपने सपनों को वाकई में पूरा करना है आपको हर पल उसे ही सोचना और उसे ही पाने के लिए हर प्रयास करना होगा।
एक सकारात्मक सोच वाला व्यक्ति इन असंभव कार्यों में भी सफलता प्राप्त कर सकता है। डा0 आरिफ ने विद्यार्थियों को वर्तमान से अवगत कराते हुए कहा कि अगर हमें अपने लक्ष्य को पाना है तो हमें कठिन परिश्रम करना होगा, क्योंकि आज के जीवन में अत्यधिक संघर्ष और प्रतिस्पर्धा है। हर कोई दूसरे से आगे बढने की होड़ में लगा हुआ है। इन विषम परिस्थितियों में सफलता प्राप्त करना अत्यधिक मुश्किल हो गया है परन्तु असम्भव नहीं। उन्होंने अपनी उपलब्धियां और संघर्षमय जीवन के बारे में रोचक बाते बताते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। अन्त में व्यापार प्रबन्धन विभाग के समन्वयक विवेक त्यागी ने अतिथि वक्ता को धन्यवाद ज्ञापित किया तथा विद्यार्थियों के उत्साह की प्रशंशा की तथा उनसे इसी तरह के दृष्टिकोण की अपेक्षा की।
तदुपरान्त फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के डीन डॉ0 पंकज शर्मा ने डा0 आरिफ को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। अतिथि व्याख्यान को सफल बनाने में व्यापार प्रबन्धन विभाग के प्रवक्ताओं पंकज कौशिक, हिमांशु वर्मा, अपूर्वा मित्तल, आयुषी त्यागी व जैबा ताहिर आदि का सहयोग रहा।
