उत्तर प्रदेश

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith के दीक्षांत समारोह में छात्रों को मिली स्वर्णिम सफलता, 44 कोर्सों में बंटे 46 स्वर्ण पदक

काशी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith) में आयोजित दीक्षांत समारोह ने शिक्षा की उत्कृष्टता और मेधावी छात्रों की सफलता को उजागर किया। इस कार्यक्रम में कुल 44 कोर्स के छात्रों को स्वर्ण पदक प्राप्त हुए। यह समारोह विशेष रूप से महत्वपूर्ण था क्योंकि विश्वविद्यालय में यह पहली बार था जब एक ही सत्र में दो बार दीक्षांत समारोह आयोजित किए गए।

स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए यह दिन उनके जीवन के सबसे अहम और यादगार दिनों में से एक था। इस बार कुल 46 मेधावियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इनमें 8 छात्र और 38 स्नातकोत्तर छात्र शामिल थे। स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों में 28 छात्राएं और 18 छात्र थे।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith) दीक्षांत समारोह में छात्रों को सम्मानित करने के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी और कई सम्मानित अतिथि उपस्थित थे। समारोह की शुरुआत शुक्रवार को 11 बजे हुई और इस दिन के मुख्य अतिथि रहे प्रो. दुर्ग सिंह चौहान, जो कि उत्तर प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय और कई अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपति रह चुके हैं।

शानदार प्रदर्शन के कारण समारोह में छाई खुशी की लहर

स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले छात्रों में स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों के पाठ्यक्रमों के मेधावी थे। खास बात यह है कि स्नातक के आठ पाठ्यक्रमों में कुल आठ स्वर्ण पदक वितरित किए गए, जिनमें सात छात्राओं ने स्वर्ण पदक जीते। इसके अलावा स्नातकोत्तर के 36 पाठ्यक्रमों में 38 स्वर्ण पदक दिए गए, जिनमें 27 छात्र और 11 छात्राएं शामिल थीं।

इस समारोह में खास उल्लेखनीय था कि कुछ पाठ्यक्रमों में छात्रों ने समान सीजीपीए (कुल गुणांक) के आधार पर दो-दो स्वर्ण पदक प्राप्त किए। उदाहरण के लिए, एमए (आईआरपीएम) और एमएससी (जीव विज्ञान) में दो छात्रों ने समान अंक प्राप्त किए और उन्हें दो-दो स्वर्ण पदक मिले।

मुख्य अतिथियों के विचार

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रो. दुर्ग सिंह चौहान ने छात्रों को अपने भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने उद्बोधन में शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “यह स्वर्ण पदक छात्रों के कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रतीक है। विश्वविद्यालय से प्राप्त शिक्षा उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाएगी।”

21 दिसंबर को दूसरे दिन के मुख्य अतिथि प्रो. एएन राय, जो कि नैक के पूर्व निदेशक रह चुके हैं, ने भी छात्रों को प्रेरित किया और विश्वविद्यालय की भूमिका की सराहना की। उनका कहना था, “इस विश्वविद्यालय ने शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में अपार योगदान दिया है और भविष्य में भी यह छात्रों को बेहतर दिशा देने में सक्षम रहेगा।”

स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले छात्रों के नाम

स्नातक स्तर पर आठ पाठ्यक्रमों में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले छात्रों में प्रमुख रूप से आयुशी श्रीवास्तव (एलएलबी), आकांक्षा शुक्ला (बीए), शिवांगी गुप्ता (बीएससी), अंजली यादव (बीएससी कृषि), एकता सिंह (बीएससी टेक्सटाइल एंड हैंडलूम साइंस), सरिता शर्मा (बीएफए), सुलेखा कुमारी (बीपीएड) और अभ्युदय सिंह (बीलिब आईएससी) के नाम शामिल हैं।

स्नातकोत्तर स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले छात्रों में अंजू वर्मा (एमए हिंदी), शीतल राय (एमए अंग्रेजी), आंचल (एमए संस्कृत), शहाना बीबी (एमए उर्दू), दिशा सिंह (एमए दर्शनशास्त्र), संध्या पटेल (एमए इतिहास), आयशा (मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास), आकांक्षा दोहरे (एमएफए), महिमा (एमलिब आईएससी), चांदनी शर्मा (एमए मास कम्युनिकेशन) आदि के नाम शामिल हैं।

विशेष सत्र के आयोजन का महत्व

इस बार दीक्षांत समारोह का आयोजन दो सत्रों में किया गया, जो विश्वविद्यालय के इतिहास में एक नई शुरुआत है। इससे पहले 25 सितंबर को मुख्य दीक्षांत समारोह हुआ था, और अब दिसंबर में यह समारोह आयोजित किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इससे अधिक से अधिक छात्रों को पुरस्कार और सम्मान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

कुलपति का संदेश

कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने अपने संबोधन में कहा, “आज का दिन हमारे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का दिन है। यह छात्रों की मेहनत और विश्वविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं की निरंतर कोशिशों का परिणाम है। हम अपने छात्रों को हर क्षेत्र में सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।”

समारोह के दौरान अन्य गतिविधियां

समारोह में छात्रों को उनके पुरस्कारों के साथ प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। पंत प्रशासनिक भवन के काउंटर से उपाधियों का वितरण किया गया। इसके अलावा, समारोह में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को और भी रंगीन और जीवंत बना दिया।

भविष्य की दिशा

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में इस प्रकार के आयोजन छात्रों के उज्जवल भविष्य के संकेत हैं। विश्वविद्यालय में लगातार शिक्षा के स्तर को बेहतर करने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले समय में विश्वविद्यालय में और भी नवाचारों और सुधारों को लागू करने की योजना बनाई गई है, जिससे छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और वैश्विक मानकों के अनुरूप अवसर मिल सकें।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith) का दीक्षांत समारोह इस बार विद्यार्थियों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बनकर सामने आया। जहां एक ओर छात्रों ने अपनी कड़ी मेहनत से गोल्डन मेडल हासिल किया, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय ने शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और भी मजबूत किया। इस कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि छात्र सही दिशा में मेहनत करें, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

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