वैश्विक

Purulia Road Accident: शादी से लौट रहे 9 लोगों की दर्दनाक मौत, बोलेरो-ट्रक की टक्कर ने ली जानें, मंजर देख कांप उठे लोग

Purulia Road Accident पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में शुक्रवार सुबह का समय जैसे मौत बनकर आया। राष्ट्रीय राजमार्ग-18 (NH-18) पर एक बोलेरो कार और ट्रक की टक्कर ने 9 जिंदगियों को लील लिया। यह हादसा बलरामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नामसोल प्राथमिक विद्यालय के पास हुआ। हादसे की भयावहता ऐसी थी कि बोलेरो कार के परखच्चे उड़ गए और शवों को पहचानना तक मुश्किल हो गया।


⚫️
शादी से लौट रहे थे सभी मृतक, खुशियों की रात मातम में बदली

मिली जानकारी के अनुसार, बोलेरो में सवार सभी लोग शादी समारोह से लौट रहे थे। यह सफर पुरुलिया जिले के बड़ाबाजार थाना क्षेत्र के अदबाना गांव से झारखंड के नीमडीह थाना क्षेत्र के तिलाईटांड की ओर जा रहा था। रास्ते में तेज गति से आ रहे ट्रक ने बोलेरो को सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो चकनाचूर हो गई और सभी यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई।


⚫️
टक्कर के बाद ट्रक भी हुआ बेकाबू, खेत में पलट गया वाहन

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोलेरो की स्पीड बहुत ज्यादा नहीं थी, लेकिन सामने से आ रहा ट्रक बेहद तेज रफ्तार में था। ट्रक ड्राइवर ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और बोलेरो को सीधी टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रक भी सड़क किनारे धान के खेत में जा घुसा और वहीं पलट गया। ट्रक ड्राइवर को मामूली चोटें आईं लेकिन बोलेरो में सवार किसी भी यात्री को बचाया नहीं जा सका।


⚫️
स्थानीय लोगों और पुलिस ने शुरू किया रेस्क्यू, शवों को निकाला गया बाहर

घटना के बाद आस-पास के गांवों के लोग शोर सुनकर मौके पर पहुंचे और बोलेरो से शवों को निकालने में जुट गए। तुरंत बलरामपुर थाने की पुलिस टीम भी वहां पहुंची और एंबुलेंस मंगवाकर घायलों को पास के स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। लेकिन डॉक्टर ने सभी को मृत घोषित कर दिया। शवों को पहचानने में भी परेशानी हुई क्योंकि कुछ शव पूरी तरह क्षत-विक्षत थे।


⚫️
बोलेरो और ट्रक की रफ्तार बनी मौत की वजह, जांच में जुटी पुलिस

हादसे की जांच कर रही पुलिस ने बताया कि तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग इस भयानक दुर्घटना की मुख्य वजह हो सकती है। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है और ड्राइवर से पूछताछ जारी है। बोलेरो में सवार मृतकों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है और पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।


⚫️
पुरुलिया-टाटा NH-18 बन रहा है एक्सीडेंट जोन, नहीं है सुरक्षा उपाय

गौरतलब है कि पुरुलिया-टाटा मार्ग (NH-18) पिछले कुछ वर्षों से अत्यंत व्यस्त मार्ग बन चुका है। इस मार्ग पर कई बार ऐसे ही भीषण हादसे सामने आ चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर स्पीड कंट्रोल के कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। न तो स्पीड ब्रेकर हैं, न ही कोई चौकसी। CCTV कैमरे या रात्रि रोशनी की भी भारी कमी है। यह सड़क दिन-ब-दिन मौत का ट्रैप बनती जा रही है।


⚫️
पीड़ित परिवारों में पसरा मातम, गांवों में शोक की लहर

जैसे ही गांवों में यह खबर पहुंची, अदबाना और तिलाईटांड गांवों में कोहराम मच गया। मृतकों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिन घरों में कल तक शादी की खुशियां थीं, आज वहां चिता की राख उड़ रही है। स्थानीय लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी, लेकिन इस दर्द को शब्दों में नहीं बांधा जा सकता।


⚫️
राज्य सरकार से मुआवजे की मांग, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उठी मांग

स्थानीय सामाजिक संगठनों और लोगों ने मांग की है कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दे और ट्रक मालिक व चालक पर सख्त कार्रवाई करे। लोगों का कहना है कि अनियंत्रित वाहनों की बढ़ती संख्या और ड्राइवरों की बेलगाम लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। प्रशासन को तत्काल प्रभाव से सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।


⚫️
पुरुलिया सड़क हादसे से जुड़े पहले के मामले भी चिंताजनक

यह पहला मौका नहीं है जब NH-18 पर ऐसा हादसा हुआ हो। बीते साल भी इसी इलाके में एक वाहन के पलटने से 5 लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा, झारखंड से सटे क्षेत्रों में आए दिन ट्रकों और अन्य भारी वाहनों की लापरवाह ड्राइविंग से हादसे होते रहते हैं। जरूरत है कि इन मार्गों पर विशेष सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जाए।


⚫️
सड़क सुरक्षा और जिम्मेदारी की दरकार

भारत जैसे विशाल देश में सड़क दुर्घटनाएं किसी महामारी से कम नहीं हैं। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, हर साल लाखों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं। जरूरत है कि प्रशासन, पुलिस और आम नागरिक मिलकर सड़क पर सावधानी, नियमों का पालन और जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाएं। तभी ऐसी घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।


पुरुलिया सड़क हादसे ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि अनियंत्रित गति और लापरवाही से चलाए गए वाहन सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज को गहरे जख्म दे सकते हैं। NH-18 जैसे व्यस्त मार्गों पर सुरक्षा उपाय, ट्रैफिक मॉनिटरिंग और ड्राइवर की जवाबदेही नितांत आवश्यक है। इस दर्दनाक हादसे से सबक लेते हुए जरूरी है कि प्रशासन ठोस कदम उठाए ताकि आगे कोई और परिवार इस तरह की त्रासदी का शिकार न हो।

News-Desk

News Desk एक समर्पित टीम है, जिसका उद्देश्य उन खबरों को सामने लाना है जो मुख्यधारा के मीडिया में अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। हम निष्पक्षता, सटीकता, और पारदर्शिता के साथ समाचारों को प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को हर महत्वपूर्ण विषय पर सटीक जानकारी मिल सके। आपके विश्वास के साथ, हम खबरों को बिना किसी पूर्वाग्रह के आप तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी सवाल या जानकारी के लिए, हमें संपर्क करें: info@poojanews.com

News-Desk has 21352 posts and counting. See all posts by News-Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

4 × 3 =