पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार तस्करी: Tarn Taran में बड़ा खुलासा, तीन गिरफ्तार, विदेशी पिस्टल जब्त
तरनतारन/Tarn Taran: पंजाब में हथियारों की तस्करी का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। तरनतारन पुलिस की सीआईए टीम ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए अवैध हथियार मंगवा रहे थे और इन्हें पंजाब व अन्य राज्यों के गैंगस्टरों और असामाजिक तत्वों को सप्लाई किया जा रहा था।
🔶पकड़े गए आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विक्रमजीत सिंह और दलेर सिंह, निवासी गांव सिंहपुरा के रूप में हुई है। तीसरा आरोपी एक नाबालिग है, जिसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। तरनतारन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) दीपक पारीक ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी दी।
🔫ड्रोन के जरिए आता था खतरनाक सामान
एसएसपी दीपक पारीक ने बताया कि यह गैंग पाकिस्तान से ड्रोन की मदद से अवैध हथियार भारत में मंगवाता था। ये ड्रोन रात के अंधेरे में सीमा पार से उड़ान भरते थे और पूर्व निर्धारित लोकेशनों पर हथियार गिरा देते थे, जिन्हें आरोपी तुरंत उठाकर छिपा देते थे। इस बार पुलिस ने दो विदेशी पिस्टल बरामद की हैं, जोकि अमेरिका व ऑस्ट्रिया निर्मित बताई जा रही हैं।
🕵️♂️पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
सीआईए स्टाफ ने गुप्त सूचना के आधार पर एक विशेष ऑपरेशन चलाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह कोई नया मामला नहीं है, बल्कि इसके तार पहले से ही चल रहे हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
👨⚖️अदालत ने दिया पुलिस रिमांड
पकड़े गए दोनों बालिग आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पूछताछ के दौरान उनसे कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है। नाबालिग को कानून के अनुसार बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।
🚔गैंगस्टरों तक पहुंचते थे हथियार
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन हथियारों की सप्लाई प्रदेश के नामी-गिरामी गैंगस्टरों तक की जा रही थी। ऐसे ही हथियारों से पंजाब में हाल ही में हुए कुछ हिंसक अपराधों की गुत्थी भी इस नेटवर्क से जुड़ सकती है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह किसी खालिस्तानी लिंक से भी जुड़ा था या नहीं।
📌सीमा सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह मामला सामने आने के बाद भारत-पाक सीमा की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। आए दिन पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन की हलचल की खबरें आती हैं, और अब यह साफ होता जा रहा है कि इनका इस्तेमाल केवल ड्रग्स के लिए ही नहीं, बल्कि हथियारों की सप्लाई के लिए भी किया जा रहा है।
🔍जांच एजेंसियां सक्रिय
इस मामले में अब एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) और आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) समेत अन्य खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के लिंक की जांच की जा रही है, ताकि इस नेटवर्क की जड़ें पूरी तरह उखाड़ी जा सकें।
🚨ड्रोन से हथियार तस्करी की पुरानी घटनाएं
यह पहली बार नहीं है जब पंजाब में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार मंगवाने की घटना सामने आई हो। इससे पहले भी अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट और फाजिल्का जैसे जिलों में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कई बार ड्रोन में लगे पेलोड में एके-47, पिस्तौल, हैंड ग्रेनेड जैसी घातक वस्तुएं भी पाई गई हैं। इससे साफ है कि पंजाब के सीमावर्ती इलाकों को टारगेट करके देश में अराजकता फैलाने की साजिशें रची जा रही हैं।
📣पुलिस का दावा – और गिरफ्तारियां होंगी
एसएसपी दीपक पारीक ने कहा कि “गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इन लोगों के संपर्क में और भी कई व्यक्ति हैं, जो इस अवैध नेटवर्क का हिस्सा हैं। हमें विश्वास है कि आगे चलकर और हथियार बरामद होंगे और कई और आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।”
🧠नाबालिग की भूमिका पर गंभीर सवाल
इस मामले में एक नाबालिग की संलिप्तता ने किशोर अपराध की गंभीरता को भी उजागर किया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी कम उम्र में बच्चे कैसे संगठित अपराध में शामिल हो रहे हैं? पुलिस अब यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि कहीं स्कूल और कॉलेजों में गैंगस्टर कल्चर तो नहीं पनप रहा, जो युवाओं को अपराध की ओर धकेल रहा है।
🗣️गांव सिंहपुरा का नाम भी चर्चा में
पकड़े गए दोनों आरोपी गांव सिंहपुरा के रहने वाले हैं। अब यह गांव जांच एजेंसियों के रडार पर आ चुका है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या गांव में और भी लोग इस नेटवर्क से जुड़े हैं या यह दो-तीन लोगों की ही करतूत है।
📞हथियार तस्करी में इस्तेमाल होती थी खास कोड भाषा
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी आपस में बातचीत करने के लिए कोड वर्ड और संदिग्ध मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल करते थे, जिससे उनकी बातचीत ट्रेस न हो सके। अब पुलिस उन मोबाइल्स की फॉरेंसिक जांच भी करवा रही है, ताकि चैट्स और कॉल्स के जरिए पूरे नेटवर्क को उजागर किया जा सके।
🔐पंजाब सरकार का सख्त रुख
इस घटना के बाद पंजाब सरकार भी पूरी तरह सख्त हो गई है। मुख्यमंत्री ने राज्य पुलिस को निर्देश दिए हैं कि सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन विरोधी तकनीक स्थापित की जाए और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जाए। साथ ही सभी जिलों में पुलिस की सीमा सुरक्षा यूनिट को एक्टिव किया गया है।

