Muzaffarnagar बाल सम्प्रेक्षण गृह का ADM और SP Crime ने किया औचक निरीक्षण, सुरक्षा और सुधारात्मक गतिविधियों पर दिया जोर
News-Desk
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juvenile home, Muzaffarnagar Administration, police inspection, Rehabilitation Program, up news, इन्दु सिद्धार्थ, एडीएम प्रशासन, किशोर सुधार गृह, बाल सम्प्रेक्षण गृह, मुज़फ्फरनगर न्यूज़Muzaffarnagar में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा बाल सम्प्रेक्षण गृह का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था और किशोरों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का गहनता से जायजा लिया गया। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी दिए।
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) Sanjay Kumar Singh और पुलिस अधीक्षक अपराध Indu Siddharth ने संयुक्त रूप से बाल सम्प्रेक्षण गृह पहुंचकर विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने बैरकों, रिकॉर्ड रूम और सुरक्षा तंत्र की स्थिति का भी परीक्षण किया।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बाल सम्प्रेक्षण गृह परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिसर में नियमित चेकिंग सुनिश्चित की जाए और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरों की लगातार निगरानी बनाए रखने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि आधुनिक निगरानी प्रणाली के माध्यम से सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार अधिकारियों ने सुरक्षा ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों से भी बातचीत की और आवश्यक सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए।
साफ-सफाई और भोजन व्यवस्था का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बाल सम्प्रेक्षण गृह में साफ-सफाई की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। बैरकों, शौचालयों और परिसर की स्वच्छता व्यवस्था की जांच करते हुए संबंधित कर्मचारियों को नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही किशोरों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और रसोई व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने कहा कि भोजन पौष्टिक और स्वच्छ होना चाहिए ताकि किशोरों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।
स्वास्थ्य परीक्षण को लेकर भी अधिकारियों ने विशेष निर्देश दिए और कहा कि नियमित मेडिकल जांच सुनिश्चित की जाए।
मानवीय व्यवहार और पुनर्वास पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि बाल सम्प्रेक्षण गृह में निरुद्ध किशोरों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित किया जाना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थानों का उद्देश्य केवल निगरानी नहीं बल्कि सुधार और पुनर्वास भी होता है। इसलिए किशोरों को सकारात्मक वातावरण, शिक्षा और सुधारात्मक गतिविधियां उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप किशोरों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
शिक्षा और सुधारात्मक गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि बाल सम्प्रेक्षण गृह में रह रहे किशोरों को शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से नई दिशा देने की आवश्यकता है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किशोरों के लिए नियमित काउंसलिंग, खेलकूद, पुस्तकालय और व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों को और बेहतर बनाया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि सुधारात्मक गतिविधियां किशोरों के मानसिक विकास और समाज में पुनर्वास के लिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अभिलेखों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की भी हुई जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अभिलेखों और प्रशासनिक रिकॉर्ड का भी निरीक्षण किया। दस्तावेजों के रखरखाव, उपस्थिति रजिस्टर और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने कहा कि सभी रिकॉर्ड व्यवस्थित और अद्यतन होने चाहिए ताकि किसी भी समय पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
बाल संरक्षण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
विशेषज्ञों का कहना है कि बाल सम्प्रेक्षण गृहों का नियमित निरीक्षण बेहद जरूरी होता है। इससे न केवल सुरक्षा और व्यवस्थाओं की स्थिति बेहतर होती है बल्कि किशोरों के अधिकारों की रक्षा भी सुनिश्चित होती है।
मुजफ्फरनगर प्रशासन द्वारा किया गया यह निरीक्षण बाल संरक्षण और सुधारात्मक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

