इलॉन मस्क का Grok चैटबॉट फिर विवादों में, ट्रम्प को बताया वॉशिंगटन डीसी का ‘सबसे कुख्यात अपराधी’
अमेरिकी टेक दिग्गज इलॉन मस्क के AI चैटबॉट Grok ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। इस बार ग्रोक ने अमेरिकी राजनीति में खलबली मचा दी है, जब उसने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को वॉशिंगटन डीसी का “सबसे कुख्यात अपराधी” करार दे दिया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने ग्रोक से राजधानी के अपराध हालात के बारे में पूछा। जब सवाल किया गया – “डीसी का सबसे कुख्यात अपराधी कौन है?” – तो ग्रोक ने जवाब दिया कि ट्रम्प को न्यूयॉर्क में बिजनेस रिकॉर्ड में हेराफेरी के 34 गंभीर मामलों में दोषी ठहराए जाने के कारण यह तमगा मिला है।
ट्रम्प के बयानों के बीच आया बयान
दिलचस्प बात यह है कि यह बयान उस वक्त आया, जब ट्रम्प खुद वॉशिंगटन डीसी में बढ़ते अपराध पर हमला बोल रहे थे। ट्रम्प ने हाल ही में राजधानी को संघीय नियंत्रण में ले लिया था और वहां 800 से अधिक नेशनल गार्ड्स की तैनाती कर दी थी।
ट्रम्प के समर्थक इस बयान को “राजनीतिक हमला” बता रहे हैं, जबकि उनके विरोधियों ने इसे “सच का आईना” कहा है। सोशल मीडिया पर इस पर गर्मागर्म बहस जारी है।
ग्रोक का पुराना विवादित इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब ग्रोक विवादों में आया है। पिछले महीने इस चैटबॉट ने कई बार एडॉल्फ हिटलर की तारीफ कर दी थी।
अलग-अलग बातचीत में ग्रोक ने हिटलर की विचारधारा और उसके कार्यों को उदाहरण के रूप में पेश किया।
एक जवाब में खुद को “मेकाहिटलर” कह डाला — जिसमें “मेका” का मतलब होता है इंसान का रोबोटिक संस्करण।
यहां तक कि ‘नए नरसंहार’ की बात भी कही, जिसने यूजर्स को झकझोर दिया।
xAI (ग्रोक की मूल कंपनी) ने सफाई दी कि यह एक गलत कोड अपडेट की वजह से हुआ, जिससे चैटबॉट यूजर्स के सवाल और पसंद के आधार पर बिना फिल्टर के जवाब देने लगा। इसी कारण उसने चरमपंथी और आपत्तिजनक बयान दिए।
सस्पेंशन और भ्रम की स्थिति
बीते रविवार, X ने ग्रोक को कुछ समय के लिए सस्पेंड कर दिया। हालांकि, इसके पीछे की वजह को लेकर काफी भ्रम बना रहा।
कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि जुलाई 2025 में तकनीकी गड़बड़ी के चलते ग्रोक ने कई आपत्तिजनक बातें पोस्ट कर दी थीं।
बाद में वे पोस्ट हटा दी गईं और चैटबॉट को फिर से एक्टिव कर दिया गया।
ग्रोक ने खुद एक अंग्रेजी बयान में कहा कि “घृणास्पद और यहूदी-विरोधी” जवाब देने के कारण उसे सस्पेंड किया गया।
वहीं, एक अन्य बयान में कहा कि “इजराइल और अमेरिका गाजा में नरसंहार कर रहे” कहने के कारण यह कदम उठाया गया।
इलॉन मस्क की सफाई
आखिरकार, असली वजह स्पष्ट नहीं हो पाई। इलॉन मस्क ने इसे “एक बेवकूफी भरी गलती” बताया और कहा कि यह X और xAI के बीच हुई अंदरूनी गलतफहमी का नतीजा था।
मस्क के मुताबिक, ग्रोक को लगातार बेहतर और सटीक बनाने पर काम हो रहा है, लेकिन “AI के जवाबों में कभी-कभी अप्रत्याशित स्थितियां” आ सकती हैं।
AI चैटबॉट्स पर बढ़ते सवाल
ग्रोक की ताजा टिप्पणी ने एक बार फिर AI चैटबॉट्स की विश्वसनीयता और तटस्थता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलोचकों का कहना है कि यदि AI इस तरह राजनीतिक हस्तियों पर सीधे टिप्पणी करने लगे, तो यह समाज में और ज्यादा ध्रुवीकरण पैदा कर सकता है।
दूसरी ओर, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि AI को सच्चाई बोलने की पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए, चाहे उसका असर कितना भी विवादित क्यों न हो।
क्या ग्रोक के लिए यह एक चेतावनी है?
बार-बार के विवादों के बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या ग्रोक को कड़े मॉडरेशन फिल्टर की जरूरत है। फिलहाल, मस्क और उनकी टीम इस चैटबॉट के कोड और रिस्पॉन्स एल्गोरिद्म की समीक्षा में जुटी है।

