वैश्विक

Indonesia में फिर हिला धरती: सुलावेसी में 5.7 तीव्रता का भूकंप, हाल ही में पापुआ में आया था 6.3 का झटका

Indonesia के सुलावेसी द्वीप में रविवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) ने बताया कि इस भूकंप की तीव्रता 5.7 थी और इसका केंद्र मात्र 10 किलोमीटर गहराई पर स्थित था।


कोई जनहानि नहीं, प्रशासन अलर्ट पर

अभी तक इस भूकंप से किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान होने की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, इंडोनेशियाई आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा है कि स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कम गहराई पर आए भूकंप का असर ज्यादा खतरनाक हो सकता है, लेकिन फिलहाल राहत की बात है कि इस बार किसी बड़े हादसे की पुष्टि नहीं हुई है।


पिछले हफ्ते पापुआ में आया था 6.3 तीव्रता का झटका

इससे पहले, मंगलवार को इंडोनेशिया के पूर्वी पापुआ क्षेत्र में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया था।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र पापुआ के अबेपुरा शहर से लगभग 193 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था।

लगातार आ रहे इन भूकंपों ने स्थानीय लोगों में चिंता और भय का माहौल बना दिया है। कई जगहों पर लोग अभी भी खुले मैदानों में रात बिताने को मजबूर हैं।


‘रिंग ऑफ फायर’ – भूकंपों से घिरा इंडोनेशिया

इंडोनेशिया का भूगोल इसे दुनिया के सबसे संवेदनशील भूकंप क्षेत्रों में शामिल करता है। यह देश प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है।

  • यह इलाका वह क्षेत्र है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं

  • इसी कारण यहां लगातार ज्वालामुखी विस्फोट और भूकंप आते रहते हैं।

  • इंडोनेशिया में करीब 120 सक्रिय ज्वालामुखी हैं, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा ज्वालामुखीय क्षेत्र भी बनाते हैं।


भूकंप से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाएं

इंडोनेशिया पहले भी कई बार बड़े भूकंपों और सुनामियों की त्रासदी झेल चुका है।

  • 2004 की सुनामी – हिंद महासागर में आए भूकंप के बाद आई सुनामी में लाखों लोगों की जान गई थी।

  • 2018 सुलावेसी भूकंप और सुनामी – पेलु शहर में आए भूकंप के बाद आई सुनामी और भूस्खलन में हजारों लोग मारे गए थे।

इन हादसों की वजह से इंडोनेशियाई प्रशासन हमेशा आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू ऑपरेशन्स को लेकर सतर्क रहता है।


लोगों में दहशत, लेकिन सरकार ने दिलाया भरोसा

सुलावेसी के कई क्षेत्रों में रविवार को आए झटकों से लोग घर छोड़कर बाहर निकल आए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि झटके इतने तेज थे कि कई घरों में सामान हिलने लगा।

हालांकि, सरकार ने जनता को आश्वस्त किया है कि भूकंप के बाद सुनामी का खतरा नहीं है और सभी प्रभावित इलाकों में बचाव दल तैनात किए गए हैं।


भूकंप विशेषज्ञों की चेतावनी

भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि इंडोनेशिया में भूकंप आम बात है, लेकिन लगातार बढ़ती भूकंपीय गतिविधि इस ओर इशारा कर सकती है कि आने वाले समय में और भी बड़े झटके आ सकते हैं।

वे सलाह देते हैं कि

  • लोगों को भूकंप से सुरक्षा के उपाय अपनाने चाहिए,

  • घरों को भूकंप-रोधी संरचना के हिसाब से बनाना चाहिए,

  • और आपातकालीन प्रशिक्षण भी समय-समय पर करवाना जरूरी है।


सुलावेसी और पापुआ – संवेदनशील ज़ोन

विशेषज्ञ बताते हैं कि सुलावेसी और पापुआ दोनों क्षेत्र इंडोनेशिया के सबसे ज्यादा संवेदनशील भूकंप जोन में आते हैं।
यहां की भूगर्भीय गतिविधियां इतनी सक्रिय हैं कि छोटे-बड़े भूकंप अक्सर आते रहते हैं।

इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लगातार आपदा प्रबंधन एजेंसियों से अलर्ट मिलता रहता है।


निष्कर्ष की बजाय अंतिम जानकारी: इंडोनेशिया में सुलावेसी और पापुआ में आए हालिया भूकंपों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह देश ‘रिंग ऑफ फायर’ की संवेदनशीलता से हमेशा प्रभावित रहेगा। भले ही इस बार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन प्रशासन और विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि भविष्य में ऐसे झटके और भी खतरनाक रूप ले सकते हैं। लोगों की सतर्कता और सरकार की तैयारी ही इन प्राकृतिक आपदाओं से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।

 

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