Princess Diana का नाम भी जेफरी एप्सटीन केस में जुड़ा! ब्रिटिश शाही परिवार, ट्रम्प और रहस्यमयी मौतों की सनसनीखेज कहानी
दुनिया के सबसे चर्चित यौन शोषण और मानव तस्करी मामले – Jeffrey Epstein Case – में अब ब्रिटेन की दिवंगत Princess Diana का नाम भी सामने आने से सनसनी फैल गई है। अमेरिका में पहले से ही यह केस चर्चाओं में था, लेकिन अब ब्रिटिश शाही परिवार का यह संवेदनशील अध्याय खबरों की सुर्खियों में है।
एप्सटीन की सहयोगी और गर्लफ्रेंड कही जाने वाली गिसलैन मैक्सवेल ने जेल से बड़ा दावा किया है कि एक इवेंट के दौरान प्रिंसेस डायना को जेफरी एप्सटीन से मिलवाने की कोशिश की गई थी। यह इवेंट डायना की करीबी दोस्त रोजा मॉन्कटन ने आयोजित किया था।
गिसलैन मैक्सवेल का सनसनीखेज दावा
मैक्सवेल ने बताया कि उन्हें यकीन नहीं कि डायना और एप्सटीन की सीधी मुलाकात हुई थी या नहीं, लेकिन यह जरूर तय था कि एप्सटीन उस पार्टी में मौजूद थे। उन्होंने कहा:
“मुझे यह नहीं पता कि क्या एप्सटीन को डायना के साथ डेट पर जाने के लिए तैयार किया जा रहा था, लेकिन मैं डायना के बारे में कुछ गलत नहीं कहना चाहती।”
गौरतलब है कि गिसलैन मैक्सवेल इस समय अमेरिका में नाबालिग लड़कियों की तस्करी और शोषण के आरोप में 20 साल की जेल काट रही हैं।
रोजा मॉन्कटन और डायना की दोस्ती
रोजा मॉन्कटन, जो डायना की बेहद करीबी दोस्त मानी जाती थीं, इस पूरी कहानी में एक अहम कड़ी बन गई हैं। रोजा और उनके पति डोमिनिक लॉसन लंदन की हाई सोसायटी के बड़े नामों में गिने जाते थे।
डायना ने रोजा की एक बेटी का पूरा खर्च उठाया था। उनकी दोस्ती इतनी गहरी थी कि लोग उन्हें लगभग परिवार जैसा मानते थे। इसी वजह से यह खबर और भी चौंकाने वाली है कि डायना को उसी नेटवर्क में जोड़ा जा रहा है, जो यौन अपराधों और तस्करी से जुड़ा था।
समय और तारीख पर सवाल
मैक्सवेल ने दावा किया कि यह मुलाकात 2000 के दशक की शुरुआत में हुई थी, जबकि हकीकत यह है कि प्रिंसेस डायना की मौत 31 अगस्त 1997 को पेरिस की कार दुर्घटना में हो चुकी थी। यही वजह है कि मैक्सवेल के इस बयान पर कई लोग सवाल उठा रहे हैं। क्या यह बयान ध्यान भटकाने के लिए दिया गया है, या इसमें सचमुच कोई छुपा सच है?
प्रिंस एंड्रयू पर भी गंभीर आरोप
मैक्सवेल ने इस मौके पर प्रिंस एंड्रयू को लेकर भी बम फोड़ा। उन्होंने दावा किया कि एंड्रयू और वर्जीनिया गिफ्रे की वह मशहूर तस्वीर नकली है, जिसे अदालत में सबूत के तौर पर पेश किया गया था।
वर्जीनिया गिफ्रे का आरोप था कि वह सिर्फ 16 साल की उम्र में एप्सटीन और मैक्सवेल के जाल में फंस गई थीं और उन्हें लंदन में प्रिंस एंड्रयू के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया था। हालांकि प्रिंस एंड्रयू ने सभी आरोपों से इंकार किया और मामला अदालत के बाहर ही 12 मिलियन पाउंड देकर निपटा दिया।
डोनाल्ड ट्रम्प और एप्सटीन की दोस्ती
Jeffrey Epstein Case की गूंज अमेरिकी राजनीति में भी गहराई से सुनाई दी। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और एप्सटीन की दोस्ती जगजाहिर थी।
2002 में ट्रम्प ने एक मैगजीन को दिए बयान में कहा था:
“मैं जेफ को 15 साल से जानता हूं, वह कमाल का आदमी है। हम दोनों को कम उम्र की खूबसूरत लड़कियां पसंद हैं।”
यही बयान बाद में उनके लिए सिरदर्द बन गया। 1992 में फ्लोरिडा स्थित उनके रिसॉर्ट मार-ए-लागो में एक पार्टी का फुटेज सामने आया, जिसमें ट्रम्प और एप्सटीन हंसते-गिरते नजर आ रहे थे।
एप्सटीन केस: शुरुआत से अंत तक
2006: एप्सटीन पहली बार फ्लोरिडा से नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार हुआ।
2009: वर्जीनिया गिफ्रे ने एप्सटीन और प्रिंस एंड्रयू पर केस दर्ज किया।
2015: कई और नाम सामने आए, जिनमें बिल क्लिंटन तक शामिल थे।
2019: एप्सटीन फिर गिरफ्तार हुआ, लेकिन जेल में रहस्यमयी हालात में उसकी मौत हो गई।
2019: मेडिकल रिपोर्ट ने कहा कि एप्सटीन की गर्दन की हड्डियां टूटी थीं, जो आत्महत्या से नहीं बल्कि गला घोंटने से मेल खाती हैं।
2025 (25 अप्रैल): वर्जीनिया गिफ्रे की भी मौत हो गई, जिसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन सवाल यहां भी खड़े हुए।
एप्सटीन की मौत और साजिश के सवाल
10 अगस्त 2019 को न्यूयॉर्क की जेल में जेफरी एप्सटीन की मौत को आधिकारिक रूप से आत्महत्या बताया गया, लेकिन परिस्थितियां बेहद संदिग्ध थीं।
उस दिन जेल के कैमरे अचानक बंद थे।
गार्ड्स अपने ड्यूटी रूम में सो रहे थे।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गर्दन की टूटी हड्डियां “हत्या” की तरफ इशारा कर रही थीं।
इसी वजह से माना गया कि एप्सटीन की मौत एक सोची-समझी साजिश थी, ताकि उसकी क्लाइंट लिस्ट में शामिल बड़े-बड़े नाम बाहर न आ सकें।
शाही परिवार की मुश्किलें और बढ़ीं
प्रिंसेस डायना का नाम Jeffrey Epstein Case से जुड़ना ब्रिटिश शाही परिवार के लिए बड़ा झटका है।
पहले ही प्रिंस एंड्रयू पर गंभीर आरोप लग चुके हैं।
प्रिंस चार्ल्स (अब किंग चार्ल्स III) की पत्नी रह चुकी डायना का नाम सामने आना विवादों को और हवा दे रहा है।
मीडिया में यह भी चर्चा है कि डायना और एंड्रयू दोनों शाही प्रोटोकॉल से परेशान रहते थे, और शायद यही वजह थी कि वे कई बार हाई सोसायटी पार्टियों में नजर आते थे।
Jeffrey Epstein Case: ग्लोबल पॉलिटिक्स का काला सच
यह केस सिर्फ एक यौन अपराध की कहानी नहीं, बल्कि राजनीति, शाही परिवारों और ग्लोबल पावर सर्किल की सच्चाई उजागर करता है।
ट्रम्प जैसे अमेरिकी राष्ट्रपति,
ब्रिटिश शाही परिवार के प्रिंस,
और अरबपतियों की लंबी लिस्ट –
सबका नाम इस केस में जुड़ चुका है।
यह कहानी बताती है कि सत्ता और पैसे की दुनिया के पीछे कितना काला सच छुपा होता है।

