‘राजा शिवाजी’ फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग तेज: Muzaffarnagar में शिवसेना का प्रदर्शन, CM के नाम सौंपा ज्ञापन
Muzaffarnagar में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म ‘राजा शिवाजी’ को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने फिल्म को उत्तर प्रदेश में टैक्स फ्री घोषित करने की मांग उठाते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। यह मांग न सिर्फ राजनीतिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अहम मानी जा रही है।
शिवसेना का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
पश्चिम प्रदेश उप प्रमुख प्रमोद अग्रवाल के आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने जिला प्रमुख बिट्टू सिखेड़ा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांग रखी। जिला अधिकारी की अनुपस्थिति में सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़ को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में फिल्म को करमुक्त किए जाने की अपील करते हुए कहा गया कि यह केवल एक सिनेमाई प्रस्तुति नहीं, बल्कि ऐतिहासिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है।
शिवाजी महाराज को बताया राष्ट्रगौरव और प्रेरणा का प्रतीक
ज्ञापन में शिवसेना पदाधिकारियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज को राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके जीवन पर आधारित फिल्में नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का प्रभावी जरिया बन सकती हैं।
उन्होंने जोर दिया कि आज के युवाओं को अपने गौरवशाली अतीत से परिचित कराना जरूरी है, और इस दिशा में ऐसी फिल्मों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है।
युवाओं तक पहुंचे इतिहास, इसलिए टैक्स फ्री जरूरी—शिवसेना
पदाधिकारियों का कहना था कि यदि फिल्म को टैक्स फ्री किया जाता है तो ज्यादा से ज्यादा छात्र, युवा और आम नागरिक इसे आसानी से देख पाएंगे। इससे न केवल ऐतिहासिक समझ बढ़ेगी बल्कि देशभक्ति की भावना भी मजबूत होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक बाधाएं अक्सर लोगों को सिनेमाघरों तक पहुंचने से रोकती हैं, ऐसे में करमुक्ति से दर्शकों की संख्या बढ़ सकती है।
ऐतिहासिक फिल्मों को बढ़ावा देने की मांग
ज्ञापन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि इतिहास आधारित फिल्मों को सरकारी स्तर पर प्रोत्साहन मिलना चाहिए। इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है।
शिवसेना नेताओं ने कहा कि मनोरंजन के साथ-साथ यदि फिल्में शिक्षाप्रद भी हों, तो उनका प्रभाव कहीं अधिक व्यापक होता है।
स्थानीय स्तर पर दिखी सक्रियता, कई कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस मौके पर प्रमोद अग्रवाल, बिट्टू सिखेड़ा, लोकेश कश्यप, लोकेश गुप्ता, संजीव गर्ग, मनीष चौधरी, शुभम वाल्मीकि, जतिन कुमार, जॉनी सोनकर, राजीव पाल, सुनील कुमार, रवि कटारिया, संजय त्यागी, संदीप ठाकुर, मोहनलाल, दिनेश, मुकेश और लवकुश समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अपनी मांग को मजबूती से रखा और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई।
सरकार से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद
शिवसेना नेताओं ने भरोसा जताया कि राज्य सरकार उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करेगी और फिल्म को टैक्स फ्री घोषित करने की दिशा में निर्णय ले सकती है। उनका मानना है कि इस तरह के कदम सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में अहम भूमिका निभाते हैं।

