Aligarh: प्राथमिक जूनियर हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक पर छात्रा से छेड़खानी का गंभीर आरोप, पुलिस ने किया गिरफ्तार
Aligarh के जवां थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव में स्थित प्राथमिक जूनियर हाई स्कूल में गुरुवार को सनसनीखेज मामला सामने आया। कक्षा सात की एक 11 वर्षीय छात्रा ने अपने स्कूल के प्रधानाध्यापक शकील अहमद पर छेड़खानी और धमकी देने का आरोप लगाया।
छात्रा की मां ने सीधे एसएसपी से शिकायत की, जिसके बाद 29 अगस्त को पुलिस ने आरोपी प्रधानाध्यापक को हिरासत में लिया। इस मामले में बीएसए डॉ. राकेश कुमार सिंह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शकील अहमद को निलंबित कर दिया।
घटना की पूरी कहानी
घटना 23 अगस्त की बताई जा रही है। पीड़िता की मां ने मीडिया को बताया कि उनकी बेटी स्कूल से घर लौटते समय उदास थी। जब उन्होंने प्यार से पूछा तो बच्ची ने बताया कि प्रधानाध्यापक स्कूल में उसके साथ छेड़खानी करता है, उसके प्राइवेट अंगों को छूता है और विरोध करने पर उसे फेल करने की धमकी देता है।
पीड़िता की मां ने आगे बताया कि प्रधानाध्यापक दूसरे समुदाय का है और उनकी बेटी से निकाह करने की बात करता है। इस गंभीर शिकायत के बाद उन्होंने तुरंत एसएसपी से संपर्क किया।
एसएसपी ने प्रारंभिक जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए और थाना जवां में मामला दर्ज कर लिया गया। आरोपी प्रधानाध्यापक शकील अहमद ने लगाए गए सभी आरोपों को गलत बताया है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने मीडिया को बताया कि आरोपी के खिलाफ धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
इस बीच, बीएसए डॉ. राकेश कुमार सिंह ने तुरंत स्कूल में सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में कोई रियायत नहीं की जाएगी।
समाज और स्कूल प्रशासन पर बढ़ रहा दबाव
अलीगढ़ में इस घटना के बाद समाज में आक्रोश है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। स्कूल प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं कि कैसे प्रधानाध्यापक जैसी स्थिति में रहते हुए छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई और बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना बेहद जरूरी है। मानसिक और शारीरिक सुरक्षा दोनों ही बच्चों के लिए अनिवार्य हैं।
कानूनी प्रक्रिया और आगामी जांच
पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। आरोपी के खिलाफ धारा 326A, 354A, और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच में स्कूल के अन्य स्टाफ और छात्रों से बयान लिए जा रहे हैं।
पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा और मानसिक सहायता प्रदान करने के लिए प्रशासन ने स्पेशल टीम का गठन किया है।
सावधानी और भविष्य की कार्रवाई
अलीगढ़ में यह मामला शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सावधानी की अलार्म है। ऐसे मामलों से निपटने के लिए स्कूलों में CCTV, बच्चों की सुरक्षा नीति और सख्त अनुशासन जरूरी हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

