Gurugram की ताइक्वांडो की तीन शेरनियाँ – गीता, रीतू और प्रिया यादव ने रचा इतिहास, एशिया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम🔥
हरियाणा Gurugram की धरती ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह खेल प्रतिभाओं की जन्मभूमि है। Gurugram Taekwondo Sisters गीता यादव, रीतू यादव और प्रिया यादव ने अपने दमदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है। हाल ही में तीनों बहनों का नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ है। यह पहली बार है जब तीन सगी बहनों ने एक साथ किसी देश का प्रतिनिधित्व किया और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते।
कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने किया सम्मानित
गुरुग्राम में आयोजित एक विशेष समारोह में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने इन तीनों बहनों को सम्मानित किया। समारोह में वजीराबाद गांव के लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिला। मंत्री ने कहा कि ये तीनों बहनें न केवल गुरुग्राम बल्कि पूरे देश का गौरव हैं।
उन्होंने कहा –
“ये केवल खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि प्रेरणा की प्रतिमूर्ति हैं। हरियाणा के लोग इन्हें बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की जीवंत मिसाल के रूप में देखते हैं। जब ये बेटियां ओलंपिक और विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक लेकर लौटेंगी, तब पूरा हरियाणा गर्व से सिर ऊंचा करेगा।”
हरियाणा सरकार की स्पोर्ट्स पॉलिसी बनी मिसाल
राव नरबीर सिंह ने इस मौके पर कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने खिलाड़ियों के लिए ऐसी खेल नीति बनाई है, जो पूरे देश में मिसाल बन चुकी है। खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण, पोषण, उपकरण, विदेशी दौरे और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि समाज और उद्योग जगत को भी इन बेटियों की ताकत बनना चाहिए। उन्होंने उद्योगपतियों, व्यापारिक संस्थानों और समाजसेवियों से आह्वान किया कि वे खेल प्रतिभाओं को आर्थिक मदद दें ताकि ये और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकें।
एशिया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम
इनके पिता जितेंद्र यादव ने गर्व से बताया कि उनकी बेटियों ने एक ही समय में एशिया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कर इतिहास रच दिया। यह ऐसा दुर्लभ क्षण है जो पूरे गांव और राज्य के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि बेटियों ने यह मुकाम अपनी कड़ी मेहनत, त्याग और अनुशासन से पाया है।
50 से ज्यादा मेडल जीत चुकी हैं बहनें
गीता, रीतू और प्रिया यादव ने अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 50 से ज्यादा पदक जीते हैं। उनकी उपलब्धियां हरियाणा के स्पोर्ट्स कल्चर को नई पहचान दे रही हैं।
गीता यादव की उपलब्धियां
WT प्रेसिडेंट कप 2025 (ऑस्ट्रेलिया) – पदक विजेता
ऑस्ट्रेलियन ओपन 2025 – मेडल
वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 (जर्मनी) – मेडल
2023 में ऑस्ट्रेलियन ओपन (सिल्वर), प्रेसिडेंट कप और ओशिनिया ओपन (गोल्ड)
2022 में स्वीडिश ओपन और यूरोपियन कप में मेडल, साउथ एशियन गेम्स में सिल्वर
रीतू यादव की उपलब्धियां
WT प्रेसिडेंट कप 2025 और ऑस्ट्रेलियन ओपन 2025 (ब्रॉन्ज)
2023 में प्रेसिडेंट कप और ओशिनिया ओपन (गोल्ड), ऑस्ट्रेलियन ओपन (सिल्वर)
2022 में स्वीडिश ओपन और यूरोपियन कप में मेडल
प्रिया यादव की उपलब्धियां
WT प्रेसिडेंट कप 2025 और ऑस्ट्रेलियन ओपन 2025 (ब्रॉन्ज)
2023 में प्रेसिडेंट कप और ओशिनिया ओपन (गोल्ड), ऑस्ट्रेलियन ओपन (सिल्वर)
2022 में मून डे संग पीस कप (दक्षिण कोरिया) में ब्रॉन्ज, स्वीडिश और यूरोपियन कप में भी पदक
हरियाणा के लिए प्रेरणा बनीं वजीराबाद की बहनें
गुरुग्राम के वजीराबाद गांव की ये तीनों बहनें हरियाणा के हर घर में प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। गांव के लोगों का कहना है कि गीता, रीतू और प्रिया ने अपनी मेहनत और लगन से गांव का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर दिया है।
भविष्य की बड़ी उम्मीदें
आने वाले समय में यह तिकड़ी ओलंपिक और विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए स्वर्ण पदक लाने का सपना देख रही है। गुरुग्राम के लोगों और पूरे हरियाणा को इन बेटियों पर गर्व है और अब सबकी नजरें उनके अगले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट पर टिकी हैं। यदि समाज और सरकार का साथ इसी तरह मिलता रहा, तो आने वाले वर्षों में ये बेटियां भारत का नाम ओलंपिक पदक तालिका में सुनहरे अक्षरों में लिखने में सफल होंगी।

