Unnao में पत्नी से नजदीकी के शक में हिस्ट्रीशीटर जीजा को साले और परिवार ने खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा, मौत
Unnao जिले के बड़ौरा गांव में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति की कथित तौर पर अपनी पत्नी से नजदीकी को लेकर किए गए शक के कारण बेरहमी से हत्या कर दी गई। हिस्ट्रीशीटर नरेंद्र उर्फ लाला (50) को उसके साले और उसके परिवार ने खंभे से बांधकर क्रूरता से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है, जिसमें से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी की तलाश जारी है।
मृतक का नाम नरेंद्र उर्फ लाला, हिस्ट्रीशीटर था
नरेंद्र उर्फ लाला बड़ौरा गांव का निवासी था और उसकी पत्नी का नाम नन्हा था। नरेंद्र पर पहले से ही कई गंभीर अपराधों का आरोप था। उसके खिलाफ चोरी, लूट और हत्या के 12 से अधिक मुकदमे दर्ज थे, जिससे उसे हिस्ट्रीशीटर माना जाता था। इसके बावजूद, उसकी मौत की वजह कुछ और ही थी, जो एक घरेलू विवाद से जुड़ी हुई है।
पिता को खंभे से बांधकर पीटते रहे, बच्चे और पत्नी ने भीख मांगी
गंभीर विवाद तब शुरू हुआ जब नरेंद्र के साले गंगाराम ने उस पर अपनी पत्नी से नजदीकी का आरोप लगाया। गंगाराम और उसकी पत्नी बालेश्वरी ने नरेंद्र पर शक किया कि वह उनकी बहन के साथ नजदीकी बना रहा है। इस आरोप को लेकर गंगाराम और नरेंद्र के बीच कई बार झगड़े हुए थे। बुधवार शाम को भी गंगाराम ने नरेंद्र को देख लेने की धमकी दी थी। अगले दिन यानी बृहस्पतिवार को गंगाराम ने अपनी पत्नी बालेश्वरी, बेटे कमलेश और बहू नीलम के साथ मिलकर नरेंद्र को घर के बरामदे में खंभे से बांध दिया और बेरहमी से उसकी पिटाई शुरू कर दी।
नरेंद्र की पत्नी नन्हा और उसके बच्चे पिटाई के दौरान बार-बार आरोपी परिवार से उसे छोड़ने की गुहार लगाते रहे, लेकिन आरोपियों ने उनकी एक न सुनी। बच्चे अपने पिता की जान की भीख मांगते रहे, लेकिन उसे पीटते हुए बेरहमी से मार डाला गया।
गंभीर चोटों के बावजूद डॉक्टर ने किया मृत घोषित
पड़ोसियों के हस्तक्षेप के बाद नरेंद्र को रस्सी से खोलकर उसे बिछिया सीएचसी (स्वास्थ्य केंद्र) ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। नरेंद्र की गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई थी। उसकी पीठ और सिर में गहरी चोटें आईं थीं, जो उसे मारने के बाद उसके शरीर पर मौजूद थीं। इस भयावह कृत्य से पूरे गांव में हड़कंप मच गया और पुलिस प्रशासन को तुरंत सूचित किया गया।
हत्यारोपी परिवार की कहानी – जमीन का विवाद और पैसों की मांग
हत्यारोपी गंगाराम ने पुलिस को बताया कि नरेंद्र उसे और उसके परिवार को परेशान करता था। उसका आरोप था कि नरेंद्र ने गंगा एक्सप्रेसवे पर तीन बीघा ज़मीन को लेकर विवाद शुरू किया था, जिसके बदले उसे करीब दो करोड़ रुपये का मुआवजा मिला था। गंगाराम का कहना है कि नरेंद्र बार-बार पैसे की मांग करता था और उसे न देने पर झगड़ा करता था। यही झगड़े अब तक बढ़ते गए और आखिरकार एक दिन इसने खून-खराबे का रूप ले लिया।
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया, नीलम गिरफ्तार
पुलिस ने मृतक की पत्नी नन्हा की तहरीर पर गंगाराम, उसकी पत्नी बालेश्वरी, बेटे कमलेश और बहू नीलम के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने एक आरोपी नीलम को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। थानाध्यक्ष राजेश पाठक ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
गांव में मचा हड़कंप, परिवार के रिश्तों में दरार
इस दिल दहला देने वाली घटना ने गांव में हड़कंप मचा दिया है। बड़ौरा गांव में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था कि परिवार के सदस्य इस हद तक चले जाएं। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि घरेलू विवाद कभी भी हिंसा का रूप ले सकते हैं, और इस मामले में तो रिश्तों की सीमा भी टूट गई। जिस परिवार ने कभी एक-दूसरे का साथ दिया था, वही परिवार अब इस भयानक कृत्य का जिम्मेदार बन चुका है।
नतीजा – एक परिवार के टूटने का दुखद अंत
यह घटना एक गहरी शिक्षा देती है कि विवादों को सुलझाने का तरीका अगर हिंसा है, तो उसका परिणाम हमेशा गंभीर होता है। एक छोटे से विवाद ने न केवल एक जीवन को समाप्त कर दिया, बल्कि एक परिवार को भी खत्म कर दिया। नरेंद्र की मौत का दुख उनके परिवार में रहेगा, जबकि आरोपियों की जिंदगी अब पीछे मुड़कर देखेगी कि उन्होंने किसे खो दिया और क्यों।
इस घटना ने न केवल बड़ौरा गांव को बल्कि पूरे उन्नाव जिले को हिलाकर रख दिया है। एक छोटी सी घरेलू बात ने एक व्यक्ति की जान ले ली और एक परिवार को तोड़ डाला। यह घटना हम सभी को यह याद दिलाती है कि हमें किसी भी विवाद को शांति और समझदारी से सुलझाना चाहिए, ताकि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं ना घटित हों।

