Bareilly: छेड़खानी के आरोपी रेलकर्मी ने थाने में किया इंस्पेक्टर पर हमला, वर्दी फाड़ी
Bareilly के सुभाषनगर थाने में छेड़खानी के आरोपी एक रेलकर्मी ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। घटना के दौरान आरोपी ने थाने में न सिर्फ पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की, बल्कि थाना प्रभारी की वर्दी भी फाड़ दी। इस वारदात के बाद आरोपी के खिलाफ एक और रिपोर्ट दर्ज की गई और उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। यह मामला बरेली के सुभाषनगर थाना परिसर में बृहस्पतिवार को घटित हुआ, जब पॉक्सो एक्ट के आरोपी रेलकर्मी गंगापुरी गोस्वामी (58) को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था।
अचानक हुआ हमला: पुलिसकर्मियों को चौंकाने वाला बर्ताव
सुभाषनगर थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार के अनुसार, आरोपी गंगापुरी गोस्वामी का पुलिस से पंगा लेने का कोई मौका नहीं छोड़ता था। वह अपने फोन पर वादी महिला को धमकाते हुए कॉल कर रहा था, जिससे पुलिस को शक हुआ। जब मालखाना प्रभारी दीपक शर्मा ने आरोपी से फोन छीनने का प्रयास किया, तो गंगापुरी ने उन्हें गालियां दीं और गिरेबान पकड़कर उन्हें पीटने लगा।
इस घटना से सब लोग हैरान रह गए। शोर सुनकर प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार कार्यालय से बाहर आए और आरोपी को समझाने का प्रयास किया। लेकिन गंगापुरी ने उनकी बातों को भी नजरअंदाज किया और प्रभारी निरीक्षक की शर्ट पर लगा बैज नोच लिया। इस निंदनीय हरकत के कारण पुलिस को मजबूर होकर आरोपी के खिलाफ एक और रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी।
पॉक्सो एक्ट का आरोपी और महिला से जुड़ी गंभीर आरोप
गंगापुरी गोस्वामी पर आरोप है कि उसने एक महिला के नाबालिग बेटे के साथ गलत हरकत की थी। महिला के पति ने इसे लेकर शिकायत की थी, जिसके बाद गंगापुरी के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, इससे पहले गंगापुरी ने महिला को अपने घर में रखा था और बाद में महिला के पति ने उसे ढूंढकर वहां पहुंचने के बाद ये आरोप लगाए थे।
सुभाषनगर थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि गंगापुरी पहले भारतीय सेना की इंजीनियरिंग कोर में जेसीओ के पद पर तैनात था। वहां से सेवानिवृत्त होने के बाद उसने रेलवे में तकनीकी पद पर कार्य शुरू किया। बरेली जंक्शन पर उसकी ड्यूटी थी, जहां उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे।
हिरासत में रहते हुए भी आरोपी की धमकी
दिलचस्प बात यह है कि गंगापुरी पुलिस की हिरासत में होने के बावजूद महिला को धमकाता रहा। उसने चोरी का एक कीपैड फोन अपने शर्ट में छुपा रखा था और वहां से महिला को कॉल कर परेशान करता रहा। जब मुंशी ने आरोपी से फोन छीना और उसे टोकने की कोशिश की, तो उसने विरोध किया और शोर मचाया, जिससे सरकारी काम में रुकावट आई।
इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने कहा कि गंगापुरी के खिलाफ अब रेलवे को भी रिपोर्ट भेज दी गई है, ताकि उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।
आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
इस पूरे मामले के बाद बरेली में पुलिसकर्मियों पर हमले को लेकर गुस्सा व्याप्त हो गया है। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर बेहद नाराज हैं और पुलिस पर हुए हमले की कड़ी निंदा कर रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि आरोपी ने पुलिस का मनोबल तोड़ने का प्रयास किया और इस घटना से यह साबित हो गया कि कभी-कभी आरोपियों का साहस इतना बढ़ जाता है कि वे पुलिस के सामने भी हिंसा का सहारा लेते हैं।
क्यों हुआ आरोपी को इतना साहस?
इस घटना के बाद सवाल यह उठ रहा है कि आखिर आरोपी को पुलिसकर्मियों से भिड़ने का इतना साहस क्यों हुआ? क्या गंगापुरी ने जानबूझकर यह किया, या फिर इसके पीछे कुछ और कारण थे? कई जानकारों का मानना है कि जब आरोपी को पता चला कि उसे कोर्ट से तुरंत जमानत मिल सकती है, तो उसने पुलिस को चुनौती देने की योजना बनाई थी।
बरेली के इस मामले ने पुलिसकर्मियों और समाज के लिए कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी की जमानत पर भी चर्चा हो रही है, खासकर उन लोगों के लिए जो इस तरह के अपराधों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया और न्याय की उम्मीद
पुलिस विभाग ने इस मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ नई रिपोर्ट दर्ज की और उसे जेल भेज दिया। हालांकि अब सवाल यह है कि क्या गंगापुरी को कड़ी सजा मिलेगी और क्या इस तरह की घटनाओं के खिलाफ पुलिस प्रशासन और सख्त कदम उठाएगा।
आखिरकार, इस घटना ने बरेली के लोगों को जागरूक किया है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

