उत्तर प्रदेश

Bareilly में वकील महजबीन की दहेज हत्या का सनसनीखेज केस: पति तलहा और सास असमा गिरफ्तार—गले पर गहरा घाव, मुंह से झाग निकलता मिला

उत्तर प्रदेश के Bareilly में वकील परिवार की बेटी महजबीन की संदिग्ध मौत ने दहेज अपराध की भयावह तस्वीर फिर सामने रख दी है। थाना प्रेमनगर पुलिस ने महजबीन के पति तलहा और सास असमा सकलैनी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया

महजबीन, जो पेशे से एक अधिवक्ता थीं और जज की भतीजी भी, इस साल फरवरी 2025 में तलहा से निकाह के बाद ससुराल में रह रही थीं।
लेकिन शादी के कुछ ही महीनों बाद उनका जीवन एक दर्दनाक अंत तक पहुंच गया।


शिकायत में बड़ा आरोप—दहेज में कार और अन्य सामान की मांग करते थे पति-ससुराल वाले

महजबीन के पिता हाशिम अंसारी ने प्रेमनगर थाने में दर्ज कराई FIR में आरोप लगाया कि—

  • पति तलहा,

  • सास असमा सकलैनी,

  • ससुर मेहंदी हसन,

  • और परिवार के 5 अन्य लोग

दहेज में कार और अतिरिक्त सामान की लगातार मांग कर रहे थे।
परिजनों का कहना है कि मांगें न पूरी होने पर महजबीन को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।

27 नवंबर की रात महजबीन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
परिजनों ने इसे सीधा दहेज हत्या बताया और पति-पत्नी पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए।


घटना वाली रात क्या हुआ?—सूत्रों ने बताया, गले पर गहरा घाव, मुंह से झाग निकल रहा था

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, महजबीन के—

  • गले पर गहरा कट जैसा निशान

  • मुंह से झाग निकलना
    देखा गया, जो हत्या की ओर संकेत करता है।

सूत्र बताते हैं कि बुधवार रात किसी समय महजबीन की मौत हुई।
इसके बाद पति तलहा उसे अपने किसी रिश्तेदार के अस्पताल लेकर गया, जहां से यह सूचना महजबीन के परिजनों तक पहुंच गई।


परिजनों का गुस्सा—तलहा, उसकी मां और पिता की जमकर पिटाई

जब महजबीन के परिवारजन अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने—

  • तलहा

  • उसकी मां असमा

  • और उसके पिता मेहंदी हसन
    को देख लिया और गुस्से में उनकी जमकर पिटाई कर दी

स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को बीच में आकर तलहा और असमा को सुरक्षित निकालना पड़ा।
ससुर मेहंदी हसन मौके से फरार हो गया।


पुलिस कार्रवाई—तलहा और असमा गिरफ्तार, मेहंदी हसन अब भी फरार

थाना प्रभारी प्रयागराज सिंह की टीम ने तलहा और असमा सकलैनी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया

हालांकि—

  • FIR में नामजद मेहंदी हसन
    अब भी फरार है, और पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच ही बताएगी कि महजबीन की मौत दुष्प्रयोग से हुई या किसी अन्य तरीके से


महजबीन: पढ़ी-लिखी, आत्मनिर्भर और वकीलों के परिवार की लाल—शादी के 9 महीने बाद ही मौत

महजबीन सिर्फ 9 महीने पहले ही दुल्हन बनी थीं।
सहसवानी टोला निवासी एक चर्चित वकील परिवार से आने वाली महजबीन—

  • जज की भतीजी थीं

  • खुद अधिवक्ता थीं

  • पढ़ी-लिखी, आत्मनिर्भर और समाज में सम्मानित

परिजनों का कहना है कि उन्हें बेटी की शादी से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन दहेज के लालच में उसकी जान ले ली गई।


परिवार का दर्द—“हमारी बेटी को न्याय मिले, आरोपी कड़ी सजा पाएं”

महजबीन के पिता हाशिम अंसारी फफकते हुए कहते हैं—
“जिस घर में उसे रानी बनकर रहना था, उसी घर ने उसे मार दिया। हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक सभी आरोपियों को सख्त सजा नहीं मिलती।”

परिवार और वकील समुदाय न्याय की मांग को लेकर सड़क से कोर्ट तक सक्रिय है।


कानूनी समुदाय में भी आक्रोश—महजबीन अधिवक्ता थीं, बार एसोसिएशन में चर्चा तेज

क्योंकि महजबीन कानूनी समुदाय से जुड़ी थीं, इसलिए यह मामला और व्यापक रूप से उठ रहा है।
बार एसोसिएशन की बैठकों में—

  • दहेज उत्पीड़न

  • महिला सुरक्षा

  • वकील परिवारों के खिलाफ हिंसा
    जैसे मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।

वकील समुदाय ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों को शीघ्र सजा नहीं मिली, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।


क्या कह रही है पुलिस?—पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बनेगी सबसे अहम कड़ी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्टों से—

  • मृत्यु का वास्तविक समय

  • कारण

  • गले के घाव की प्रकृति

  • झाग निकलने के कारण
    इन सबकी पुष्टि होगी।

इसी रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


समाज में फिर बड़ा सवाल—कब खत्म होगा दहेज हत्या का सिलसिला?

महजबीन की मौत ने एक बार फिर वही सवाल खड़ा कर दिया है—

  • educated और earning महिलाएँ भी दहेज हिंसा से सुरक्षित क्यों नहीं हैं?

  • दहेज कानून होना पर्याप्त है या कार्रवाई में और तेजी चाहिए?

  • क्या समाज में दहेज मांगने वालों के खिलाफ सख्त सामाजिक बहिष्कार जरूरी है?

Bareilly Mahjabeen dowry murder case एक और दर्दनाक मिसाल बन गया है कि दहेज का दानव अभी भी लाखों परिवारों पर कहर बनकर टूट रहा है।


महजबीन की मौत ने पूरे बरेली और कानूनी समुदाय को शोक और गुस्से में डुबो दिया है। दहेज की मांग ने एक बार फिर एक शिक्षित, आत्मनिर्भर और सम्मानित महिला का जीवन छीन लिया। परिजन न्याय और कठोर कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि पुलिस जांच की रफ्तार तेज कर चुकी है। आने वाली सुनवाई में यह तय होगा कि इस दिल दहला देने वाले केस में न्याय किस गति से मिलता है।

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