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Muzaffarnagar में अवैध शराब धंधे पर बड़ी कार्रवाई: 29 दुकानों पर रातों-रात छापेमारी, आबकारी टीम की सख़्ती से मचा हड़कंप |

Muzaffarnagar । जिले में शराब की दुकानों पर मनमानी, ओवररेटिंग और अवैध स्टॉक की शिकायतों के बीच प्रशासन अचानक एक्शन मोड में आ गया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देश पर उप जिला मजिस्ट्रेटों की टीम और जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह ने एक साथ पूरे जनपद में Liquor Shop Inspection का बड़ा अभियान चलाया, जिसमें कुल 29 दुकानों पर औचक निरीक्षण किया गया।
इस कार्रवाई ने शराब कारोबारियों में बड़ी हलचल पैदा कर दी है और पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है कि प्रशासन इस बार किसी भी अनियमितता को बिल्कुल बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।


निरीक्षण का दायरा बेहद व्यापक—देशी शराब, कम्पोजिट और मॉडल शॉप सभी निशाने पर

अभियान की खास बात यह रही कि यह केवल एक-दो दुकानों तक सीमित नहीं था।
बल्कि—

  • देशी शराब की 11 दुकानें

  • कम्पोजिट शॉप की 11 दुकानें

  • मॉडल शॉप की 07 दुकानें
    को शामिल कर प्रशासन ने साफ संकेत दे दिया कि यह केवल औपचारिकता नहीं बल्कि सख़्त निगरानी का चरण शुरू हो चुका है।

हर तहसील से संबंधित उप जिला मजिस्ट्रेट (SDM) खुद टीम के साथ मौजूद रहे।
यह पहला मौका था जब इतनी अधिक संख्या में दुकानों पर एक साथ Liquor Shop Inspection किया गया।


दस्तावेज़ों की कड़ी जाँच—अनुज्ञापन से लेकर स्टॉक रजिस्टर तक सबकी पड़ताल

निरीक्षण के दौरान दुकानों के सभी प्रमुख दस्तावेज़ों की गहन जाँच की गई।
टीमों ने सबसे पहले यह सुनिश्चित किया कि—

  • अनुज्ञापन (License) मानक के अनुरूप हो

  • स्टॉक रजिस्टर पूरा और अद्यतन हो

  • स्टॉक और रजिस्टर में कोई अंतर न पाए जाए

  • दुकान में अनिवार्य सूचनाएँ सार्वजनिक रूप से चस्पा हों

कई दुकानों पर दस्तावेज़ पूरी तरह व्यवस्थित मिले, जिससे अधिकारियों ने संतोष जताया।
साथ ही कई जगह कर्मचारियों को दस्तावेज़ सही ढंग से रखने के निर्देश भी दिए गए।


स्कैनिंग सिस्टम से स्टॉक की पड़ताल—बारकोड और QR कोड की डिजिटल जाँच में कोई गड़बड़ी नहीं

आबकारी विभाग की टीम ने इस बार हाई-टेक तरीके से जाँच को और सख्त बनाया।
दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक को रैंडम आधार पर स्कैनर से स्कैन किया गया, जिसमें—

  • बोतलों पर लगे बारकोड

  • कैन और पौव्वों पर लगे QR कोड

  • क्रेट (पेटियों) के सील कोड
    सभी को बारीकी से मिलाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि एक भी कोड संदिग्ध नहीं मिला, जो यह दर्शाता है कि दुकानों ने स्टॉक मैनेजमेंट में इस बार नियमों का पालन किया है।


पुराने स्टॉक, खुली बोतल या अवैध माल—कुछ भी नहीं मिला

टीम ने यह भी देखा कि कहीं दुकान पर—

  • पिछले वित्तीय वर्ष की शराब

  • खुली बोतल

  • बिना बिल का स्टॉक

  • या संदिग्ध माल
    तो नहीं रखा गया है।

जाँच में सामने आया कि हर दुकान पर केवल वित्तीय वर्ष 2025–26 का ही स्टॉक मौजूद था और कोई बोतल खुली नहीं मिली।
यह रिपोर्ट प्रशासनिक संतोष के लिए महत्वपूर्ण रही।


ओवररेटिंग पर सख्त नज़र—ग्राहकों से ‘टेस्ट परचेज’ करवाकर जांच पूरी

ओवररेटिंग यानी निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत लेने की शिकायतें जिले में अक्सर चर्चा का विषय रहती हैं।
इसीलिए इस बार अधिकारियों ने विशेष निर्देश के तहत ग्राहकों से सीधे टेस्ट परचेज कराया, ताकि यह पता चल सके कि दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक तो नहीं वसूल रहे।

टेस्ट परचेज में पाया गया कि—

  • सभी दुकानों में बिक्री निर्धारित रेट पर ही हो रही थी

  • कोई अतिरिक्त शुल्क या ओवररेटिंग सामने नहीं आई

  • दुकानों पर रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित थी

इसके बाद भी अधिकारियों ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


‘m-Excise App’ की सार्वजनिक जानकारी—QR कोड स्कैन करने पर पूरी सूचना प्राप्त

निरीक्षण के दौरान हर दुकान पर यह भी चेक किया गया कि—

  • m-Excise Mobile App डाउनलोड करने का QR कोड

  • रेट लिस्ट

  • उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ी सूचना

सार्वजनिक रूप से चस्पा है या नहीं।
कई दुकानों पर यह सुविधा ठीक मिली और अधिकारियों ने निर्देश दिया कि यह सूचना हमेशा स्पष्ट रूप से लगी रहनी चाहिए।


स्वच्छता, CCTV और दुकान व्यवस्था भी जांच का हिस्सा

Liquor Shop Inspection के दौरान केवल कागज़ी कार्यवाही ही नहीं हुई, बल्कि दुकान परिसर की स्वच्छता और सुरक्षा भी जांची गई।

  • अंदर और बाहर की साफ-सफाई

  • दुकान का लेआउट

  • CCTV कैमरों की कार्यशील स्थिति

  • स्टॉक रूम की व्यवस्था

इन सभी पहलुओं पर टीम ने ध्यान दिया।
CCTV कैमरे हर दुकान पर चालू स्थिति में मिले।


विक्रेताओं को सख्त चेतावनी—नियमों का उल्लंघन करने पर तत्काल कार्रवाई

निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने सभी दुकानदारों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि—

  • दुकानें केवल नियमानुसार चलें

  • ग्राहक से अभद्रता या बहस की स्थिति न बने

  • स्टॉक रिकॉर्ड हमेशा अपडेट रहे

  • ओवररेटिंग के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस नीति लागू है

  • अवैध बिक्री का किसी भी स्तर पर कोई स्थान नहीं

साथ ही ग्राहकों से भी अपील की गई कि यदि किसी दुकान पर अवैध गतिविधि दिखे तो तुरंत आबकारी विभाग को सूचित करें।


जनपद में हड़कंप—एक साथ 29 दुकानों की चेकिंग ने शराब कारोबारियों को चौकन्ना कर दिया

यह कार्रवाई इतनी अचानक और व्यापक थी कि कई दुकानों और ठेकों में हलचल बढ़ गई।
पूरे जिले में चर्चा फैल गई कि प्रशासन अब बड़े स्तर पर कड़ाई बरतने के मूड में है।

लोगों का कहना है कि यह निरीक्षण शराब माफियाओं और ओवररेटिंग करने वालों को एक बड़ा संदेश है कि जिले में अब व्यवस्थित और पारदर्शी शराब बिक्री को बढ़ावा दिया जाएगा।


मुज़फ्फरनगर में संचालित 29 शराब दुकानों पर किया गया यह व्यापक Liquor Shop Inspection अभियान प्रशासन की सख़्त एवं पारदर्शी नीति का संकेत है। उप जिला मजिस्ट्रेटों और जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह की संयुक्त टीम ने जिस तेज़ी और तकनीकी दक्षता के साथ निरीक्षण पूरा किया, उसने न केवल दुकानदारों को सतर्क किया है, बल्कि आम नागरिकों में भी भरोसा जगाया है कि आने वाले समय में शराब व्यापार पूरी तरह नियमों के दायरे में रहेगा और किसी भी प्रकार की अवैधता पर त्वरित कार्रवाई निश्चित है।

 

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