LIC के नाम पर करोड़ों की ठगी! Bareilly में कैनविज कंपनी का बड़ा खेल, शातिर कन्हैया गुलाटी ने ऐसे फंसाए निवेशक
News-Desk
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Bareilly investment fraud, Canwiz company cheating investors, Canwiz scam Bareilly, Kanhaiya Lal Gulati fraud case, LIC logo misuse fraud, MLM scam Uttar PradeshBareilly से सामने आया यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि कैसे बड़े नाम और सरकारी संस्थानों की साख का गलत इस्तेमाल कर आम लोगों को ठगा जाता है। कैनविज सेल्स एंड मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के जरिए निवेशकों के करोड़ों रुपये हड़पने का आरोपी कन्हैया लाल गुलाटी बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता रहा।
आरोप है कि निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए उसने अपनी कंपनी के प्रचार-प्रसार में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का नाम, लोगो और उससे कथित जुड़ाव दिखाया। सरकारी बीमा कंपनी से संबंध समझकर लोगों ने बिना ज्यादा पड़ताल के बड़ी-बड़ी रकम निवेश कर दी और बाद में ठगी का शिकार हो गए। यही मामला अब Canwiz scam Bareilly के नाम से चर्चा में है।
LIC का लोगो बना ठगी का हथियार
बताया जा रहा है कि कैनविज कंपनी ने खुद को एक भरोसेमंद मल्टी लेवल मार्केटिंग (MLM) कंपनी के रूप में पेश किया। इसके लिए कंपनी के विज्ञापनों, सेमिनारों, वेबसाइट और प्रचार सामग्री में LIC का लोगो और नाम प्रमुखता से इस्तेमाल किया गया।
लोगों को यह विश्वास दिलाया गया कि कंपनी का किसी न किसी रूप में सरकारी बीमा संस्था से जुड़ाव है। इसी भरोसे के चलते बरेली समेत आसपास के जिलों में बड़ी संख्या में लोग कैनविज से जुड़ते चले गए। निवेशकों को बेहतर रिटर्न और सुरक्षित भविष्य के सपने दिखाए गए, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली।
LIC की आपत्ति के बाद हटाया गया लोगो
मामले में तब नया मोड़ आया जब LIC की ओर से कैनविज कंपनी को नोटिस भेजा गया। नोटिस में स्पष्ट किया गया कि कंपनी का LIC से कोई संबंध नहीं है और उसके नाम व लोगो का इस्तेमाल पूरी तरह गैरकानूनी है।
नोटिस मिलने के बाद आरोपी कन्हैया गुलाटी ने आनन-फानन में कंपनी के प्रचार से LIC का लोगो हटवा दिया, लेकिन तब तक कई निवेशक अपनी जमा पूंजी गंवा चुके थे। यही वजह है कि Canwiz scam Bareilly अब गंभीर आर्थिक अपराध के रूप में देखा जा रहा है।
2006 में बनी कंपनी, 2007 से शुरू हुआ निवेश का खेल
कानूनी लड़ाई लड़ रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित मिश्रा ने मीडिया और प्रशासन को पत्र भेजकर पूरे मामले का विवरण सामने रखा है। उनके अनुसार, वर्ष 2006 में कन्हैया लाल गुलाटी ने कैनविज सेल्स एंड मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की।
इस कंपनी में उसने लखनऊ और कानपुर के रहने वाले आशुतोष श्रीवास्तव, राकेश पांडेय, नितिन श्रीवास्तव सहित कई लोगों को पार्टनर बनाया। इसके अगले ही साल यानी 2007 से लोगों से निवेश कराना शुरू कर दिया गया। शुरुआत में सीमित दायरे में काम हुआ, लेकिन बाद में नेटवर्क तेजी से फैलता गया।
सेमिनारों और प्रचार से बनाया भरोसे का माहौल
कैनविज कंपनी ने अपने विस्तार के लिए बड़े-बड़े सेमिनार आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में आकर्षक प्रेजेंटेशन, मोटिवेशनल भाषण और सरकारी संस्थानों से जुड़े होने का दावा किया जाता था।
सेमिनारों में मौजूद लोग जब LIC का लोगो और नाम देखते थे, तो उन्हें किसी तरह का संदेह नहीं होता था। कई निवेशकों ने अपने रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों को भी कंपनी से जोड़ दिया। देखते-देखते Canwiz scam Bareilly का दायरा सैकड़ों निवेशकों तक फैल गया।
सामाजिक कार्यकर्ता ने खोली पोल
सामाजिक कार्यकर्ता अमित मिश्रा ने इस पूरे मामले को उजागर करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने अधिकारियों और मीडिया को भेजे पत्रों में बताया कि कैसे कैनविज कंपनी ने योजनाबद्ध तरीके से लोगों को भ्रमित किया।
उनका कहना है कि यह केवल निवेश धोखाधड़ी नहीं, बल्कि सरकारी संस्था की छवि का दुरुपयोग कर किया गया संगठित आर्थिक अपराध है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में सभी जिम्मेदार लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
निवेशकों की जमा पूंजी पर संकट
इस घोटाले में कई निवेशकों की जीवन भर की कमाई फंसी हुई है। कुछ लोगों ने बच्चों की पढ़ाई, तो कुछ ने रिटायरमेंट के लिए जमा की गई रकम निवेश कर दी थी।
अब निवेशक न सिर्फ आर्थिक संकट में हैं, बल्कि उन्हें यह भी समझ नहीं आ रहा कि अपनी रकम कैसे वापस पाएं। Canwiz scam Bareilly ने एक बार फिर MLM कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन और जांच एजेंसियों पर नजरें
मामले के सामने आने के बाद अब स्थानीय प्रशासन और जांच एजेंसियों पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। निवेशकों और सामाजिक संगठनों की मांग है कि—
आरोपियों की संपत्तियों की जांच हो
निवेशकों की रकम का लेखा-जोखा तैयार किया जाए
दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाए
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे ठग दोबारा नए नाम और नई कंपनियों के जरिए लोगों को फंसाते रहेंगे।
MLM कंपनियों से जुड़ी सावधानी की जरूरत
यह मामला उन लोगों के लिए भी चेतावनी है जो ज्यादा मुनाफे के लालच में बिना जांच-पड़ताल निवेश कर देते हैं। किसी भी कंपनी के सरकारी संस्था से जुड़े होने के दावे को आधिकारिक पुष्टि के बिना सच मानना भारी पड़ सकता है।
Canwiz scam Bareilly ने यह साफ कर दिया है कि आकर्षक विज्ञापन और बड़े नाम हमेशा भरोसे की गारंटी नहीं होते।

