Bareilly Encounter: सास-साले की हत्या और पत्नी पर हमला करने वाला अफसर खां ढेर, पत्नी बोली—‘जल्लाद था’
Bareilly Encounter में एक सनसनीखेज और गंभीर आपराधिक मामले का अंत उस समय हुआ, जब पुलिस ने सास और साले की हत्या तथा पत्नी को गंभीर रूप से घायल करने वाले आरोपी अफसर खां को मुठभेड़ में मार गिराया। यह कार्रवाई मंगलवार सुबह सहारा ग्राउंड क्षेत्र में हुई, जहां आरोपी और पुलिस के बीच आमना-सामना हुआ।
इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल बरेली बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना दिया है, क्योंकि मामला पारिवारिक विवाद से शुरू होकर एक भीषण अपराध और अंततः पुलिस मुठभेड़ तक पहुंचा।
पंचायत में खूनी वारदात, तीन लोगों पर हमला
जानकारी के अनुसार, पारिवारिक विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई गई थी। इसी दौरान आरोपी अफसर खां ने अचानक हिंसक रूप धारण कर लिया और चाकू से सास और साले की हत्या कर दी, जबकि अपनी पत्नी पर भी जानलेवा हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने तुरंत उसकी तलाश शुरू कर दी थी।
मुठभेड़ के दौरान पुलिस पर फायरिंग
Bareilly Encounter के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी ने करीब 10 राउंड फायर किए, जिससे स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई।
इस गोलीबारी में दो सिपाही घायल हो गए। एक गोली इज्जतनगर थाना प्रभारी की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी, जिससे उनकी जान बच गई, जबकि दूसरी गोली उनके वाहन में जा लगी।
जवाबी कार्रवाई में आरोपी ढेर
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी अफसर खां को दो गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल आरोपी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस तरह एक खतरनाक आरोपी का अंत हुआ, जिसने अपने ही परिवार के खिलाफ हिंसक अपराध को अंजाम दिया था।
पत्नी का दर्द: ‘जल्लाद था, सही किया पुलिस ने’
इस मामले का सबसे भावनात्मक और चौंकाने वाला पहलू आरोपी की पत्नी सायमा का बयान है। अस्पताल में भर्ती सायमा ने अपने पति के बारे में बेहद कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा, “अफसर खां पति नहीं, जल्लाद था। पुलिस ने सही किया जो उसे मार दिया। वरना वो मुझे और बच्चों को भी मार डालता।”
सायमा के अनुसार, आरोपी अक्सर बच्चों की गर्दन पर चाकू रखकर उन्हें धमकाता था और वर्षों से उनके जीवन को भय और हिंसा से भर रखा था।
नौ साल तक झेली प्रताड़ना
सायमा ने बताया कि शादी के बाद से ही उनकी जिंदगी संघर्ष और दर्द से भरी रही। उन्होंने कहा कि नौ वर्षों तक उन्हें कभी खुशी नहीं मिली, क्योंकि आरोपी लगातार मारपीट और उत्पीड़न करता था।
उन्होंने यह भी बताया कि कई बार उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन हर बार मामला दबा दिया गया।
पहले भी कर चुका था जानलेवा हमला
सायमा के अनुसार, वर्ष 2022 में आरोपी ने चाकू से उनके पिता और उन पर हमला किया था, जिसमें दोनों को गंभीर चोटें आई थीं। इसके बावजूद आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार शिकायत के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं करती थी, जिससे आरोपी के हौसले और बढ़ते गए।
रोजे के दौरान भी नहीं रुका अत्याचार
घटना से पहले के हालात बताते हुए सायमा ने कहा कि वह रोजे से थीं, लेकिन घर में दो दिनों से खाना तक नहीं बना था। उनकी मां उन्हें रोजा खोलने के लिए घर लेकर आईं, लेकिन वहां भी आरोपी ने झगड़ा शुरू कर दिया और मारपीट की।
इस घटना ने पारिवारिक विवाद को और भड़का दिया, जिसका परिणाम इतना भयावह रूप में सामने आया।
पुलिस कार्रवाई पर उठते सवाल और समर्थन दोनों
Bareilly Encounter के बाद जहां एक ओर पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है, वहीं कुछ लोग पहले शिकायतों पर कार्रवाई न होने को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं।
हालांकि, इस मामले में आरोपी की हिंसक प्रवृत्ति और हालिया घटनाओं को देखते हुए पुलिस की मुठभेड़ कार्रवाई को आवश्यक कदम के रूप में भी देखा जा रहा है।
घटना ने झकझोर दिया समाज को
यह घटना घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद और कानून व्यवस्था के कई पहलुओं को उजागर करती है। यह सवाल भी उठता है कि यदि शुरुआती शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी।

