Muzaffarnagar News: भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर टाउन हॉल से निकली भव्य शोभायात्रा, हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता
News-Desk
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Muzaffarnagar Bhagwan Parshuram Jayanti, उमेश शर्मा लक्सर विधायक, कपिलदेव अग्रवाल, टाउन हॉल मुजफ्फरनगर कार्यक्रम, धार्मिक शोभायात्रा मुजफ्फरनगर, परशुराम जयंती शोभायात्रा, ब्राह्मण समाज कार्यक्रम, स्वामी प्रबोद्धानंद महाराजMuzaffarnagar में भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर टाउन हॉल परिसर में भव्य धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न जनपदों से आए संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों और समाज के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के बाद शहर के प्रमुख मार्गों से आकर्षक झांकियों और बैंड-बाजों के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।
यह आयोजन सर्वसमाज की सहभागिता का प्रतीक बना और पूरे शहर में उत्सव जैसा वातावरण देखने को मिला। 🎺
महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोद्धानंद महाराज सहित कई प्रमुख अतिथियों ने किया दीप प्रज्ज्वलन
कार्यक्रम की शुरुआत महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोद्धानंद जी महाराज, प्रदेश सरकार में मंत्री Kapil Dev Agarwal, उत्तराखंड के लक्सर से विधायक Umesh Sharma, पूर्व विधायक अशोक कंसल, प्रमोद उटवाल, आयोजक शरणदीप कौशिक, आर्यनराज कौशिक, समिति कोषाध्यक्ष संजय मिश्रा, पंडित उमादत्त शर्मा तथा संरक्षक श्रीभगवान आश्रम सहित अन्य अतिथियों द्वारा भगवान परशुराम के समक्ष पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया।
समाज में एकता और शांति बनाए रखने का दिया संदेश
लक्सर विधायक उमेश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान परशुराम केवल एक समुदाय के नहीं बल्कि समस्त समाज के आराध्य हैं। उन्होंने समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए उनके आदर्शों पर चलने की आवश्यकता बताई और जाति-वर्ण भेद समाप्त करने का आह्वान किया।
महामंडलेश्वर स्वामी प्रबुद्धानंद महाराज ने भी कहा कि ब्राह्मण समाज का दायित्व है कि वह सभी वर्गों को साथ लेकर समाज के उत्थान में सहयोग करे और सनातन परंपराओं को मजबूत बनाए।
मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने बताया—भगवान परशुराम समस्त समाज के प्रेरणास्रोत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि भगवान परशुराम के विचार और आदर्श सभी समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
इस दौरान पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप, भाजपा नेता गौरव स्वरूप, ममता अग्रवाल, सुबोध शर्मा, सुरेंद्र शर्मा टोप सहित अनेक वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
सर्वसमाज की भागीदारी से कार्यक्रम बना विशेष आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें ब्राह्मण समाज के साथ-साथ विभिन्न वर्गों के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजक शरणदीप कौशिक ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए सहयोग देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया।
इस अवसर पर धार्मिक और सामाजिक एकता का संदेश प्रमुख रूप से सामने आया।
शहर के प्रमुख मार्गों से निकली भव्य शोभायात्रा, आकर्षक झांकियों ने मोहा मन
कार्यक्रम के बाद भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा टाउन हॉल से प्रारंभ होकर मालवीय चौक, अंसारी रोड, बकरा मार्केट, आबकारी रोड, हनुमान चौक और भगत सिंह रोड से होते हुए शिव चौक पहुंची। इसके बाद यात्रा झांसी की रानी मार्ग और सदर बाजार से गुजरते हुए पुनः टाउन हॉल पर सम्पन्न हुई।
यात्रा में जिले के पांच प्रमुख बैंडों की प्रस्तुति और भगवान परशुराम की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
हजारों लोगों की मौजूदगी में निकली शोभायात्रा, जनप्रतिनिधियों ने की सहभागिता
शोभायात्रा में सरधना के पूर्व विधायक Sangeet Som, व्यापारी नेता संजय मित्तल, सभासद राजीव शर्मा, अमित पटपटिया, वरिष्ठ नेता प्रदीप शर्मा, सपा नेता राकेश शर्मा, मांगेराम त्यागी, भाजपा नेत्री ममता अग्रवाल, पंडित जयकुमार शर्मा, अरविंद राज शर्मा, विजय कौशिक, विजय शुक्ला, डॉ. सुभाष शर्मा, संजय राठी, विशाल गर्ग, पुनीत वशिष्ठ, आलोक वशिष्ठ, अमित बंटी किनौनी, नरेश नंदन वाल्मीकि सहित बड़ी संख्या में सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों और सर्वब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों की सहभागिता ने आयोजन को और भी व्यापक स्वरूप प्रदान किया।
धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का संदेश लेकर सम्पन्न हुआ आयोजन
पूरे कार्यक्रम के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिला। शोभायात्रा के मार्ग पर जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया और धार्मिक वातावरण में श्रद्धा का भाव स्पष्ट दिखाई दिया।
आयोजन ने न केवल धार्मिक परंपराओं को सशक्त किया बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूती देने का संदेश दिया।

