Sudan Gurung Resignation: नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने दिया इस्तीफा, निवेश विवाद और मनी लॉन्ड्रिंग कनेक्शन पर उठे सवाल
Nepal की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां Sudan Gurung resignation ने नई सरकार की स्थिरता और पारदर्शिता पर बहस तेज कर दी है। गृह मंत्री Sudan Gurung ने अपने निवेश और शेयर से जुड़े विवादों के बीच नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और हितों के संभावित टकराव से बचने के लिए इस्तीफा देना आवश्यक था। इस कदम को राजनीतिक शुचिता और जवाबदेही के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फेसबुक पोस्ट में कहा—नैतिकता पद से बड़ी
सुदन गुरुंग ने अपने इस्तीफे की घोषणा सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से करते हुए स्पष्ट किया कि उनके वित्तीय लेन-देन और शेयर निवेश से जुड़े सवालों को उन्होंने गंभीरता से लिया है।
उन्होंने लिखा कि उनके लिए नैतिकता किसी भी पद से अधिक महत्वपूर्ण है और जनता का विश्वास सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा को जन्म दिया।
27 मार्च को बने थे गृह मंत्री, कुछ ही हफ्तों में देना पड़ा इस्तीफा
सुदन गुरुंग को 27 मार्च को नई सरकार में गृह मंत्री बनाया गया था। हालांकि पद संभालने के कुछ ही समय बाद उन्हें विवादों के चलते इस्तीफा देना पड़ा।
यह नई सरकार में दूसरा मौका है जब किसी मंत्री को पद छोड़ना पड़ा। इससे पहले Deepak Kumar Sah को श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री पद से अनुशासनहीनता के आरोपों के बाद हटाया गया था।
मनी लॉन्ड्रिंग आरोपी से संबंधों पर उठे सवाल
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गुरुंग के कारोबारी दीपक भट्ट से संबंधों को लेकर विवाद सामने आया था। Deepak Bhatt को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है और उनके खिलाफ जांच जारी है।
इसी संदर्भ में गुरुंग की वित्तीय गतिविधियों पर भी सवाल उठने लगे थे, जिसके बाद राजनीतिक दबाव बढ़ता गया।
Gen Z आंदोलन और पारदर्शिता की मांग का दिया हवाला
गुरुंग ने अपने बयान में कहा कि देश में चल रहा Gen Z आंदोलन पारदर्शिता और जवाबदेही की नई मांग पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब सरकार पर सवाल उठते हैं, तो उसका जवाब नैतिकता से ही दिया जाना चाहिए।
उन्होंने युवाओं, नागरिकों और मीडिया से भी ईमानदारी के रास्ते पर चलने की अपील की।
Gen Z आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे थे गुरुंग
सितंबर 2025 में हुए Gen Z आंदोलन के दौरान सुदन गुरुंग प्रमुख चेहरों में शामिल रहे थे। हालांकि उनकी उम्र 36 वर्ष होने के कारण यह सवाल भी उठे कि वे तकनीकी रूप से Gen Z वर्ग में शामिल नहीं आते।
इसके बावजूद आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में प्रमुख पहचान दिलाई।
नई सरकार में शामिल होते ही पूर्व प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी के आदेश
गृह मंत्री बनने के अगले ही दिन गुरुंग ने पूर्व प्रधानमंत्री K. P. Sharma Oli और पूर्व गृहमंत्री Ramesh Lekhak की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे।
यह कार्रवाई सितंबर में Gen Z प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों के मामलों की जांच आयोग की सिफारिशों के आधार पर की गई थी। हालांकि बाद में दोनों नेताओं को रिहा कर दिया गया।
बालेन शाह सरकार के फैसलों पर पहले से ही उठ रहे थे सवाल
Balen Shah के नेतृत्व में बनी सरकार कई नीतिगत फैसलों को लेकर पहले से विवादों में रही है। भारत से आने वाले सामान पर 100 रुपये से अधिक कीमत पर शुल्क लगाने के निर्णय को सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और व्यापारियों ने आर्थिक बोझ बताया है।
इसके अलावा कॉलेजों में छात्र संघ और राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले की भी व्यापक आलोचना हुई।
पूर्व नेताओं के खिलाफ कार्रवाई और शिक्षा नीति बदलाव भी चर्चा में
नई सरकार ने सत्ता में आते ही पूर्व नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार और पुराने मामलों की जांच के आदेश दिए, जिसे कुछ राजनीतिक दलों ने बदले की कार्रवाई करार दिया।
इसके साथ ही कक्षा 5 तक पारंपरिक परीक्षाएं समाप्त करने के निर्णय पर भी शिक्षा क्षेत्र में बहस छिड़ गई।

