India Women vs South Africa 4th T20: Deepti Sharma का तूफान—5 विकेट और 36 रन से भारत की शानदार जीत, लेकिन सीरीज फिर भी हाथ से निकली
India women’s national cricket team ने जोहान्सबर्ग में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में South Africa women’s national cricket team को 14 रन से हराकर जोरदार जीत दर्ज की। जीत शानदार रही, प्रदर्शन दमदार रहा, और Deepti Sharma का खेल लाजवाब रहा—बस एक छोटी सी “तकनीकी समस्या” थी… सीरीज पहले ही हाथ से जा चुकी थी। पांच मैचों की इस श्रृंखला में दक्षिण अफ्रीका अब भी 3-1 से आगे है।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 185 रन बनाए और जवाब में दक्षिण अफ्रीकी टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। मैच का असली चेहरा बनीं दीप्ति शर्मा, जिन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से मैच की दिशा तय कर दी।
दीप्ति शर्मा का जवाब—आलोचना खत्म, तालियां शुरू
मैच से पहले चर्चा थी कि दीप्ति शर्मा की फॉर्म सवालों के घेरे में है। लेकिन उन्होंने जवाब देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं, बल्कि बल्ला और गेंद दोनों चुने।
26 गेंदों में 36 रन और फिर गेंदबाजी में 5 विकेट—यानी एक ही मैच में आलोचकों का “डबल साइलेंस मोड” ऑन कर दिया। यह टी-20 इंटरनेशनल में उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन भी रहा।
जब टीम 120 रन पर 5 विकेट खोकर लड़खड़ा रही थी, तब दीप्ति ने ऋचा घोष के साथ मिलकर पारी को संभाला और स्कोर को सम्मानजनक नहीं बल्कि चुनौतीपूर्ण बना दिया।
ऋचा घोष की फिनिशिंग—साइलेंट लेकिन घातक
ऋचा घोष ने भी इस मैच में शानदार भूमिका निभाई। दीप्ति शर्मा के साथ उनकी नाबाद 65 रन की साझेदारी ने मैच का असली टर्निंग पॉइंट तैयार किया।
जहां एक तरफ विकेट गिरने का सिलसिला तेज हो गया था, वहीं दूसरी तरफ ऋचा ने संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाते हुए दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों की योजना बिगाड़ दी।
कई बार मैच स्कोरबोर्ड से नहीं, साझेदारियों से जीतते हैं—और यह साझेदारी वैसी ही थी।
मंधाना को आराम, अनुष्का शर्मा को मौका—और उन्होंने मौका भुनाया
उप-कप्तान Smriti Mandhana को इस मैच में आराम दिया गया था। उनकी जगह अनुष्का शर्मा को ओपनिंग का मौका मिला और उन्होंने शुरुआत शानदार की।
18 गेंदों में 27 रन बनाकर उन्होंने संकेत दे दिया कि टीम की बेंच स्ट्रेंथ भी हल्की नहीं है। हालांकि पावरप्ले की आखिरी गेंद पर Tazmin Brits के हाथों उनका कैच लपक लिया गया।
Shafali Verma भी इस बार ज्यादा देर टिक नहीं सकीं और जल्दी पवेलियन लौट गईं।
अंपायरिंग या आत्मनिर्भरता? हरमनप्रीत खुद ही चल दीं बाहर
मैच का एक दिलचस्प और थोड़ा हैरान करने वाला पल तब आया जब कप्तान Harmanpreet Kaur बिना अंपायर के फैसले का इंतजार किए खुद ही क्रीज छोड़कर बाहर चली गईं।
विकेटकीपर Sinalo Jafta की अपील थी, अंपायर शांत थे, लेकिन हरमनप्रीत ने फैसला खुद ही कर लिया। क्रिकेट में इसे खेल भावना कहिए या जल्दीबाजी—बहस जारी है।
इससे पहले भारती फुलमाली को भी एलबीडब्ल्यू दिया गया था, जिस पर रिप्ले में सवाल उठते दिखे।
दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत खराब, कप्तान वोल्वार्ट जल्दी आउट
186 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कप्तान Laura Wolvaardt, जो पिछले पांच मैचों से लगातार अर्धशतक बना रही थीं, इस बार ज्यादा देर टिक नहीं सकीं।
Kranti Goud ने उन्हें बोल्ड कर भारत को शुरुआती बढ़त दिला दी। इसके बाद सुने लुस ने 40 रन बनाकर पारी संभालने की कोशिश जरूर की, लेकिन दूसरे छोर से समर्थन नहीं मिला।
दीप्ति शर्मा का ‘फाइव विकेट हॉल’—मैच वहीं खत्म हो गया था
गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा ने जिस तरह नियंत्रण दिखाया, उसने दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी। उन्होंने सिर्फ 19 रन देकर 5 विकेट झटके।
सुने लुस का विकेट गिरते ही मुकाबले की दिशा लगभग तय हो गई थी। इसके बाद निचले क्रम के बल्लेबाज ज्यादा देर टिक नहीं सके।
तजमीन ब्रिट्स और लुस के बीच 44 रन की साझेदारी जरूर हुई, लेकिन उसके बाद दक्षिण अफ्रीका की पारी धीरे-धीरे ढहती चली गई।
जीत मिली, लेकिन सीरीज पहले ही निकल चुकी थी हाथ से
यह जीत जितनी जरूरी थी, उतनी ही देर से आई। दक्षिण अफ्रीका पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुकी थी और यह मुकाबला केवल सम्मान बचाने जैसा बन गया था।
क्रिकेट में अक्सर ऐसा होता है—जब टीम पूरी लय पकड़ती है, तब तक ट्रॉफी किसी और के पास पहुंच चुकी होती है।
चोटों ने बढ़ाई टीम इंडिया की चिंता
मैच के अंत में भारत के लिए एक और चिंता सामने आई। फील्डिंग के दौरान क्रांति गौड़ का टखना मुड़ गया और उन्हें गोल्फ कार्ट से मैदान से बाहर ले जाना पड़ा।
इससे पहले Amanjot Kaur और Arundhati Reddy भी चोट के कारण बाहर चल रही हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने फिटनेस एक बड़ा सवाल बनता जा रहा है।
हालांकि मैदान छोड़ने से पहले क्रांति गौड़ अपना स्पेल पूरा कर चुकी थीं और कप्तान वोल्वार्ट का अहम विकेट भी ले चुकी थीं।
अब आखिरी मैच पर नजर—जीत से सीरीज का सम्मान बचाने की कोशिश
भारत की नजर अब सीरीज के अंतिम मुकाबले पर होगी, जहां टीम कम से कम अंतर घटाकर सम्मानजनक स्कोरलाइन के साथ दौरा खत्म करना चाहेगी।
दीप्ति शर्मा जैसी वापसी अगर पहले मैचों में दिखती, तो शायद कहानी कुछ और होती—लेकिन क्रिकेट में “अगर” से ट्रॉफी नहीं मिलती, सिर्फ सबक मिलते हैं।

