Bareilly Murder Case: रामगंगा कटरी के रायपुर हंस में इंद्रपाल की तीन गोलियां मारकर हत्या, जमीन विवाद और पुरानी रंजिश पर जांच तेज
News-Desk
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Bareilly Inderpal murder case, गोली मारकर हत्या, जमीन विवाद हत्या, बरेली पुलिस जांच, यूपी क्राइम न्यूज़, रामगंगा कटरी बरेली, रायपुर हंस हत्या कांडBareilly के रामगंगा कटरी क्षेत्र स्थित रायपुर हंस गांव में गुरुवार देर रात 40 वर्षीय इंद्रपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उसे तीन गोलियां मारीं, जिनमें दो सीने में और एक पैर में लगी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने हत्या के पीछे रंजिश, संपत्ति विवाद तथा आपराधिक इतिहास से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक पिछले कई वर्षों से गांव से कुछ दूरी पर आम के बाग में बनी झोपड़ी में अकेले रह रहा था।
सुबह ग्रामीणों ने देखा शव, मौके पर जुटी भीड़
शुक्रवार सुबह मृतक के भाई उमेश पाल सिंह और ग्रामीणों ने झोपड़ी के पास शव देखा तो गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया और साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
तीन गोलियां मारकर की गई हत्या, हमलावरों की मंशा पर उठे सवाल
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार इंद्रपाल को 315 बोर की तीन गोलियां मारी गई थीं। इनमें से दो गोलियां आरपार निकल गईं, जबकि एक गोली पसलियों में फंस गई। पुलिस का मानना है कि हमलावरों का उद्देश्य किसी भी स्थिति में उसे जीवित न छोड़ना था।
हत्या की यह शैली घटना को सुनियोजित हमले की ओर संकेत करती है।
एसपी अंशिका वर्मा ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और उसके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज थे।
पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे जमीन विवाद, पुराने मुकदमों की रंजिश और व्यक्तिगत दुश्मनी जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
हाल ही में बेची गई जमीन भी जांच के घेरे में
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि इंद्रपाल ने करीब 20 दिन पहले अपनी पुश्तैनी जमीन लगभग 10 लाख रुपये में बेची थी। यह रकम उसके बैंक खाते में जमा थी और वह अक्सर दोस्तों के साथ खर्च करता था।
ग्रामीणों के अनुसार इस लेनदेन से परिवार के कुछ सदस्यों में असंतोष था, जिसे भी पुलिस संभावित कारण के रूप में देख रही है।
परिवार से दूरी बनाकर बाग की झोपड़ी में रहता था मृतक
बताया गया कि इंद्रपाल की शादी नहीं हुई थी और वह अपने भाई उमेश पाल सिंह के साथ रहने के बजाय गांव से करीब 200 मीटर दूर आम के बाग में बनी झोपड़ी में अकेले रहता था। वहीं वह खाना बनाता और दिनचर्या पूरी करता था।
चार भाइयों के बीच पुश्तैनी जमीन का बंटवारा भी अभी तक नहीं हुआ था, जिससे पारिवारिक विवाद की संभावना भी जांच का हिस्सा बनी हुई है।
हत्या से पहले झोपड़ी में मौजूद युवक से भी पूछताछ
पुलिस ने उस युवक से भी पूछताछ शुरू की है, जो घटना की रात इंद्रपाल के साथ झोपड़ी में मौजूद था और उसके साथ शराब पीने की बात सामने आई है। पुलिस इस पहलू को भी गंभीरता से जांच रही है।
घटना के समय की गतिविधियों को समझने के लिए आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
कुछ माह पहले ही जेल से छूटा था मृतक
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इंद्रपाल के खिलाफ करीब 10 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वर्ष 2024 में उस पर हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज हुआ था और वह हाल ही में जेल से छूटकर आया था।
उसके भाई उमेश पाल पर भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है, जिससे मामले की जांच और जटिल हो गई है।
कटरी क्षेत्र के पुराने विवादों से भी जुड़ा हो सकता है मामला
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इंद्रपाल का कटरी क्षेत्र के चर्चित आरोपी सुरेश प्रधान उर्फ सुरेश पाल सिंह तोमर से भी विवाद चल रहा था। कुछ समय पहले दोनों पक्षों के बीच एक अन्य मामले को लेकर तनाव की स्थिति बनी थी।
हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और हत्या के स्पष्ट कारण का पता लगाने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
रंजिश, संपत्ति विवाद और आपराधिक पृष्ठभूमि पर केंद्रित जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की जांच बहुआयामी तरीके से की जा रही है। जमीन बिक्री से जुड़ी रकम, पारिवारिक विवाद, पुराने मुकदमे और आपसी दुश्मनी—सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
तहरीर मिलने के बाद मामले में विधिक कार्रवाई को और आगे बढ़ाया जाएगा।

