Bareilly में चाइनीज मांझे का कहर: गन्ना मंत्री संजय गंगवार के 15 वर्षीय भतीजे की गर्दन कटी, तीन घंटे चली सर्जरी
Chinese Manja Accident Bareilly ने एक बार फिर अवैध चाइनीज मांझे के खतरनाक दुष्प्रभावों को उजागर कर दिया है। बरेली में हुए एक दर्दनाक हादसे में उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना मंत्री संजय गंगवार के 15 वर्षीय भतीजे आदित्य वीर गंगवार गंभीर रूप से घायल हो गए। स्कूटी से सफर के दौरान बारादरी पुल पर अचानक चाइनीज मांझा उनकी गर्दन, चेहरे और हाथों से उलझ गया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। राहगीरों और परिजनों की मदद से घायल किशोर को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए तत्काल सर्जरी की।
बारादरी पुल पर हुआ हादसा, कुछ ही सेकंड में लहूलुहान हुआ किशोर
जानकारी के अनुसार आदित्य वीर गंगवार स्कूटी से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान बारादरी पुल पर सड़क के ऊपर फैला हुआ चाइनीज मांझा अचानक उनके संपर्क में आ गया। तेज धार वाले मांझे ने उनकी गर्दन, होंठ और हाथों को बुरी तरह काट दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि आदित्य को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मांझे की धार ने चेहरे से लेकर गर्दन तक गहरे घाव कर दिए। कुछ ही क्षणों में उनके कपड़े और शरीर खून से सन गए।
स्थानीय लोगों ने तुरंत सहायता पहुंचाई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
मुंह से कान तक गहरे जख्म, डॉक्टरों को करनी पड़ी तत्काल सर्जरी
अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने पाया कि चोटें बेहद गंभीर थीं। चाइनीज मांझे की धार ने चेहरे और गर्दन पर गहरे कट लगा दिए थे। डॉक्टरों के अनुसार आदित्य की उंगली, होंठ और गर्दन पर गंभीर चोटें थीं, जिनका तुरंत इलाज आवश्यक था।
बरेली के ईशान हॉस्पिटल में डॉक्टरों की टीम ने बिना देरी किए ऑपरेशन शुरू किया। करीब तीन घंटे तक चली सर्जरी के दौरान घायल हिस्सों का उपचार किया गया।
चिकित्सकों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने के कारण स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। फिलहाल आदित्य की हालत स्थिर है और उन्हें खतरे से बाहर बताया गया है।
परिवार में मचा हड़कंप, अस्पताल पहुंचे मंत्री संजय गंगवार
घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश सरकार में गन्ना मंत्री Sanjay Gangwar तत्काल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से आदित्य की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की।
मंत्री ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का अवैध कारोबार आम लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बार-बार कार्रवाई के बावजूद नहीं रुक रहा अवैध कारोबार
बरेली समेत प्रदेश के कई शहरों में चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। प्रशासन और पुलिस द्वारा कई बार छापेमारी अभियान चलाए गए, लेकिन इसके बावजूद अवैध कारोबार पूरी तरह बंद नहीं हो सका है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चाइनीज मांझा सामान्य सूती मांझे की तुलना में कहीं अधिक खतरनाक होता है। इसमें नायलॉन और धातु मिश्रित पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इसकी धार बेहद तेज हो जाती है। यही कारण है कि सड़क पर चलने वाले बाइक और स्कूटी सवार अक्सर इसके कारण गंभीर हादसों का शिकार हो जाते हैं।
मानव जीवन के साथ-साथ पक्षियों के लिए भी खतरा
पर्यावरण और पशु-पक्षी संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञ लंबे समय से चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग करते रहे हैं। यह मांझा न केवल इंसानों के लिए बल्कि पक्षियों के लिए भी जानलेवा साबित होता है।
हर वर्ष बड़ी संख्या में पक्षी उड़ान के दौरान इसकी चपेट में आकर घायल हो जाते हैं। कई मामलों में उनकी मौत तक हो जाती है। यही वजह है कि अदालतों और प्रशासनिक एजेंसियों द्वारा भी इसके उपयोग को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है।
त्योहारों और पतंगबाजी के मौसम में बढ़ जाती है चिंता
पतंगबाजी के दौरान चाइनीज मांझे का उपयोग सबसे अधिक देखा जाता है। त्योहारों और विशेष अवसरों पर इसकी मांग बढ़ने के साथ हादसों की संख्या भी बढ़ जाती है। कई शहरों में बाइक सवारों की गर्दन कटने, बच्चों के घायल होने और राहगीरों के चोटिल होने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।
इसके बावजूद कुछ लोग सस्ते लाभ और प्रतिस्पर्धा की भावना में प्रतिबंधित मांझे का उपयोग करते हैं, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा होता है।
प्रशासन को सख्ती बढ़ाने की जरूरत
इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक निगरानी और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल छापेमारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि सप्लाई चेन पर भी कड़ी निगरानी जरूरी है।
अवैध रूप से चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई और जनजागरूकता अभियान चलाकर ही ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।
शहर में फिर उठी प्रतिबंधित मांझे पर पूरी रोक की मांग
आदित्य वीर गंगवार के साथ हुए हादसे के बाद शहर में चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग तेज हो गई है। सामाजिक संगठनों और नागरिकों का कहना है कि जब तक अवैध कारोबारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसे दोहराए जाते रहेंगे।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नियमित जांच अभियान चलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

