Muzaffarnagar में चोरों का नया निशाना बने खेतों के ट्रांसफॉर्मर: रोहाना कला में कॉपर और तेल चोरी, किसानों में भारी आक्रोश
News-Desk
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क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले बंद मकानों को निशाना बनाया जा रहा था, लेकिन अब खेतों में स्थापित कृषि उपकरण और ट्रांसफॉर्मर भी अपराधियों के निशाने पर आ गए हैं। इससे किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
सुबह खेत पहुंचे किसान के उड़ गए होश
गांव रोहाना कला निवासी किसान अजय पुत्र सेवाराम त्यागी बुधवार सुबह अपने खेत पर पानी लगाने पहुंचे थे। खेत में पहुंचते ही उन्होंने देखा कि ट्यूबवेल का ट्रांसफॉर्मर अपनी जगह से नीचे जमीन पर पड़ा हुआ है। पास जाकर देखने पर उन्हें पता चला कि अज्ञात चोर ट्रांसफॉर्मर के भीतर लगी कॉपर कॉइल और उसमें मौजूद तेल निकालकर ले गए हैं।
घटना देखकर किसान के होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल आसपास के किसानों को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पुलिस तक पहुंचाई गई और कुछ ही देर में रोहाना चौकी पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई।
किसान अजय त्यागी के अनुसार चोरी से उन्हें लगभग 50 हजार रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि खेती पहले ही बढ़ती लागत और मौसम की मार से प्रभावित है, ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं किसानों की परेशानियां और बढ़ा रही हैं।
गर्मी के मौसम में सक्रिय हुए ट्रांसफॉर्मर चोर गैंग
Muzaffarnagar Transformer Theft की इस घटना ने एक बार फिर उन संगठित गिरोहों की ओर इशारा किया है जो ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली ट्रांसफॉर्मरों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार गर्मी के मौसम में ट्यूबवेल अधिक चलने के कारण खेतों में लगे ट्रांसफॉर्मर पूरी तरह सक्रिय रहते हैं। ऐसे में उनमें मौजूद कॉपर और तेल की मात्रा भी अधिक मूल्यवान होती है।
जानकारों के अनुसार वर्तमान समय में कॉपर का बाजार मूल्य करीब 800 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुका है। एक कृषि ट्रांसफॉर्मर से लगभग 30 से 40 किलो तक कॉपर निकाला जा सकता है। इसी वजह से अपराधी गिरोह खेतों में लगे ट्रांसफॉर्मरों को आसान और लाभदायक निशाना मान रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांसफॉर्मर को खोलना कोई सामान्य काम नहीं है। इसके लिए तकनीकी जानकारी, विशेष औजार और पर्याप्त समय की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि पुलिस भी इस घटना के पीछे किसी संगठित और पेशेवर गिरोह की भूमिका होने की आशंका जता रही है।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही रोहाना चौकी प्रभारी मोहित कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के क्षेत्र में साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने ट्रांसफॉर्मर की स्थिति, आसपास के रास्तों और संभावित गतिविधियों की जानकारी एकत्र की।
चौकी प्रभारी मोहित कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला किसी प्रोफेशनल गैंग की करतूत प्रतीत होता है। ट्रांसफॉर्मर को सुरक्षित तरीके से नीचे उतारना, उसके भीतर की कॉपर कॉइल निकालना और तेल को अलग करना सामान्य अपराधियों के बस की बात नहीं होती। इसके लिए तकनीकी दक्षता और पूर्व अनुभव की आवश्यकता होती है।
उन्होंने बताया कि आसपास के कबाड़ी कारोबारियों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को भी चिह्नित किया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
कुछ दिन पहले बंद मकानों में हुई थी लाखों की चोरी
रोहाना क्षेत्र में यह कोई पहली बड़ी चोरी नहीं है। इससे पहले भी कस्बे में दो बंद मकानों के ताले तोड़कर चोर लाखों रुपये के जेवर और नकदी चोरी कर चुके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार उन घटनाओं का खुलासा अभी तक पूरी तरह नहीं हो पाया है और इसी बीच ट्रांसफॉर्मर चोरी की नई घटना सामने आ गई।
लगातार हो रही वारदातों के कारण ग्रामीणों का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि यदि अपराधियों के खिलाफ समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में अपराध का ग्राफ और बढ़ सकता है।
किसानों में बढ़ी चिंता, रात में खेतों पर जाना किया कम
रोहाना कला और आसपास के गांवों के किसानों का कहना है कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने उन्हें भयभीत कर दिया है। पहले जहां किसान रात में भी खेतों की निगरानी के लिए पहुंच जाते थे, वहीं अब कई लोग अंधेरा होने के बाद खेतों की ओर जाने से बचने लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि खेतों के आसपास के जंगल और सुनसान रास्ते अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनते जा रहे हैं। यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो कृषि उपकरणों और विद्युत संसाधनों को और अधिक नुकसान पहुंच सकता है।
कई किसानों ने सामूहिक निगरानी और रात्रि गश्त की व्यवस्था करने की मांग भी उठाई है ताकि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
पुलिस गश्त पर उठे सवाल, किसानों ने जताई नाराजगी
घटना के बाद बड़ी संख्या में किसान रोहाना चौकी पहुंचे और अपनी नाराजगी व्यक्त की। किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में पुलिस गश्त पर्याप्त नहीं है और कई ग्रामीण मार्गों पर रात के समय पुलिस की मौजूदगी दिखाई नहीं देती।
ग्रामीणों ने कहा कि पहले बंद मकानों में चोरी हुई और अब खेतों में लगे ट्रांसफॉर्मर भी सुरक्षित नहीं हैं। उनका आरोप है कि अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं जबकि पुलिस गश्त का प्रभाव जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर घटना का खुलासा नहीं हुआ और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे चौकी का घेराव कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
कॉपर चोरी का बढ़ता नेटवर्क बना चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि कॉपर चोरी अब केवल स्थानीय अपराध नहीं रह गई है बल्कि कई क्षेत्रों में यह संगठित अपराध का रूप ले चुकी है। बिजली विभाग, रेलवे, औद्योगिक इकाइयों और कृषि क्षेत्रों में लगे उपकरणों से कॉपर चोरी की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं।
चोरी के बाद कॉपर को कबाड़ के रूप में बेच दिया जाता है, जिससे अपराधियों को तत्काल नकद रकम मिल जाती है। यही वजह है कि कानून-व्यवस्था एजेंसियों के लिए ऐसे गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई करना बड़ी चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों की मांग—सुरक्षा बढ़े और अपराधियों पर हो सख्त कार्रवाई
रोहाना कला के ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि केवल घटना दर्ज कर लेना पर्याप्त नहीं है। क्षेत्र में नियमित गश्त, संवेदनशील स्थानों पर निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त नजर रखने की आवश्यकता है। किसानों ने मांग की है कि ट्रांसफॉर्मर चोरी में शामिल गिरोहों का जल्द पर्दाफाश कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

