उत्तर प्रदेश

जिस पत्नी ने कर्ज लेकर पति को जेल से छुड़ाया, उसी की ले ली जान! Kaushambi में रिश्तों को झकझोर देने वाली वारदात

Kaushambi  जिले के महेवाघाट थाना क्षेत्र के घोघपुर गांव में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि पति ने ही अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।

घटना इसलिए भी लोगों को स्तब्ध कर रही है क्योंकि मृतका ने वर्षों तक अपने पति की कानूनी लड़ाई लड़ी थी। परिजनों के अनुसार उसने रिश्तेदारों और परिचितों से कर्ज लेकर पति की पैरवी कराई और जेल से जमानत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब उसी महिला की हत्या के आरोप उसी पति पर लग रहे हैं।


सुबह चारपाई पर मिला महिला का शव

जानकारी के अनुसार घोघपुर गांव निवासी माया देवी (45) मंगलवार सुबह अपने घर में मृत अवस्था में मिलीं। परिवार के लोगों के अनुसार महिला का शव चारपाई पर पड़ा था और उसके गले में गमछा बंधा हुआ था।

मृतका की बेटी पूजा ने सबसे पहले मां को इस हालत में देखा। उसने बताया कि उसकी मां के मुंह और नाक से खून निकल रहा था तथा गले में गमछा कसकर बंधा हुआ था। यह दृश्य देखकर वह घबरा गई और आसपास के लोगों को सूचना दी।

घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।


प्राथमिक जांच में गला दबाकर हत्या की आशंका

सूचना मिलने पर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मौके से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

प्रारंभिक जांच में गला कसकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा।


कर्ज को लेकर पति-पत्नी के बीच होता था विवाद

परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि परिवार पर काफी कर्ज था और इसी को लेकर दोनों के बीच अक्सर कहासुनी होती रहती थी।

मृतका की बेटी पूजा ने पुलिस को बताया कि कर्ज चुकाने को लेकर घर में लगातार तनाव बना रहता था। परिवार के अनुसार पति कर्ज चुकाने की जिम्मेदारी लेने से बचता था और कहता था कि पैसा उसने नहीं लिया, इसलिए भुगतान की व्यवस्था भी वही करे जिसने कर्ज लिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि सोमवार को भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।


पत्नी ने कर्ज लेकर कराई थी पति की पैरवी

मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि मृतका माया देवी ने अपने पति के लिए वर्षों तक संघर्ष किया था।

पुलिस सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार शिव भोला निषाद पर वर्ष 2015 में अपने साढ़ू अजय कुमार की हत्या का आरोप लगा था। मामले की सुनवाई के बाद वर्ष 2023 में न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

इसके बावजूद माया देवी ने अपने पति का साथ नहीं छोड़ा। बताया जाता है कि उसने रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर मुकदमे की पैरवी कराई। लंबे प्रयासों के बाद करीब छह महीने पहले आरोपी को जमानत मिली और वह जेल से बाहर आया।

इसी तथ्य ने इस घटना को और अधिक संवेदनशील और चर्चित बना दिया है।


जमानत के बाद मुर्गा बेचने का काम करता था आरोपी

जेल से बाहर आने के बाद शिव भोला निषाद स्थानीय स्तर पर मुर्गा बेचने का काम कर रहा था। ग्रामीणों के अनुसार आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी और परिवार लगातार वित्तीय दबाव का सामना कर रहा था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कर्ज और घरेलू तनाव के कारण परिवार में अक्सर विवाद होते थे। हालांकि पुलिस अभी तक किसी एक कारण को अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं मान रही है।


पत्नी पर शक करने की भी चर्चा

जांच के दौरान कुछ ग्रामीणों ने यह भी बताया कि आरोपी अपनी पत्नी पर शक करता था। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस का कहना है कि सभी संभावित कारणों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पारिवारिक विवाद, आर्थिक तनाव और अन्य व्यक्तिगत कारणों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।


आरोपी फरार, गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित

घटना के बाद आरोपी शिव भोला निषाद फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है।

महेवाघाट थाने में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है।

पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।


गांव में शोक और आक्रोश का माहौल

घटना के बाद घोघपुर गांव में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि माया देवी ने परिवार को संभालने और पति की मदद के लिए हर संभव प्रयास किया था।

कई लोगों का कहना है कि जिस महिला ने आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद पति का साथ दिया, उसके साथ इस तरह की घटना की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।

परिवार के सदस्य भी सदमे में हैं और आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।


कौशाम्बी की यह घटना रिश्तों, विश्वास और पारिवारिक संघर्षों से जुड़ी एक बेहद दुखद कहानी बनकर सामने आई है। जिस महिला ने अपने पति की कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए कर्ज उठाया और उसे जेल से बाहर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उसी की हत्या के आरोप अब उसी पति पर लग रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष आने के बाद पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

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