जनता दर्शन से PMO तक शिकायतों के निस्तारण पर उठे सवाल, Vishva Hindu Mahasangh Bharat ने जांच व्यवस्था में सुधार की उठाई मांग
लखनऊ। Vishva Hindu Mahasangh Bharat के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अधिवक्ता प्रमोद त्यागी ने प्रदेश में शिकायतों के निस्तारण की वर्तमान व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जांच प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित एक वक्तव्य में कहा कि यदि शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं की गई, तो जनता दर्शन, जनसुनवाई पोर्टल और अन्य शिकायत निवारण व्यवस्थाओं का उद्देश्य पूरी तरह सफल नहीं हो पाएगा।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सबसे पहले जांच अधिकारियों की जवाबदेही तय करना आवश्यक है। उनके अनुसार ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए जिसमें शिकायतों की जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो।
शिकायतों के निस्तारण पर उठाए सवाल
प्रमोद त्यागी का कहना है कि आम नागरिक विभिन्न माध्यमों जैसे जनता दर्शन, पीएमओ शिकायत पोर्टल, जनसुनवाई पोर्टल अथवा डाक के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज कराते हैं, लेकिन कई मामलों में शिकायतें जांच के लिए उसी स्थानीय विभाग या अधिकारी के पास भेज दी जाती हैं, जिसके विरुद्ध शिकायत की गई होती है।
उन्होंने दावा किया कि ऐसी स्थिति में निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है और शिकायतकर्ता को अपेक्षित न्याय मिलने में कठिनाई होती है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
जांच प्रणाली में सुधार की मांग
विश्व हिंदू महासंघ भारत की ओर से जारी वक्तव्य में प्रशासनिक सुधार के लिए कई सुझाव भी दिए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- अलग जिले के अधिकारियों द्वारा शिकायतों की जांच (क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट जांच) की व्यवस्था लागू करने की मांग।
- जिस अधिकारी या विभाग के विरुद्ध शिकायत हो, उससे जुड़े अधिकारियों को जांच प्रक्रिया से अलग रखने का प्रस्ताव।
- जांच प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने की व्यवस्था।
- शिकायतों की प्रगति और निस्तारण की ऑनलाइन ट्रैकिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने का सुझाव, ताकि शिकायतकर्ता यह देख सकें कि उनकी शिकायत किस स्तर पर लंबित है।
भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की अपील
प्रमोद त्यागी ने अपने वक्तव्य में कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए जांच प्रणाली में सुधार आवश्यक है। उनका कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष होगी, तभी शिकायत निवारण प्रणाली पर आम जनता का विश्वास और मजबूत होगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि शिकायतों की जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक नीतिगत कदम उठाए जाएं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक इस संबंध में राज्य सरकार या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। यदि इस मुद्दे पर सरकार अथवा प्रशासन की ओर से कोई बयान जारी किया जाता है, तो उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।

