ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे आचार्य Lokesh Muni, भारत से मिला विशेष प्रतिनिधित्व
News-Desk
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अंतरराष्ट्रीय समाचार, अयातुल्ला अली खामेनेई, अहिंसा विश्व भारती, आचार्य लोकेश मुनि, ईरान, तेहरान, पबित्रा मार्गेरिटा, भारत ईरान संबंध, सैय्यद अता हसनैनजैन संत एवं अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य Lokesh Muni को ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण मिला है। यह समारोह 4 और 5 जुलाई को ईरान की राजधानी तेहरान में आयोजित किया जाएगा।
ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय की ओर से भेजे गए निमंत्रण पत्र में भारत और ईरान के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि आचार्य लोकेश मुनि की उपस्थिति दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान, सांस्कृतिक संवाद और मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक होगी।
भारत से आध्यात्मिक और आधिकारिक प्रतिनिधित्व
इस राजकीय समारोह में आचार्य लोकेश मुनि के अलावा भारत सरकार की ओर से भी उच्चस्तरीय प्रतिनिधित्व रहेगा। बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
भारत की यह भागीदारी दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती है।
तेहरान में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अंतिम संस्कार में 1.2 करोड़ से 2 करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान लगाया गया है। संभावित भारी भीड़ को देखते हुए राजधानी तेहरान में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
प्रशासन ने शहर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है और कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सीमित रखने का निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं, आपातकालीन सहायता और भीड़ प्रबंधन के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।
भारत-ईरान संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है आयोजन
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समारोह में भारत की आध्यात्मिक और सरकारी स्तर पर मौजूदगी दोनों देशों के पारंपरिक संबंधों को और मजबूत करने का संदेश दे सकती है।
भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय सहयोग के कई आयाम रहे हैं। ऐसे अवसरों पर उच्चस्तरीय भागीदारी को कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
पिछले 24 घंटे के प्रमुख घटनाक्रम
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ी जहाजों की आवाजाही
समुद्री निगरानी से जुड़े उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से कुल 40 जहाज गुजरे। इनमें से 16 जहाजों ने ईरान के समुद्री मार्ग का उपयोग किया।
ईरान की मांग- पहले जारी हो फंसी हुई संपत्ति
रिपोर्टों के अनुसार ईरान चाहता है कि विदेशों में फंसी उसकी लगभग 6 अरब अमेरिकी डॉलर की संपत्ति पहले जारी की जाए। इसके बाद ही वह शांति प्रक्रिया के अगले चरण पर आगे बढ़ने को तैयार होगा।
राष्ट्रपति मसूद पजशकियान का बयान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन (MoU) को देश के सर्वोच्च नेतृत्व की स्वीकृति प्राप्त थी। उनके अनुसार सभी महत्वपूर्ण निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही लिए गए।
अंतिम संस्कार के लिए अब तक की सबसे कड़ी सुरक्षा
ईरानी प्रशासन ने अंतिम संस्कार समारोह को देखते हुए अब तक की सबसे व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और कार्यक्रम स्थल के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है।
दुनिया की नजर तेहरान पर
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस राजकीय अंतिम संस्कार और उससे जुड़े कूटनीतिक घटनाक्रम पर बनी हुई हैं। बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधियों और धार्मिक नेताओं के शामिल होने की संभावना के चलते यह आयोजन वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस अवसर पर विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के बीच होने वाली मुलाकातें क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिहाज से भी अहम साबित हो सकती हैं।

