Muzaffarnagar में नन्हे कलाकारों ने तिरंगे में भरे देशभक्ति के रंग, स्वतंत्रता दिवस पर वामा सारथी का खास फ्लैग मेकिंग इवेंट
News-Desk
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independence day 2026, इंदु सिद्धार्थ, उत्तर प्रदेश पुलिस, डॉ नीलम राय वर्मा, तिरंगा, देशभक्ति कार्यक्रम, देशभक्ति प्रदर्शनी, पुलिस मॉडर्न स्कूल, फ्लैग मेकिंग, बच्चों की कला, मुजफ्फरनगर, मुज़फ्फरनगर न्यूज़, मुज़फ्फरनगर पुलिस, राष्ट्रध्वज, राष्ट्रीय एकता, रिजर्व पुलिस लाइन, वामा सारथी, संजय कुमार वर्मा, स्वतंत्रता दिवस 2026Muzaffarnagar की रिजर्व पुलिस लाइन का मंदिर प्रांगण शुक्रवार को देशभक्ति और बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा का खूबसूरत संगम बन गया। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में वामा सारथी यानी उत्तर प्रदेश पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में फ्लैग मेकिंग इवेंट और देशभक्ति प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस कार्यक्रम में पुलिस मॉडर्न स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस परिवारों के बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। बच्चों ने अपनी कल्पना और कला को तिरंगे के रंगों में ढालते हुए आकर्षक राष्ट्रीय ध्वज, पेंटिंग और विभिन्न प्रकार की देशभक्ति से जुड़ी कलाकृतियां तैयार कीं।
कार्यक्रम का माहौल केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा। बच्चों की बनाई कलाकृतियों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना दिखाई दी। छोटे-छोटे हाथों से बनाई गई रंगीन पेंटिंग और तिरंगे कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र बने रहे।
पुलिस लाइन में बच्चों की कला ने बांधा समां
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस लाइन का वातावरण पूरी तरह देशभक्ति के रंग में रंगा दिखाई दिया। मंदिर प्रांगण में बच्चों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया।
कहीं तिरंगे के अलग-अलग रूप दिखाई दिए तो कहीं बच्चों ने पेंटिंग के जरिए देश की विविधता और राष्ट्रप्रेम को व्यक्त करने की कोशिश की। कई कलाकृतियों में राष्ट्रीय ध्वज के तीन रंगों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया।
बच्चों का उत्साह आयोजन की खास पहचान रहा। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले बच्चों ने अपनी कलाकृतियों को तैयार करने में मेहनत की और उन्हें प्रदर्शनी में प्रस्तुत किया।
पुलिस मॉडर्न स्कूल और पुलिस परिवार के बच्चों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में पुलिस मॉडर्न स्कूल के छात्र-छात्राओं के अलावा पुलिस परिवारों के बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।
पुलिस परिवारों के लिए इस तरह के आयोजन विशेष महत्व रखते हैं, क्योंकि पुलिसकर्मी अक्सर ड्यूटी के कारण लंबे समय तक व्यस्त रहते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से पुलिस परिवारों के बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने और सामूहिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिलता है।
फ्लैग मेकिंग और देशभक्ति प्रदर्शनी के जरिए बच्चों को अपनी रचनात्मक सोच को एक राष्ट्रीय विषय के साथ जोड़ने का मौका मिला।
तिरंगे में दिखी बच्चों की कल्पना की उड़ान
प्रदर्शनी में रखी गई कलाकृतियां बच्चों की अलग-अलग कल्पनाओं को सामने लेकर आईं। किसी ने तिरंगे को आकर्षक डिजाइन में प्रस्तुत किया तो किसी ने पेंटिंग के माध्यम से देश के प्रति अपने भाव व्यक्त किए।
बच्चों की उम्र और उनकी रचनात्मक क्षमता के अनुसार कलाकृतियों में अलग-अलग तरह की कल्पनाशीलता देखने को मिली।
आयोजकों के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों को केवल प्रतियोगिता का हिस्सा बनाना नहीं, बल्कि उनके भीतर देशभक्ति, रचनात्मक सोच और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना भी था।
डॉ. नीलम राय वर्मा ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन
कार्यक्रम में वामा सारथी की अध्यक्ष डॉ. नीलम राय वर्मा, जो एसएसपी संजय कुमार वर्मा की पत्नी हैं, मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उनके साथ एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं।
डॉ. नीलम राय वर्मा और इंदु सिद्धार्थ ने बच्चों द्वारा तैयार की गई पेंटिंग और अन्य कलाकृतियों का अवलोकन किया।
उन्होंने बच्चों की मेहनत और रचनात्मकता की सराहना की। प्रदर्शनी में एक-एक कलाकृति को देखकर बच्चों के प्रयासों को प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में बच्चों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस परिवार की प्रमुख महिलाओं की मौजूदगी भी उत्साह बढ़ाने वाली रही।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को मिला सम्मान
फ्लैग मेकिंग और अन्य प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया।
डॉ. नीलम राय वर्मा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को स्मृति चिह्न प्रदान किए। सम्मान मिलने पर बच्चों में उत्साह देखने को मिला।
ऐसे सम्मान बच्चों के लिए केवल पुरस्कार नहीं होते, बल्कि उन्हें भविष्य में भी अपनी प्रतिभा को निखारने और सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करते हैं।
बच्चों को आगे भी रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने की प्रेरणा
डॉ. नीलम राय वर्मा ने बच्चों को भविष्य में भी इसी तरह की रचनात्मक और राष्ट्रहित से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें अपनी रचनात्मक सोच को लगातार आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
बच्चों के लिए कला, पेंटिंग और रचनात्मक गतिविधियां उनकी कल्पनाशक्ति विकसित करने के साथ-साथ उन्हें अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने का अवसर भी देती हैं।
देशभक्ति को कला से जोड़ने की कोशिश
इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि बच्चों को देशभक्ति का संदेश किसी भाषण तक सीमित नहीं रखना पड़ा। उन्होंने इसे अपनी कला के माध्यम से व्यक्त किया।
तिरंगा, राष्ट्रीय ध्वज और देशभक्ति की थीम पर आधारित चित्रों के जरिए बच्चों ने राष्ट्र के प्रति अपने भाव प्रस्तुत किए।
इस तरह के आयोजन बच्चों के लिए सीखने का अनुभव भी बन सकते हैं। उन्हें राष्ट्रीय प्रतीकों के महत्व, स्वतंत्रता दिवस के महत्व और देश के प्रति जिम्मेदारी जैसे विषयों को रचनात्मक तरीके से समझने का अवसर मिलता है।
राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान पर जोर
कार्यक्रम में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान की भावना को विशेष महत्व दिया गया। बच्चों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों में तिरंगा प्रमुख विषय रहा।
राष्ट्रीय ध्वज देश की संप्रभुता, एकता और राष्ट्रीय पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। बच्चों के बीच इसके महत्व को रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से समझाना एक सकारात्मक पहल हो सकती है।
आयोजकों का कहना था कि बचपन से ही राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना जरूरी है।
वामा सारथी की भूमिका रही महत्वपूर्ण
वामा सारथी उत्तर प्रदेश पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन के माध्यम से पुलिस परिवारों के कल्याण और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
मुजफ्फरनगर में आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी व्यापक उद्देश्य से जुड़ा रहा, जिसमें पुलिस परिवारों के बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
फ्लैग मेकिंग और देशभक्ति प्रदर्शनी जैसे कार्यक्रमों के जरिए बच्चों को एक साझा मंच प्रदान किया गया, जहां वे एक-दूसरे की रचनात्मकता को देख और उससे सीख भी सकते हैं।
सीओ खतौली रूपाली राय भी रहीं मौजूद
कार्यक्रम में सीओ खतौली रूपाली राय की भी उपस्थिति रही। उनके अलावा सीओ जानसठ ऋषिका सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।
पुलिस विभाग की महिला अधिकारियों और पुलिस परिवारों की सहभागिता ने कार्यक्रम को व्यापक रूप दिया।
ऐसे आयोजनों में अधिकारियों की मौजूदगी बच्चों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ पुलिस परिवारों और विभाग के बीच सामाजिक जुड़ाव को भी मजबूत कर सकती है।
पुलिस अधिकारियों और परिवारों की रही भागीदारी
कार्यक्रम में निवेदिता चौबे, जो एसपी यातायात की पत्नी हैं, उदिता मिश्रा, जो एएसपी की पत्नी हैं, आरआई ऊदल सिंह और पुलिस मॉडर्न स्कूल की प्रधानाचार्य सुधा शर्मा सहित पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
इसके साथ ही पुलिस परिवारों के सदस्य भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस सामूहिक भागीदारी ने कार्यक्रम को केवल स्कूल आधारित गतिविधि न रखकर पुलिस परिवारों के व्यापक आयोजन का रूप दिया।
बच्चों के लिए स्वतंत्रता दिवस का अलग अंदाज
स्वतंत्रता दिवस आमतौर पर ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, भाषण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाता है। लेकिन इस आयोजन में बच्चों को कला और रचनात्मकता के जरिए राष्ट्रीय पर्व से जोड़ने की कोशिश की गई।
बच्चों ने अपने हाथों से तिरंगे और देशभक्ति से जुड़ी कलाकृतियां बनाईं। इससे उन्हें स्वतंत्रता दिवस के साथ व्यक्तिगत और रचनात्मक जुड़ाव महसूस करने का अवसर मिला।
इस तरह की गतिविधियां बच्चों के लिए यादगार भी बन सकती हैं क्योंकि वे स्वयं कार्यक्रम का सक्रिय हिस्सा बनते हैं।
प्रतियोगिता से आगे सीखने का अवसर
फ्लैग मेकिंग प्रतियोगिता में जीत या हार से ज्यादा महत्वपूर्ण बच्चों का भाग लेना रहा। अपनी कल्पना को कागज और रंगों में उतारने की प्रक्रिया बच्चों के लिए सीखने का अवसर बनी।
प्रतियोगिता के दौरान बच्चे एक-दूसरे के काम को देखते हैं, नई तकनीक सीखते हैं और अपनी कल्पना को अलग तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास करते हैं।
यही वजह है कि रचनात्मक प्रतियोगिताओं को बच्चों के सर्वांगीण विकास का एक उपयोगी माध्यम माना जाता है।
राष्ट्रीय एकता और रचनात्मक सोच पर आयोजकों का जोर
आयोजकों के अनुसार इस प्रकार की गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों में बचपन से ही देशभक्ति, रचनात्मक सोच, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है।
राष्ट्रीय एकता जैसे विषय बच्चों को उनकी विविध सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आगे बढ़कर एक साझा राष्ट्रीय पहचान से जोड़ते हैं।
कला के माध्यम से इन भावनाओं को व्यक्त करना बच्चों के लिए स्वाभाविक और आनंददायक तरीका हो सकता है।
पुलिस परिवारों के बच्चों को मिला साझा मंच
पुलिस परिवारों के बच्चों के लिए ऐसा आयोजन एक साझा मंच प्रदान करता है। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी अक्सर चुनौतीपूर्ण और समयबद्ध होती है। ऐसे में परिवार के बच्चों के लिए विभागीय स्तर पर सामूहिक आयोजन सामाजिक जुड़ाव का अवसर देते हैं।
कार्यक्रम में बच्चों ने न केवल अपनी कलाकृतियां प्रदर्शित कीं, बल्कि अन्य बच्चों की कला को भी देखा।
इससे उनमें समूह भावना और सहयोग की भावना विकसित करने में मदद मिल सकती है।
रिजर्व पुलिस लाइन में दिखा उत्सव जैसा माहौल
सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चले कार्यक्रम में बच्चों और पुलिस परिवारों की भागीदारी के कारण रिजर्व पुलिस लाइन का मंदिर प्रांगण उत्सव जैसा नजर आया।
बच्चों की गतिविधियों, रंगीन कलाकृतियों और तिरंगे की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बनाया।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य गंभीर राष्ट्रीय संदेश को बच्चों की रचनात्मकता के साथ जोड़ना था, जिसमें आयोजक सफल होते दिखाई दिए।
बच्चों की कला बनी आकर्षण का केंद्र
प्रदर्शनी में रखी गई पेंटिंग और कलाकृतियों को देखने के लिए कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और परिवार के सदस्यों ने भी रुचि दिखाई।
बच्चों के लिए यह अनुभव खास रहा कि उनकी बनाई हुई कलाकृतियों को वरिष्ठ अधिकारी और अन्य लोग देख रहे थे तथा उनकी सराहना कर रहे थे।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को स्मृति चिह्न दिए जाने से उनकी खुशी और बढ़ी।
स्वतंत्रता दिवस के संदेश को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल
राष्ट्रीय पर्वों का महत्व केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं होना चाहिए। बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रीय प्रतीकों और देश की विविधता के बारे में उम्र के अनुरूप जानकारी देना उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित कर सकता है।
फ्लैग मेकिंग जैसी गतिविधियां इसी प्रक्रिया का एक छोटा लेकिन प्रभावी हिस्सा हो सकती हैं।
जब बच्चा स्वयं तिरंगा बनाता है और उसके रंगों तथा राष्ट्रीय पहचान के बारे में सोचता है तो वह विषय के साथ भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।
वामा सारथी के आयोजन से बच्चों में बढ़ा उत्साह
कार्यक्रम में वामा सारथी की अध्यक्ष डॉ. नीलम राय वर्मा की मौजूदगी और बच्चों को सम्मानित किए जाने से प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ा।
आयोजकों का संदेश स्पष्ट रहा कि बच्चों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और उन्हें राष्ट्रहित से जुड़ी गतिविधियों में लगातार अवसर दिए जाने चाहिए।
यह पहल पुलिस परिवारों के भीतर बच्चों की प्रतिभा को मंच देने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय पर्व की भावना से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण रही।
देशभक्ति का संदेश रंगों में दिखा
कार्यक्रम की सबसे खूबसूरत तस्वीर यही रही कि बच्चों ने देशभक्ति को अपने शब्दों से नहीं, बल्कि रंगों और चित्रों से व्यक्त किया।
तिरंगे के तीन रंगों से सजी कलाकृतियां, राष्ट्रीय ध्वज की अलग-अलग रचनात्मक प्रस्तुतियां और बच्चों की कल्पनाशीलता ने प्रदर्शनी को जीवंत बना दिया।
किसी बड़े मंच या कठिन भाषण के बजाय बच्चों ने अपनी कला के जरिए यह संदेश दिया कि राष्ट्रप्रेम को अलग-अलग तरीकों से व्यक्त किया जा सकता है।
आयोजन ने दिया रचनात्मकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश
मुजफ्फरनगर रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित फ्लैग मेकिंग इवेंट और देशभक्ति प्रदर्शनी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को बच्चों की रचनात्मकता से जोड़ दिया।
पुलिस मॉडर्न स्कूल के विद्यार्थियों और पुलिस परिवारों के बच्चों की भागीदारी, वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी और उत्कृष्ट प्रतिभागियों का सम्मान कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे।
आयोजकों के मुताबिक भविष्य में भी बच्चों को इस प्रकार की गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है, ताकि उनमें देशभक्ति के साथ-साथ रचनात्मक सोच, राष्ट्रीय एकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो।

