शादी के कुछ घंटों बाद मातम: भारतीय मूल के पायलट की Helicopter Crash में मौत, 6 घंटे तक मलबे में फंसी रही दुल्हन
अमेरिका जॉर्जिया राज्य में अपनी शादी के कुछ ही घंटों बाद भारतीय मूल के पायलट डेव फिजी की Helicopter Crash में मौत हो गई, जबकि उनकी नवविवाहित पत्नी जेस्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद वह लगभग छह घंटे तक हेलिकॉप्टर के मलबे में फंसी रहीं और जब उन्हें होश आया तो उनके सामने एक ऐसा दृश्य था जिसे शायद वह जीवनभर नहीं भूल पाएंगी।
यह दुखद घटना 29 मई को हुई थी, लेकिन इसकी पूरी कहानी 1 जून को सामने आई, जिसके बाद अमेरिका और भारत दोनों जगहों पर लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया। फिलहाल अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) दुर्घटना की जांच कर रही है और शुरुआती रिपोर्ट अगले कुछ हफ्तों में आने की उम्मीद है।
400 मेहमानों की मौजूदगी में हुई थी भव्य शादी
29 मई को जॉर्जिया के डॉसनविल स्थित प्रसिद्ध वेडिंग वेन्यू “द रिवेरे” में डेव फिजी और जेस्नी का विवाह समारोह आयोजित किया गया था। यह शादी दोनों परिवारों के लिए बेहद खास अवसर थी, जिसमें लगभग 400 मेहमान शामिल हुए थे।
परिवार और दोस्तों के अनुसार शादी का माहौल बेहद उत्साहपूर्ण था। दोनों परिवारों में खुशी का माहौल था और सभी नवविवाहित जोड़े के नए जीवन की शुरुआत का जश्न मना रहे थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि कुछ ही घंटों बाद यह खुशी एक भयावह त्रासदी में बदल जाएगी।
शादी के तुरंत बाद हेलिकॉप्टर से रवाना हुआ था नवविवाहित जोड़ा
विवाह समारोह समाप्त होने के बाद डेव और जेस्नी हेलिकॉप्टर के जरिए अटलांटा के लिए रवाना हुए। यात्रा का उद्देश्य शादी के बाद अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करना था।
लेकिन उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसा डॉसनविल के पास घने जंगल वाले इलाके में हुआ। खराब मौसम, घना कोहरा और बारिश के कारण दृश्यता बेहद कम थी।
हेलिकॉप्टर के गिरते ही शादी की सारी खुशियां पलभर में खत्म हो गईं और दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
‘मेरा बेटा जिंदगी के सबसे खुश दिन पर था’ – पिता का छलक उठा दर्द
डेव फिजी के पिता जॉर्ज फिजी ने मीडिया से बातचीत में अपने बेटे को याद करते हुए भावुक शब्दों में कहा कि वह अपने जीवन के सबसे खुशी भरे दिन का आनंद ले रहा था।
उन्होंने कहा, “मैं उसे देख रहा था और उसकी खुशी महसूस कर रहा था। वह बेहद खुश था। वह बहुत हैंडसम लग रहा था और अपने नए जीवन को लेकर उत्साहित था।”
जॉर्ज के अनुसार डेव और जेस्नी की मुलाकात चर्च समुदाय के माध्यम से हुई थी। दोनों परिवार लंबे समय से चर्च गतिविधियों से जुड़े हुए थे। दोस्ती धीरे-धीरे गहरे रिश्ते में बदली और दोनों ने विवाह का निर्णय लिया।
बचपन का सपना था पायलट बनना, मेहनत से हासिल की थी सफलता
परिवार के अनुसार डेव फिजी बचपन से ही विमान उड़ाने का सपना देखते थे। उन्होंने अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण के दौरान कड़ी मेहनत की और आखिरकार अपना सपना पूरा किया।
डेव बाद में अमेरिका की प्रमुख एयरलाइन कंपनियों में से एक डेल्टा एयर लाइंस में फर्स्ट ऑफिसर के पद तक पहुंचे। विमानन क्षेत्र में उनके सहयोगी उन्हें एक अनुशासित, जिम्मेदार और बेहद कुशल पायलट के रूप में जानते थे।
परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें उड़ान और विमानों से विशेष लगाव था और यही उनका सबसे बड़ा जुनून था।
हादसे से पहले मौसम को लेकर जताई थी चिंता
इस दर्दनाक कहानी का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि डेव ने खराब मौसम को लेकर पहले ही चिंता जताई थी।
उनके पिता के अनुसार शादी समारोह के दौरान इलाके में घना कोहरा और लगातार बारिश हो रही थी। दृश्यता काफी कम थी और मौसम उड़ान के लिए आदर्श नहीं माना जा रहा था।
परिवार ने बताया कि डेव ने हेलिकॉप्टर पायलट से कहा था कि ऐसी स्थिति में उड़ान भरना जोखिम भरा हो सकता है। हालांकि पायलट ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरेगा और यात्रा सुरक्षित रहेगी।
इसके बाद उड़ान जारी रखने का फैसला लिया गया।
घने जंगल में गिरा हेलिकॉप्टर, देर से पहुंची राहत टीम
हेलिकॉप्टर दुर्घटना जिस इलाके में हुई वह घने जंगलों और कठिन भूभाग वाला क्षेत्र था। इसी कारण बचाव दलों को दुर्घटनास्थल तक पहुंचने में काफी समय लग गया।
जॉर्ज फिजी ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर का पता लगाने में कई घंटे लग गए। खराब मौसम और घने पेड़ों के कारण खोज अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया था।
विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे इलाकों में दुर्घटनाओं के बाद राहत एवं बचाव कार्य अक्सर कठिन हो जाते हैं, जिससे घायलों तक समय पर सहायता पहुंचाना चुनौती बन जाता है।
जब होश आया तो पति का सिर सीने पर था, दुल्हन की दर्दनाक आपबीती
हादसे का सबसे भावुक हिस्सा जेस्नी की कहानी है।
परिवार के अनुसार दुर्घटना के बाद जेस्नी लगभग छह घंटे तक हेलिकॉप्टर के मलबे में फंसी रहीं। जब उन्हें होश आया तो उन्होंने खुद को टूटे हुए हेलिकॉप्टर के बीच पाया।
डेव के पिता ने बताया कि जेस्नी ने उन्हें जो बताया, वह बेहद दर्दनाक था।
जेस्नी ने कहा कि जब उनकी आंख खुली तो डेव का सिर उनकी छाती पर टिका हुआ था। उन्होंने अपने आसपास खून देखा और स्थिति को समझने की कोशिश की।
चूंकि जेस्नी पेशे से नर्स हैं, इसलिए उन्होंने तुरंत स्थिति का आकलन किया और समझ गईं कि डेव अब जीवित नहीं हैं।
यह एहसास उनके लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं था।
शारीरिक चोटों से उबर रहीं, लेकिन मानसिक आघात बेहद गहरा
परिवार के अनुसार हादसे में जेस्नी को शरीर पर कई गंभीर चोटें और कट लगे हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि उनकी कोई हड्डी नहीं टूटी।
डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है और उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। लेकिन परिवार का कहना है कि पति को खोने का दर्द उनके लिए किसी भी शारीरिक चोट से कहीं अधिक बड़ा है।
मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों से बचे लोगों को लंबे समय तक भावनात्मक और मानसिक सहयोग की आवश्यकता होती है।
केरल से जुड़ा है दोनों परिवारों का रिश्ता
डेव फिजी के माता-पिता मूल रूप से भारत के केरल राज्य के एर्नाकुलम जिले के मुवट्टुपुझा क्षेत्र से संबंध रखते हैं। वहीं जेस्नी का परिवार भी केरल के अलाप्पुझा जिले से जुड़ा हुआ है।
अमेरिका में बसे भारतीय समुदाय के बीच यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
NTSB कर रही जांच, दुर्घटना के कारणों का इंतजार
फिलहाल दुर्घटना की जांच अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) द्वारा की जा रही है। एजेंसी ने अभी तक दुर्घटना के सटीक कारणों की पुष्टि नहीं की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम, दृश्यता, तकनीकी स्थिति और उड़ान संबंधी अन्य पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी। प्रारंभिक रिपोर्ट अगले 30 दिनों के भीतर सामने आने की संभावना है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके पीछे मुख्य कारण क्या था।










