Auraiya में महिला ने जेठ पर लगाया दुष्कर्म का आरोप: सेना के जवान के खिलाफ एफआईआर दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
Auraiya। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के अछल्दा थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। एक महिला ने अपने सगे पारिवारिक जेठ पर तमंचे के बल पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। फिलहाल आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पीड़िता ने दर्ज कराई शिकायत
पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार घटना 3 जून की देर रात की बताई गई है।
महिला का आरोप है कि उसके जेठ सत्येंद्र यादव उर्फ फौजी घर में आए और कथित रूप से हथियार दिखाकर उसे धमकाया। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
महिला का कहना है कि घटना के बाद वह भयभीत और मानसिक रूप से परेशान थी। बाद में उसने हिम्मत जुटाकर पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी सेना में तैनात होने का दावा
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी भारतीय सेना में कार्यरत है और वर्तमान में पंजाब के बठिंडा में तैनात है।
हालांकि, इस संबंध में संबंधित सैन्य इकाई की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
अछल्दा थाना प्रभारी सुरेश चन्द्र ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सैन्य अधिकारियों को भी दी जाएगी सूचना
पुलिस के अनुसार, चूंकि आरोपी के सेना में कार्यरत होने का दावा किया गया है, इसलिए नियमानुसार संबंधित सैन्य अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी जाएगी।
आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
जांच पूरी होने के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
यह मामला फिलहाल जांच के अधीन है। पुलिस साक्ष्यों के संकलन, संबंधित पक्षों के बयान और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
भारतीय न्याय व्यवस्था के अनुसार किसी भी आरोपी को न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक दोषी नहीं माना जाता। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आता है।

