दा ब्राह्मण ट्रस्ट Muzaffarnagar चुनाव पर विवाद गहराया: चुनावी हेराफेरी के आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग; मामला हाईकोर्ट पहुंचा
Muzaffarnagar। दा ब्राह्मण ट्रस्ट (पंजीकृत) के चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों और सदस्यों ने प्रेसवार्ता आयोजित कर चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा वर्तमान समिति के गठन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग की है।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि मामले को लेकर संबंधित विभागों में पहले ही शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं और अब न्यायिक स्तर पर भी कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रेसवार्ता में लगाए चुनावी अनियमितताओं के आरोप
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए दा ब्राह्मण ट्रस्ट के प्रबंधक राधा रमण शर्मा ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट का संचालन कानूनी रूप से सत्यापित 26 वास्तविक सदस्यों की सूची के आधार पर होना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि हाल में हुए ट्रस्ट चुनाव में कथित रूप से अनियमितताएं हुईं और चुनाव प्रक्रिया में अधिकारियों की मिलीभगत से विजयी समिति को लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नहीं कराया गया।
कई अधिकारियों से की गई शिकायत
ट्रस्ट पदाधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की लिखित शिकायत सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय, सहारनपुर, जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर तथा जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को दी गई थी।
शिकायत में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की गई थी। हालांकि उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और नई समिति को मान्यता प्रदान कर दी गई।
मामला पहुंचा उच्च न्यायालय
राधा रमण शर्मा ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया को चुनौती देते हुए ट्रस्ट की ओर से उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर की गई है।
उन्होंने कहा कि अब न्यायालय के समक्ष पूरे मामले से जुड़े तथ्यों को रखा गया है और उन्हें निष्पक्ष न्याय मिलने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग
प्रबंधक राधा रमण शर्मा ने जिलाधिकारी से मांग की कि वर्तमान समिति से संबंधित सभी दस्तावेजों की विस्तृत जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रेसवार्ता में मौजूद रहे ट्रस्ट सदस्य
प्रेसवार्ता के दौरान ट्रस्ट से जुड़े कई सदस्य उपस्थित रहे। इनमें इंजीनियर रविन्द्र कुमार, अनिल गौतम सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहे।
सभी ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराए जाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।
जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
फिलहाल मामले में ट्रस्ट के एक पक्ष की ओर से चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। दूसरी ओर, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों या वर्तमान समिति की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच और न्यायालय में चल रही कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

