Unnao में बच्चों के झगड़े ने लिया हिंसक मोड़: दो पक्षों में मारपीट के बाद फायरिंग, तमंचा लहराने का वीडियो वायरल
Unnao जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित ललऊखेड़ा गांव में बच्चों के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते दो परिवारों के बीच हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच पहले जमकर मारपीट हुई और फिर एक पक्ष की ओर से कथित तौर पर तमंचे से फायरिंग कर दी गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक युवक के हाथ में तमंचा जैसा हथियार दिखाई दे रहा है। पुलिस ने मौके से एक बुलेट (गोली) मिलने की भी पुष्टि की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और दोनों पक्षों से चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
बच्चों के खेल के दौरान शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, सदर कोतवाली क्षेत्र के ललऊखेड़ा गांव में बुधवार देर शाम वीरेंद्र सोनकर और सुमित राजपूत के बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर बच्चों के बीच कहासुनी हो गई।
शुरुआत में यह विवाद केवल बच्चों तक सीमित था, लेकिन कुछ ही देर में दोनों परिवारों के बड़े सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। बातचीत के बजाय दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक हंगामा होता रहा, जिससे आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए।
मारपीट के बीच फायरिंग का आरोप, गांव में मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब एक पक्ष की ओर से कथित तौर पर तमंचे से फायरिंग की गई। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और कई लोग अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागने लगे।
हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फायरिंग किस परिस्थिति में हुई और उसका उद्देश्य क्या था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना के बाद मौके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो में एक युवक हाथ में तमंचा लिए दिखाई दे रहा है, जिससे घटना को लेकर लोगों में चर्चा और बढ़ गई है।
पुलिस ने वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि वीडियो कब और किसने रिकॉर्ड किया तथा उसमें दिखाई दे रहा युवक कौन है।
पुलिस का कहना है कि वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे घटनाक्रम का मिलान अन्य साक्ष्यों से किया जा रहा है।
मौके से बुलेट मिलने की भी जानकारी
सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से एक बुलेट भी बरामद हुई है। पुलिस इस बरामदगी की फोरेंसिक और तकनीकी जांच कराने की तैयारी कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में फायरिंग हुई थी या नहीं और यदि हुई तो किस हथियार का इस्तेमाल किया गया।
जांच पूरी होने के बाद ही पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को अलग कराया और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती।
पुलिस ने दोनों पक्षों से चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोतवाल ने क्या कहा?
सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्रा ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार बच्चों के बीच हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई।
उन्होंने कहा कि एक पक्ष की ओर से फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है। वायरल वीडियो में भी एक युवक हथियार लिए दिखाई दे रहा है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों के विवाद में बड़ों के हस्तक्षेप से बढ़ा तनाव
सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के बीच होने वाले छोटे-छोटे विवाद अक्सर बातचीत से सुलझ सकते हैं, लेकिन जब बड़े लोग भावनात्मक रूप से प्रतिक्रिया देते हैं, तो मामूली घटनाएं भी गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति में बदल सकती हैं।
ऐसी घटनाएं न केवल संबंधित परिवारों बल्कि पूरे मोहल्ले और गांव के सामाजिक माहौल को भी प्रभावित करती हैं। इसलिए किसी भी विवाद की स्थिति में संयम और संवाद को प्राथमिकता देना आवश्यक माना जाता है।
पुलिस जुटी साक्ष्य जुटाने में
फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि फायरिंग और अवैध हथियार के इस्तेमाल की पुष्टि होती है, तो संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

