Hathras में संदिग्ध हालात में विवाहिता की मौत से सनसनी: मायके वालों के पहुंचने से पहले जलाया शव, हत्या का आरोप; पुलिस जांच में जुटी
News-Desk
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Hathras News, UP crime news, उत्तर प्रदेश समाचार, दहेज उत्पीड़न, पुलिस जांच, विवाहिता की मौत, संदिग्ध मौत, सहपऊ, हत्या का आरोप, हाथरसHathras जिले के सहपऊ थाना क्षेत्र के थरौरा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मृतका के मायके पक्ष का आरोप है कि उन्हें सूचना दिए बिना ससुराल पक्ष ने जल्दबाजी में शव का अंतिम संस्कार कर दिया। जब तक परिजन गांव पहुंचे, तब तक चिता लगभग पूरी तरह जल चुकी थी।
घटना की जानकारी मिलते ही मायके पक्ष ने मौके पर पहुंचकर चिता को बुझाने का प्रयास किया। आग पर काबू न पाने पर दमकल को बुलाया गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि विवाहिता की हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव का अंतिम संस्कार किया गया। दूसरी ओर, घटना के बाद ससुराल पक्ष के लोग घर से अनुपस्थित बताए जा रहे हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
सुबह हुई मौत, दोपहर में कर दिया गया अंतिम संस्कार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका निर्मला देवी (34 वर्ष) मूल रूप से गांव जायमई, थाना सिरसागंज, जिला फिरोजाबाद की रहने वाली थीं। उनका विवाह 3 फरवरी 2012 को हाथरस जिले के थरौरा गांव निवासी अमित कुमार उर्फ जैकी के साथ हुआ था।
परिजनों के अनुसार, शुक्रवार सुबह निर्मला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि इसके बाद ससुराल पक्ष ने दोपहर के समय गांव के निकट खेत में उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
मायके पक्ष का कहना है कि उन्हें घटना की सूचना समय पर नहीं दी गई, जिससे वे अंतिम संस्कार से पहले मौके पर नहीं पहुंच सके।
गांव के व्यक्ति से मिली मौत की जानकारी
मृतका के पिता सुरेशचंद्र के अनुसार, उन्हें शुक्रवार दोपहर लगभग तीन बजे अपनी छोटी बेटी अंजली के माध्यम से घटना की जानकारी मिली।
उन्होंने बताया कि अंजली को थरौरा गांव के एक व्यक्ति ने फोन कर बताया था कि निर्मला की मौत हो गई है। उसी व्यक्ति ने यह भी जानकारी दी कि दोपहर करीब दो बजे मृतका के शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
यह सूचना मिलते ही परिवार के लोग तत्काल हाथरस के लिए रवाना हो गए।
मौके पर पहुंचकर चिता बुझाने की कोशिश, बुलानी पड़ी दमकल
मायके पक्ष के लोगों का कहना है कि जब वे घटनास्थल पर पहुंचे, तब तक चिता लगभग पूरी तरह जल चुकी थी।
उन्होंने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, ताकि शव को सुरक्षित रखा जा सके और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी हो सके। आग पूरी तरह नियंत्रित न होने पर दमकल विभाग को सूचना दी गई।
परिजनों का कहना है कि वे चाहते थे कि मृत्यु के कारणों का निष्पक्ष पता लगाया जाए, इसलिए अंतिम संस्कार रोका जाना आवश्यक था।
मायके पक्ष ने लगाया हत्या और साक्ष्य मिटाने का आरोप
मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि निर्मला की हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से जल्दबाजी में शव का अंतिम संस्कार किया गया।
परिजनों का कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी समय रहते नहीं दी गई और न ही अंतिम संस्कार में शामिल होने का अवसर मिला।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद ससुराल पक्ष घर से अनुपस्थित
स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के बाद ससुराल पक्ष के सदस्य घर पर नहीं मिले। बताया जा रहा है कि परिवार के लोग घर छोड़कर चले गए हैं।
पुलिस संबंधित व्यक्तियों की तलाश कर रही है और मामले से जुड़े सभी पक्षों के बयान दर्ज करने की तैयारी में है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सभी तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा और आवश्यक कानूनी कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
वैवाहिक जीवन में पहले से चल रहा था विवाद
परिजनों के अनुसार, विवाह के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी के बीच मतभेद शुरू हो गए थे।
बताया गया कि विवाह के लगभग डेढ़ वर्ष बाद निर्मला अपने मायके लौट गई थीं। इसके बाद उन्होंने पति के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था।
दोनों पक्षों के बीच लगभग दस वर्षों तक विवाद चलता रहा। बाद में करीब चार वर्ष पहले न्यायालय के आदेश के बाद निर्मला दोबारा अपने ससुराल में रहने लगी थीं।
परिजनों ने बताया कि दंपती की कोई संतान नहीं थी।
पिता ने किया था संपर्क का प्रयास, नहीं उठा किसी का फोन
मृतका के पिता ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने ससुराल पक्ष के लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया।
इसके बाद उन्होंने हाथरस के लिए रवाना होते समय रास्ते से ही 112 आपातकालीन सेवा पर सूचना देकर पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया।
सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस भी मामले की जांच में सक्रिय हो गई।
पुलिस सभी पहलुओं से कर रही जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की सूचना मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जांच के दौरान मृत्यु के कारण, अंतिम संस्कार की परिस्थितियों, दोनों परिवारों के बीच पूर्व विवाद और अन्य उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा।
यदि जांच में किसी प्रकार की आपराधिक भूमिका सामने आती है, तो संबंधित धाराओं के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
संदिग्ध मौत के मामलों में कानूनी प्रक्रिया का महत्व
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में होती है, तो ऐसे मामलों में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। मृत्यु के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच, चिकित्सकीय परीक्षण और अन्य साक्ष्यों की भूमिका अहम मानी जाती है।
इसी कारण इस मामले में भी जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही हैं।

