उत्तर प्रदेश

Agra में खौफनाक वारदात: एक महीने बाद घर लौटा पति, पत्नी की बेरहमी से हत्या; दो बच्चों को लेकर फरार, कुंडल-बिछुए तक नोचने का आरोप

Agra के थाना खंदौली क्षेत्र के गांव पीलीपोखर में सोमवार रात एक महिला की बेहद गंभीर परिस्थितियों में हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, प्रॉपर्टी डीलर विवेक सिकरवार पर अपनी पत्नी किरन (30) की हत्या करने का आरोप है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक महिला के सिर पर लोहे के पाइप से कई वार किए गए और इसके बाद चाकू से गला काटने की बात सामने आई है। वारदात के बाद आरोपी अपने दो छोटे बच्चों को साथ लेकर मौके से फरार हो गया।

घटना की जानकारी मंगलवार दोपहर उस समय हुई, जब काफी देर तक घर से किसी के बाहर नहीं आने पर पड़ोसियों को संदेह हुआ। घर के बरामदे में खून से लथपथ महिला का शव देखकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और घटनास्थल की जांच शुरू की। फील्ड यूनिट को भी बुलाया गया तथा घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की दो टीमें आरोपी की तलाश में लगाई गई हैं। आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस आरोपी के दोस्तों और रिश्तेदारों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है, ताकि उसके संभावित ठिकानों तक पहुंचा जा सके।

एक महीने बाद घर लौटा था विवेक, घर में घुसते ही शुरू हुआ विवाद

पुलिस और मृतका के परिजनों से सामने आई जानकारी के अनुसार विवेक करीब एक महीने बाद घर लौटा था। परिजनों का आरोप है कि वह पत्नी किरन को नुकसान पहुंचाने की तैयारी के साथ वापस आया था। घर पहुंचने के बाद दोनों के बीच विवाद हुआ।

आरोप है कि विवाद के दौरान विवेक ने किरन पर लोहे के पाइप से हमला कर दिया। सिर पर लगातार प्रहार होने के कारण महिला गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गई। इसके बाद उस पर चाकू से हमला कर गला काटने का आरोप है।

घटना की भयावहता का अंदाजा घटनास्थल की स्थिति से भी लगाया जा रहा है। घर में सामान बिखरा मिला और टिन शेड भी टूटा हुआ था। इससे पुलिस और परिजनों को आशंका है कि किरन ने हमले के दौरान खुद को बचाने के लिए संघर्ष किया होगा।

हालांकि वारदात की पूरी परिस्थितियों और घटनाक्रम की पुष्टि पुलिस की जांच तथा फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।

किरन के कानों पर मिले खींचतान के निशान, जेवर छीनने का भी आरोप

मृतका के कानों पर बने निशान भी मामले को और गंभीर बना रहे हैं। पुलिस और मौके पर पहुंचे लोगों ने किरन के कानों के आसपास कुंडल खींचे जाने जैसे निशान देखे। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि हत्या के बाद उसके कानों के कुंडल नोंच लिए गए।

परिजनों के मुताबिक किरन के पैरों के बिछुए और चूड़ियां भी निकाल ली गईं। इस पहलू को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है कि वारदात के दौरान वास्तव में क्या हुआ और जेवर किस परिस्थिति में गायब हुए।

घटनास्थल पर मिले सामान और टूट-फूट की स्थिति को देखते हुए पुलिस विभिन्न संभावनाओं की जांच कर रही है। हत्या से पहले संघर्ष हुआ था या नहीं, वारदात के दौरान कौन-कौन मौजूद था और घटनास्थल से कौन-कौन सी वस्तुएं हटाई गईं, इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आ सकेंगे।

भाई बोला- किरन इकलौती बहन थी, पिता ने खेत बेचकर की थी शादी

मृतका के भाई ललित ने अपनी बहन की हत्या को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। ललित के अनुसार किरन उनके माता-पिता की इकलौती बेटी थी। परिवार ने उसकी शादी में अपनी क्षमता के अनुसार पूरा खर्च किया था और पिता विजेंद्र सिंह ने शादी के लिए दो बीघा खेत तक बेच दिया था।

ललित के मुताबिक किरन की शादी करीब आठ साल पहले गांव पीलीपोखर निवासी राजकुमार सिकरवार के बेटे विवेक सिकरवार से हुई थी। शादी के बाद दोनों के दो बेटे हुए। परिवार में छह वर्षीय लक्ष्य और चार वर्षीय मुन्नू हैं।

शुरुआत में परिवार सामान्य तरीके से चल रहा था, लेकिन बाद में पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा। मृतका के मायके वालों का आरोप है कि घरेलू विवाद और मारपीट की घटनाएं पहले भी होती रही थीं।

रक्षाबंधन पर भी नहीं आ सका था पति, मायके वालों से नाराजगी का आरोप

ललित ने आरोप लगाया कि विवेक को किरन के मायके पक्ष के लोग पसंद नहीं थे। इसी वजह से वह रक्षाबंधन के अवसर पर भी किरन से राखी बंधवाने नहीं आया था।

परिवार के अनुसार पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ चुका था कि किरन को कई-कई दिनों तक भोजन तक नहीं दिया जाता था। ललित का कहना है कि एक समय ऐसा भी आया जब किरन के लिए एक होटल से खाना भेजने की व्यवस्था करनी पड़ी।

आरोप है कि विवेक को जब इस व्यवस्था के बारे में पता चला तो उसने किरन के साथ मारपीट की। मायके पक्ष के अनुसार घरेलू विवाद लगातार गंभीर होता गया।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी पुलिस जांच के अधीन है। पुलिस तहरीर में लगाए गए प्रत्येक आरोप की जांच कर रही है।

मारपीट के बाद किरन ने पुलिस से की थी शिकायत

मृतका के भाई ललित के अनुसार, करीब एक महीने पहले विवेक ने किरन के साथ मारपीट की थी। इसके बाद किरन ने खंदौली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

परिजनों के मुताबिक शिकायत के बाद विवेक घर से चला गया था। इसके बाद किरन अपने दोनों बच्चों के साथ घर में अकेली रह रही थी। परिवार को उम्मीद थी कि पुलिस शिकायत के बाद स्थिति सुधर सकती है, लेकिन कुछ समय बाद विवेक वापस लौटा और सोमवार रात कथित तौर पर यह वारदात हो गई।

यही वजह है कि परिवार के लिए घटना और भी अधिक झकझोर देने वाली है। परिजनों का कहना है कि पहले से विवाद और शिकायत की जानकारी होने के बावजूद उन्हें अंदाजा नहीं था कि मामला इतनी भयावह स्थिति तक पहुंच जाएगा।

मकान बनवाने के लिए रुपये लाने का दबाव डालने का आरोप

परिजनों ने विवेक पर किरन से मायके से रुपये लाने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है। मृतका के अनुसार परिवार की ओर से बताया गया कि विवेक मकान बनवाने के लिए पत्नी पर मायके से पैसे लाने का दबाव बनाता था।

इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद और मारपीट होने की बात कही गई है। किरन के पिता विजेंद्र सिंह ने कई बार ससुराल पक्ष से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया था।

लेकिन परिवार का आरोप है कि बातचीत के बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ। किरन ने परेशान होकर पुलिस से शिकायत भी की थी।

अब पुलिस जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि पहले की शिकायत में क्या आरोप लगाए गए थे, उस पर क्या कार्रवाई हुई थी और वर्तमान घटना से उसका कोई सीधा संबंध था या नहीं।

पति-पत्नी के बीच विवाद की पृष्ठभूमि खंगाल रही पुलिस

आगरा पुलिस इस मामले में केवल वारदात के समय की परिस्थितियों की जांच नहीं कर रही, बल्कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद की पृष्ठभूमि भी खंगाल रही है।

परिजनों द्वारा लगाए गए घरेलू हिंसा, मारपीट और रुपये की मांग से जुड़े आरोपों की जांच की जाएगी। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि विवेक के खिलाफ पहले कोई शिकायत दर्ज हुई थी या नहीं और अगर हुई थी तो उस मामले में पुलिस स्तर पर क्या कार्रवाई की गई थी।

जांच अधिकारियों के लिए घटनास्थल से मिले साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे। फोरेंसिक टीम द्वारा जुटाए गए नमूने, घर में मिली वस्तुएं, टूटे सामान, पाइप और अन्य संभावित साक्ष्य घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में मदद कर सकते हैं।

मौके से मिले लोहे के दो पाइप, टूटी टिन शेड ने बढ़ाया संदेह

पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से लोहे के दो पाइप और टूटी हुई टिन शेड मिली है। महिला के सिर पर पाइप से हमला किए जाने की आशंका जताई गई है।

घर में टूट-फूट और बिखरे सामान को देखकर प्रथम दृष्टया संघर्ष की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। हालांकि पुलिस अभी सभी साक्ष्यों को जोड़कर घटनाक्रम स्पष्ट करने में जुटी है।

यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि दोनों पाइप वारदात में इस्तेमाल हुए थे या घर में पहले से मौजूद थे। फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

दो बच्चों को साथ लेकर फरार हुआ आरोपी

वारदात के बाद विवेक के दोनों बच्चों को साथ लेकर फरार होने की जानकारी सामने आई है। दोनों बच्चे छह वर्षीय लक्ष्य और चार वर्षीय मुन्नू बताए गए हैं।

आरोपी की तलाश के साथ पुलिस के सामने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी जिम्मेदारी है। पुलिस संभावित रास्तों, रिश्तेदारों और परिचितों के ठिकानों की जानकारी जुटा रही है।

आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के बाद आरोपी किस दिशा में गया। पुलिस उसके मोबाइल फोन और संपर्कों से जुड़े संभावित सुरागों की भी जांच कर सकती है।

पुलिस की दो टीमें तलाश में जुटीं

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें लगाई हैं। आसपास के क्षेत्रों में तलाश के साथ-साथ संभावित ठिकानों पर भी पुलिस की नजर है।

पुलिस आरोपी के दोस्तों और रिश्तेदारों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि घटना के बाद उसने किससे संपर्क किया और बच्चों को लेकर कहां गया।

सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस के सामने फिलहाल प्राथमिकता आरोपी तक पहुंचने और दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद करने की है।

मंगलवार दोपहर तक घर से कोई बाहर नहीं आया तो पड़ोसियों को हुआ शक

घटना का पता लगने में भी कई घंटे लग गए। मंगलवार दोपहर तक घर से किसी के बाहर नहीं आने पर पड़ोसियों को संदेह हुआ। इसके बाद जब उन्होंने घर की स्थिति देखी तो बरामदे में किरन का शव पड़ा मिला।

शव खून से लथपथ हालत में था। यह दृश्य देखकर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

इस घटना ने स्थानीय लोगों को भी झकझोर दिया। जिस घर में पति-पत्नी के बीच पहले से विवाद की बात सामने आ रही थी, वहीं इतनी गंभीर वारदात हो जाने के बाद आसपास के लोग भी सवालों के घेरे में आ गए।

मृतका के परिजनों का पड़ोसियों पर गुस्सा, बोले- आवाज क्यों नहीं सुनी

किरन के मायके वालों के पहुंचने के बाद उनका गुस्सा पड़ोसियों पर भी फूटा। परिजनों का कहना था कि घर में पहले भी पति-पत्नी के बीच विवाद और झगड़े होते थे। अगर किसी ने समय रहते आवाज सुनी होती और हस्तक्षेप किया होता, तो शायद किरन की जान बचाई जा सकती थी।

परिजनों ने सवाल उठाया कि जब घर में कथित तौर पर संघर्ष हुआ और सामान तथा टिन शेड तक टूट गए, तो आसपास रहने वाले लोगों को किसी तरह की आवाज क्यों नहीं सुनाई दी।

उनका कहना था कि यदि समय पर कोई मदद के लिए पहुंच जाता तो स्थिति अलग हो सकती थी। साथ ही आरोपी को भी मौके पर पकड़ा जा सकता था और दोनों बच्चों को उसके साथ भागने का मौका नहीं मिलता।

हालांकि इस संबंध में पड़ोसियों की भूमिका या उन्हें घटना की जानकारी कब हुई, यह पुलिस जांच का विषय है।

शादी को हुए थे करीब आठ साल, दो बेटों के साथ अलग रहती थी किरन

किरन की शादी करीब आठ साल पहले हुई थी। वह अपने पति विवेक और दोनों बेटों के साथ ससुराल से अलग मकान में रहती थी।

विवेक के माता-पिता राजकुमार सिकरवार और अन्य परिजन अलग रहते थे। मृतका के भाई की तहरीर में पति विवेक के अलावा ससुर राजकुमार, जेठ भानू, भाभी नीतू, सास और यश प्रधान को भी नामजद किया गया है।

परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। किसी आरोपी की भूमिका केवल नामजद किए जाने के आधार पर तय नहीं मानी जा सकती। पुलिस सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी।

थाना खंदौली में दी गई तहरीर, कई लोगों को किया गया नामजद

मृतका के भाई ललित ने थाना खंदौली में तहरीर दी है। इसमें पति विवेक सिकरवार के अलावा ससुर राजकुमार, जेठ भानू, भाभी नीतू, सास और एक अन्य व्यक्ति यश प्रधान को नामजद किया गया है।

एसीपी एत्मादपुर देवेश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई में अब तहरीर में लगाए गए आरोपों की जांच, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का परीक्षण और आरोपी की तलाश प्रमुख बिंदु हैं।

फील्ड यूनिट ने घटनास्थल से जुटाए साक्ष्य

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फील्ड यूनिट को मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल की स्थिति का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए।

हत्या के मामलों में घटनास्थल की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण होती है। घर में टूट-फूट, खून के निशान, संभावित हथियार और वस्तुओं की स्थिति से घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है।

पुलिस के लिए यह भी महत्वपूर्ण होगा कि घटनास्थल पर मिले साक्ष्य आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों से किस तरह जुड़ते हैं। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चोटों की प्रकृति और मृत्यु के कारण को लेकर महत्वपूर्ण चिकित्सकीय जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

किरन के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

किरन के भाई ललित के मुताबिक वह परिवार की इकलौती बहन थी। पिता ने उसकी शादी के लिए दो बीघा खेत तक बेच दिया था। ऐसे परिवार के लिए बेटी की इस तरह मौत की खबर किसी बड़े सदमे से कम नहीं है।

मायके पक्ष का कहना है कि किरन लंबे समय से घरेलू परेशानियों से जूझ रही थी। परिवार ने कई बार स्थिति संभालने का प्रयास किया, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ।

अब परिवार अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रहा है और चाहता है कि घटना में जिन लोगों की भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो।

घरेलू विवाद से हिंसा तक पहुंचने वाले मामलों पर गंभीर सवाल

आगरा की यह घटना घरेलू विवादों के दौरान बढ़ती हिंसा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। किसी परिवार में लगातार झगड़ा, मारपीट, धमकी या आर्थिक दबाव जैसी परिस्थितियां दिखाई दें तो उन्हें केवल घरेलू मामला मानकर नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है।

इस मामले में मृतका के परिजनों का दावा है कि किरन ने पहले पुलिस से शिकायत की थी। ऐसे में जांच के दौरान यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायत में क्या तथ्य दर्ज थे और संबंधित अधिकारियों द्वारा क्या कार्रवाई की गई थी।

किसी भी घरेलू विवाद में समय रहते सहायता लेना और गंभीर खतरे की स्थिति में पुलिस या अन्य सक्षम संस्थाओं से संपर्क करना जरूरी होता है। खासतौर पर जब हिंसा पहले भी हो चुकी हो, तब स्थिति को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है।

आगरा पुलिस के सामने अब कई अहम सवाल

इस मामले की जांच में पुलिस को कई सवालों के जवाब तलाशने होंगे। घटना के समय घर में वास्तव में क्या हुआ? हमला किस क्रम में हुआ? लोहे के पाइप और चाकू का इस्तेमाल किस परिस्थिति में किया गया? घर में संघर्ष के निशान कैसे बने? जेवरों के संबंध में लगाए गए आरोपों की सच्चाई क्या है? आरोपी घटना के बाद किस रास्ते से गया और दोनों बच्चों को कहां ले गया?

इसके अलावा यह भी जांच का विषय होगा कि आरोपी घटना से पहले कहां था, वह करीब एक महीने बाद घर क्यों लौटा और क्या उसने पहले से किसी व्यक्ति से संपर्क किया था।

इन सवालों के जवाब पुलिस की तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, फोरेंसिक साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिल सकते हैं।

परिवार और स्थानीय लोगों को पुलिस जांच के परिणाम का इंतजार

फिलहाल इस घटना को लेकर इलाके में तनाव और शोक का माहौल है। मृतका के परिजन आरोपी की गिरफ्तारी और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी है। साथ ही नामजद किए गए अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। कानून के अनुसार किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही निर्धारित होगी।

किरन की मौत ने उसके पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ दिया है। एक छह साल का बेटा और दूसरा केवल चार साल का है। ऐसे में इस मामले का सबसे संवेदनशील पहलू बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य से भी जुड़ा है।

जांच आगे बढ़ने के साथ साफ होगी पूरी तस्वीर

पीलीपोखर की इस घटना में फिलहाल मृतका के मायके पक्ष की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं और पुलिस ने तहरीर के आधार पर कार्रवाई शुरू करने की बात कही है। पति विवेक सिकरवार की तलाश जारी है।

घटनास्थल से मिले दो लोहे के पाइप, टूटी टिन शेड, घर में बिखरा सामान और महिला के शरीर पर चोटों के निशान जांच के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और आरोपी के परिचितों से जुड़ी जानकारी भी जुटा रही है।

मामले में आगे पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और पुलिस की विवेचना से कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। फिलहाल प्राथमिकता आरोपी की गिरफ्तारी और दोनों बच्चों की सुरक्षित बरामदगी की है।

आगरा की इस वारदात ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि लंबे समय से चल रहे घरेलू विवादों और हिंसा की शिकायतों को समय रहते गंभीरता से लेना कितना जरूरी है। किरन के परिजन अब अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं और पुलिस जांच से उन्हें उम्मीद है कि इस पूरी घटना की सच्चाई सामने आएगी।

पुलिस जांच के अनुसार आगे की कार्रवाई तय होगी। आगरा के पीलीपोखर में किरन की हत्या के मामले में पति विवेक सिकरवार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और पुलिस की दो टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। मृतका के परिजनों की तहरीर में कई अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी। इस बीच दो छोटे बच्चों की सुरक्षित बरामदगी भी पुलिस के लिए अहम प्राथमिकता बनी हुई है।

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