रूस के भीषण मिसाइल हमलों के बाद Zelensky की अमेरिका-यूरोप से भावुक अपील: ‘गोदाम नहीं, यूक्रेन भेजिए पैट्रियट मिसाइलें’, जानिए क्यों है यह सिस्टम रूस के लिए सबसे बड़ी चुनौती
रूस-यूक्रेन युद्ध एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। रूस द्वारा यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई शहरों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से तत्काल अतिरिक्त पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के इंटरसेप्टर मिसाइल उपलब्ध कराने की अपील की है। Zelensky का कहना है कि इन मिसाइलों का उद्देश्य लोगों की जान बचाना है, इसलिए इन्हें गोदामों में रखने के बजाय युद्धग्रस्त यूक्रेन को भेजा जाना चाहिए।
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार शनिवार रात हुए हमलों में कम से कम 9 लोगों की मौत हुई, जबकि करीब 40 लोग घायल हुए। कई रिहायशी इलाकों, इमारतों और सार्वजनिक ढांचों को भी नुकसान पहुंचा है। दूसरी ओर रूस का दावा है कि उसने केवल यूक्रेन के सैन्य और लॉजिस्टिक ठिकानों को निशाना बनाया।
रातभर मिसाइलों और ड्रोन से दहला यूक्रेन, कीव में फिर गूंजे धमाके
यूक्रेन के अनुसार रूस ने एक बार फिर समन्वित हवाई हमला करते हुए मिसाइलों और ड्रोन का व्यापक इस्तेमाल किया। राजधानी कीव सहित कई शहरों में देर रात विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। हमलों के बाद कई स्थानों पर आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए दमकल विभाग की टीमें घंटों तक राहत कार्यों में जुटी रहीं।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक कई रिहायशी क्षेत्रों में भी नुकसान हुआ और नागरिक हताहत हुए। आपातकालीन सेवाओं ने प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
जेलेंस्की बोले- हमारे पास इंटरसेप्टर मिसाइलें लगभग खत्म, सिर्फ एक बैलिस्टिक मिसाइल रोक सके
राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया मंच X पर जारी संदेश में बताया कि रूस ने रातभर में 35 मिसाइलें, जिनमें 27 बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल थीं, तथा लगभग 185 से 190 ड्रोन दागे।
उन्होंने कहा कि यूक्रेन केवल एक बैलिस्टिक मिसाइल को ही रोक पाया, क्योंकि पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के लिए उपलब्ध इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार लगभग समाप्त हो चुका है।
जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका और यूरोपीय देशों को यह अच्छी तरह पता है कि यूक्रेन को तत्काल किस प्रकार की सहायता की आवश्यकता है। उनके अनुसार अब केवल राजनीतिक निर्णय लेने की आवश्यकता है ताकि अतिरिक्त इंटरसेप्टर मिसाइलें जल्द से जल्द यूक्रेन पहुंच सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक दिन की देरी रूस को और अधिक हमले करने तथा नागरिकों की जान लेने का अवसर देती है।
रूस की नई रणनीति पर जेलेंस्की की चिंता, शाहेद ड्रोन का बढ़ता इस्तेमाल
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने दावा किया कि रूस अब युद्ध में नई रणनीतियों का इस्तेमाल कर रहा है। उनके अनुसार रूस पहले की तुलना में अधिक संख्या में जेट इंजन से लैस शाहेद ड्रोन का उपयोग कर रहा है।
इन ड्रोन की गति और संचालन क्षमता पहले के मॉडलों से अधिक मानी जाती है, जिससे वायु रक्षा प्रणाली के लिए उन्हें रोकना अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जेलेंस्की ने कहा कि रूस युद्ध लंबा खिंचने का लाभ उठाकर लगातार अपनी सैन्य रणनीतियों और हथियारों में बदलाव कर रहा है।
इसी कारण उन्होंने पश्चिमी सहयोगियों से आग्रह किया कि रूस के हथियार उद्योग, मिसाइल उत्पादन, लॉन्चर निर्माण और रक्षा आपूर्ति से जुड़े व्यक्तियों एवं कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए जाएं।
रूस का दावा- केवल सैन्य ठिकानों पर किए गए हमले
रूसी रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि हमले का उद्देश्य यूक्रेन के सैन्य-औद्योगिक प्रतिष्ठानों, लॉजिस्टिक्स केंद्रों और रक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना था।
हालांकि यूक्रेन का कहना है कि हमलों से नागरिक क्षेत्रों को भी नुकसान पहुंचा है और कई रिहायशी इमारतें प्रभावित हुई हैं। युद्ध के दौरान इस प्रकार के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अक्सर कठिन होती है और दोनों पक्ष अलग-अलग दावे करते रहे हैं।
अमेरिका के साथ आगामी रक्षा वार्ता पर भी हुई चर्चा
जेलेंस्की ने बताया कि उन्होंने रक्षा मंत्री रुस्तम उमेरोव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अमेरिका के साथ प्रस्तावित कूटनीतिक एवं रक्षा सहयोग वार्ता की समीक्षा की है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में सहयोगी देशों से यूक्रेन को वायु रक्षा प्रणाली, हथियारों और सैन्य सहायता के संबंध में ठोस समर्थन प्राप्त होगा।
क्या है पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
पैट्रियट (Patriot Air Defense System) अमेरिका द्वारा विकसित दुनिया की सबसे उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों में से एक माना जाता है। इसका मूल उद्देश्य दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों, लड़ाकू विमानों और कुछ अन्य हवाई खतरों को हवा में ही नष्ट करना है।
इस प्रणाली में कई प्रमुख घटक शामिल होते हैं—
- अत्याधुनिक मल्टी-फंक्शन रडार
- कमांड एवं कंट्रोल सेंटर
- मोबाइल लॉन्चर
- इंटरसेप्टर मिसाइलें
- संचार एवं नियंत्रण प्रणाली
जब रडार किसी मिसाइल या विमान का पता लगाता है, तो कमांड सेंटर उसके मार्ग और खतरे का विश्लेषण करता है। इसके बाद उपयुक्त इंटरसेप्टर मिसाइल दागी जाती है, जो लक्ष्य को हवा में ही नष्ट करने का प्रयास करती है।
यही कारण है कि लगातार बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का सामना कर रहे यूक्रेन के लिए पैट्रियट सिस्टम सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच माना जाता है।
रूस के किन हथियारों के खिलाफ उपयोगी है पैट्रियट सिस्टम?
रूस के पास दुनिया के सबसे बड़े मिसाइल शस्त्रागारों में से एक है। युद्ध के दौरान रूस विभिन्न प्रकार की बैलिस्टिक, क्रूज और हाइपरसोनिक क्षमता वाली मिसाइलों का उपयोग करता रहा है।
पैट्रियट सिस्टम विशेष रूप से निम्न प्रकार के खतरों से रक्षा के लिए जाना जाता है—
- कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें
- कुछ मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें
- क्रूज मिसाइलें
- लड़ाकू विमान
- कुछ परिस्थितियों में ड्रोन
हालांकि, किसी भी वायु रक्षा प्रणाली की प्रभावशीलता उपलब्ध इंटरसेप्टर मिसाइलों, रडार कवरेज, तैनाती की स्थिति और हमले के स्वरूप पर भी निर्भर करती है।
रूस की मिसाइल क्षमता क्यों बनी हुई है बड़ी चुनौती?
रूस के पास विभिन्न प्रकार की आधुनिक मिसाइल प्रणालियां मौजूद हैं, जिनमें बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के अलावा लंबी दूरी तक मार करने वाले कई हथियार शामिल हैं। युद्ध के दौरान रूस अक्सर मिसाइलों और ड्रोन का संयुक्त उपयोग करता है, ताकि यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली पर अधिक दबाव बनाया जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब बड़ी संख्या में मिसाइलें और ड्रोन एक साथ दागे जाते हैं, तो किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम के लिए सभी लक्ष्यों को रोकना कठिन हो सकता है। इसी कारण यूक्रेन लगातार अतिरिक्त इंटरसेप्टर मिसाइलों और वायु रक्षा संसाधनों की मांग करता रहा है।
पैट्रियट बनाम रूस की वायु शक्ति: क्यों महत्वपूर्ण है यह मुकाबला?
रूस-यूक्रेन युद्ध में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम केवल एक सैन्य उपकरण नहीं बल्कि यूक्रेन की रणनीतिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
जहां रूस लंबी दूरी की मिसाइलों और ड्रोन हमलों के जरिए यूक्रेन के बुनियादी ढांचे और सैन्य क्षमताओं पर दबाव बनाने की कोशिश करता है, वहीं यूक्रेन अपनी वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत कर इन हमलों के प्रभाव को कम करने का प्रयास कर रहा है।
रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि भविष्य में वायु रक्षा प्रणालियों, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तकनीकों और लंबी दूरी के हथियारों की भूमिका इस संघर्ष में और अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है।
युद्ध के बीच बढ़ता मानवीय संकट
लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों का सबसे अधिक असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में बिजली, पानी, आवास और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित होती रही हैं। राहत एवं बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लगातार सहायता कार्य चला रही हैं।
युद्ध के चलते लाखों लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष को कम करने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपीलें लगातार जारी हैं।

