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USS अब्राहम लिंकन पहुंचा Thailand, 5 हजार अमेरिकी सैनिकों को 5 दिन की छुट्टी; पटाया में पुलिस ने क्यों बढ़ाई छापेमारी?

थाईलैंड। USS Abraham Lincoln बुधवार सुबह Thailand पहुंच गया और इसके साथ ही पटाया में हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी नौसेना का यह परमाणु ऊर्जा से संचालित विमानवाहक पोत अपनी लंबी तैनाती पूरी करने के बाद थाईलैंड पहुंचा है। जहाज पर पिछले करीब नौ महीनों से लगभग 5 हजार अमेरिकी सैनिक और नौसैनिक तैनात हैं। लंबे सैन्य अभियान और लगातार समुद्र में रहने के बाद अब इन जवानों को थाईलैंड के प्रसिद्ध पर्यटन शहर पटाया में करीब पांच दिन का आराम मिलेगा।

USS अब्राहम लिंकन अकेला नहीं आया है। अमेरिकी नौसेना के दो अन्य जहाज भी उसके साथ थाईलैंड पहुंचे हैं। तीनों जहाजों के लाम चाबांग पोर्ट पर पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों को बसों के जरिए करीब 96 किलोमीटर दूर पटाया ले जाया जाएगा।

लेकिन अमेरिकी सैनिकों के पटाया पहुंचने से पहले ही थाई प्रशासन और पुलिस ने शहर में अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। खासतौर पर नाइटलाइफ, बार, समुद्र तट और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है। देह व्यापार और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ छापेमारी भी तेज कर दी गई है।

अमेरिकी सैनिकों के आने से पहले पटाया में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई

अमेरिकी नौसैनिकों के बड़ी संख्या में पटाया पहुंचने से पहले थाई पुलिस ने शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष अभियान शुरू किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले वीकेंड में पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की और करीब 40 से 50 लोगों को हिरासत में लिया

पुलिस की विशेष निगरानी समुद्र तटों, बार और नाइटलाइफ वाले इलाकों पर है। अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में विदेशी सैनिकों और मरीन के शहर में आने से पहले गैरकानूनी गतिविधियों पर नियंत्रण रखना और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है।

इसी कार्रवाई के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर ग्राहकों की तलाश करने के आरोप में कम से कम 25 महिलाओं को हिरासत में लिया गया। इनमें थाईलैंड के अलावा लाओस और युगांडा की महिलाएं भी शामिल थीं। अलग-अलग कार्रवाइयों में पकड़े गए लोगों की कुल संख्या 40 से 50 के बीच बताई गई है।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब पटाया अपनी नाइटलाइफ और पर्यटन के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। अमेरिकी नौसैनिकों के पहुंचने से शहर में पर्यटकों और कारोबारियों के बीच भी गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।

अमेरिकी सैनिकों के लिए खास नियम, सोई 6 में जाने पर रोक

पटाया में अमेरिकी सैनिकों को घूमने और नाइटलाइफ का आनंद लेने की अनुमति है, लेकिन थाई अधिकारियों ने उनके लिए कई विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सैनिकों को ड्रग्स और गांजा बेचने वाली दुकानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

इसके अलावा उन्हें देर रात तक बार और मनोरंजन स्थलों में रुकने से बचने के लिए भी कहा गया है। अमेरिकी सैनिकों के लिए सोई 6 में जाने पर विशेष रोक लगाई गई है।

सोई 6 पटाया का बेहद प्रसिद्ध नाइटलाइफ इलाका है। यह क्षेत्र विशेष रूप से बार और एडल्ट एंटरटेनमेंट से जुड़े प्रतिष्ठानों के लिए जाना जाता है। शाम होते ही यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं और देर रात तक गतिविधियां चलती रहती हैं।

थाई अधिकारियों ने अमेरिकी जवानों को यह भी याद दिलाया है कि थाईलैंड में वेश्यावृत्ति कानूनन प्रतिबंधित है। इसके अलावा कैनाबिस की दुकानों, पैराग्लाइडिंग और जेट-स्की जैसी कुछ गतिविधियों को लेकर भी अमेरिकी सैनिकों के लिए प्रतिबंध या सावधानियां लागू की गई हैं।

पटाया की नाइटलाइफ पर क्यों है पुलिस की सबसे ज्यादा नजर?

पटाया की पहचान लंबे समय से समुद्र तट, होटल, रेस्तरां और नाइटलाइफ के लिए रही है। शहर के कुछ इलाकों में बार और मनोरंजन से जुड़े कारोबार बड़ी संख्या में हैं। ऐसे में हजारों अमेरिकी सैनिकों के एक साथ पहुंचने से पुलिस को संभावित कानून-व्यवस्था की चुनौतियों का अंदेशा है।

पुलिस का अभियान इसी वजह से केवल एक इलाके तक सीमित नहीं है। समुद्र तटों, बार और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर गश्त बढ़ाई गई है। अधिकारियों का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिकी नौसैनिकों के पांच दिन के प्रवास के दौरान कोई बड़ी कानून-व्यवस्था की समस्या न पैदा हो।

एक तरफ थाई प्रशासन सुरक्षा और नियमों को लेकर सख्ती दिखा रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय कारोबारी अमेरिकी सैनिकों के आगमन को आर्थिक अवसर के तौर पर देख रहे हैं।

5 हजार अमेरिकी सैनिक आएंगे तो कारोबारियों की होगी बल्ले-बल्ले?

अमेरिकी नौसैनिकों के पटाया पहुंचने से स्थानीय कारोबारियों को अच्छी कमाई की उम्मीद है। करीब 5 हजार जवानों के शहर में कुछ दिनों तक रहने से होटल, रेस्तरां, शॉपिंग, पर्यटन और मनोरंजन से जुड़े कारोबारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है।

अमेरिकी सैनिक अपने प्रवास के दौरान होटल में ठहरेंगे, खाना-पीना करेंगे, खरीदारी करेंगे और शहर में उपलब्ध पर्यटन गतिविधियों पर खर्च कर सकते हैं। इसका फायदा छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े होटल, रेस्तरां और पर्यटन व्यवसायों तक पहुंच सकता है।

स्थानीय मीडिया में दिए गए अनुमानों के मुताबिक एक अमेरिकी नौसैनिक प्रतिदिन करीब 1,000 से 3,000 थाई बाहत तक खर्च कर सकता है। भारतीय मुद्रा में यह लगभग 2,800 से 8,500 रुपये के बराबर बताया गया है।

अगर करीब 5 हजार नौसैनिक इसी स्तर पर खर्च करते हैं तो केवल पांच दिन के दौरान स्थानीय अर्थव्यवस्था में बड़ी मात्रा में पैसा पहुंच सकता है। हालांकि वास्तविक खर्च सैनिकों की व्यक्तिगत गतिविधियों और आधिकारिक व्यवस्थाओं पर निर्भर करेगा।

पर्यटन कारोबार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है अमेरिकी नौसेना का पड़ाव?

पटाया का पर्यटन उद्योग विदेशी पर्यटकों पर काफी निर्भर करता है। ऐसे में हजारों अमेरिकी सैनिकों का एक साथ शहर में पहुंचना स्थानीय कारोबारियों के लिए असाधारण अवसर माना जा रहा है।

होटल और रेस्तरां के अलावा टैक्सी, शॉपिंग सेंटर, छोटी दुकानें, मनोरंजन स्थल और विभिन्न पर्यटन सेवाओं को भी इसका फायदा मिलने की संभावना है। पांच दिन का यह प्रवास शहर के उन कारोबारियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है जो पर्यटन गतिविधियों में तेजी की उम्मीद कर रहे हैं।

एक ओर जहां पुलिस गैरकानूनी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए अभियान चला रही है, वहीं शहर का व्यापारिक क्षेत्र इस संभावित अतिरिक्त ग्राहक आधार का फायदा उठाने की तैयारी में है।

पटाया और अमेरिकी सेना का रिश्ता आज का नहीं, 1960 के दशक से जुड़ा है

पटाया और अमेरिकी सेना के बीच संबंध कई दशक पुराने हैं। इसकी जड़ें वियतनाम युद्ध के दौर यानी 1960 के दशक तक जाती हैं।

उस समय अमेरिकी सेना ने पटाया को सैनिकों के आराम और छुट्टियां बिताने की जगह के रूप में इस्तेमाल करना शुरू किया था। उस दौर में पटाया आज के विशाल पर्यटन शहर जैसा नहीं था। यह मुख्य रूप से एक छोटा मछली पकड़ने वाला गांव था।

अमेरिकी सैनिकों की लगातार आवाजाही के साथ होटल, रेस्तरां, बार और मनोरंजन से जुड़े कारोबार विकसित होने लगे। धीरे-धीरे यह छोटा समुद्री गांव विदेशी पर्यटकों के लिए लोकप्रिय गंतव्य में बदलता चला गया।

करीब 15 साल में बदल गई पटाया की तस्वीर

अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी और विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने पटाया के विकास को तेज कर दिया। 1978 तक शहर ने आधुनिक पर्यटन केंद्र जैसी पहचान बनानी शुरू कर दी थी।

बड़े होटल और रिसॉर्ट बनने लगे। विदेशी पर्यटकों के लिए सेवाओं का विस्तार हुआ और समुद्र तट आधारित पर्यटन के साथ-साथ मनोरंजन उद्योग भी तेजी से बढ़ने लगा।

इसके बाद 1970 और 1980 के दशक में पटाया में बार और रेस्तरां की संख्या तेजी से बढ़ी। इसी दौर में शहर की नाइटलाइफ ने भी अपनी अलग पहचान बनानी शुरू की।

नाइटलाइफ से सेक्स टूरिज्म तक पहुंचा कारोबार

पटाया की पर्यटन अर्थव्यवस्था के विकास के साथ उसका नाइटलाइफ सेक्टर भी बड़ा होता गया। 1980 के दशक तक सेक्स टूरिज्म शहर के पर्यटन कारोबार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका था।

वॉकिंग स्ट्रीट जैसे इलाके भी इसी व्यापक नाइटलाइफ संस्कृति के साथ विकसित हुए। हालांकि थाई कानून के तहत वेश्यावृत्ति प्रतिबंधित है, लेकिन पटाया की पहचान लंबे समय से नाइटलाइफ और एडल्ट एंटरटेनमेंट से जुड़े कारोबारों के कारण भी रही है।

यही वजह है कि हजारों विदेशी सैनिकों के आगमन से पहले पुलिस ऐसे इलाकों में विशेष अभियान चला रही है।

1990 के दशक में पटाया में आया रियल एस्टेट बूम

पटाया का विकास केवल होटल और नाइटलाइफ तक सीमित नहीं रहा। 1990 के दशक में विदेशी लोगों की संख्या बढ़ने के साथ शहर में रियल एस्टेट का कारोबार भी तेजी से बढ़ा।

विला, अपार्टमेंट और अन्य संपत्तियों का निर्माण बढ़ा और शहर का विस्तार पर्यटन केंद्र से आगे बढ़कर एक बड़े शहरी क्षेत्र के रूप में होने लगा।

इस पूरे विकास में विदेशी पर्यटकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही और पटाया धीरे-धीरे थाईलैंड के सबसे चर्चित पर्यटन शहरों में शामिल हो गया।

USS अब्राहम लिंकन की तैनाती कितनी लंबी रही?

USS अब्राहम लिंकन के थाईलैंड पहुंचने की अहम वजह इसके क्रू के लिए लंबी तैनाती के बाद आराम और जहाज के रखरखाव से जुड़ी है। यह अमेरिकी नौसेना का परमाणु ऊर्जा से संचालित विमानवाहक पोत है।

जहाज ने नौ महीने से ज्यादा समय समुद्र में बिताया। इस दौरान वेस्ट एशिया में बढ़े तनाव के बीच यह अमेरिकी सैन्य अभियानों का हिस्सा रहा। विशेष रूप से ईरान के साथ तनावपूर्ण स्थिति के बीच अमेरिकी सैन्य गतिविधियों में इसकी भूमिका रही।

लगातार इतने लंबे समय तक समुद्र में रहना किसी भी नौसैनिक दल के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। जहाज पर लंबे समय तक रहने की परिस्थितियों और सैनिकों की मानसिक सेहत को लेकर भी चिंताएं सामने आती रही हैं।

अब थाईलैंड में करीब पांच दिन का पड़ाव अमेरिकी नौसैनिकों के लिए लंबे अभियान के बाद राहत का मौका है।

पांच दिन में आराम के साथ जहाज का रखरखाव भी

थाईलैंड में USS अब्राहम लिंकन के पांच दिन के ठहराव के दौरान केवल सैनिकों की छुट्टी ही नहीं होगी। जहाज में जरूरी सामान की आपूर्ति और रखरखाव से जुड़े कार्य भी किए जाएंगे।

वहीं जहाज पर तैनात हजारों नौसैनिकों को लंबे समय बाद कुछ दिन जमीन पर बिताने और पटाया घूमने का अवसर मिलेगा।

इस तरह USS Abraham Lincoln का थाईलैंड दौरा सैन्य और मानवीय दोनों पहलुओं से महत्वपूर्ण है। एक तरफ यह लंबी तैनाती के बाद क्रू के लिए आराम का अवसर है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय प्रशासन के लिए हजारों विदेशी सैनिकों की मौजूदगी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना चुनौती है।

पटाया में अगले पांच दिन क्यों रहेंगे बेहद अहम?

अब सबकी नजर पटाया में अमेरिकी नौसैनिकों के प्रवास पर रहेगी। थाई पुलिस पहले ही नाइटलाइफ इलाकों में कार्रवाई तेज कर चुकी है और अमेरिकी सैनिकों के लिए विशेष नियम तय किए गए हैं।

स्थानीय कारोबारी इस दौरान बढ़ते पर्यटन खर्च से लाभ की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि पुलिस का जोर अवैध गतिविधियों और कानून-व्यवस्था पर है। पांच हजार के करीब अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी शहर के होटल, रेस्तरां, पर्यटन और मनोरंजन कारोबार में अस्थायी तेजी ला सकती है।

इस पूरे घटनाक्रम में पटाया का पुराना अमेरिकी सैन्य इतिहास भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है—एक ऐसा इतिहास, जिसमें कभी एक छोटा मछली पकड़ने वाला गांव अमेरिकी सैनिकों की आवाजाही के साथ धीरे-धीरे दुनिया के चर्चित पर्यटन और नाइटलाइफ केंद्रों में बदल गया।

USS अब्राहम लिंकन अपने दो अन्य अमेरिकी नौसेना जहाजों के साथ थाईलैंड पहुंच चुका है। करीब 5 हजार अमेरिकी सैनिकों को पांच दिन के विश्राम के लिए पटाया ले जाया जाएगा। उनके आगमन से पहले थाई पुलिस ने नाइटलाइफ और सार्वजनिक इलाकों में अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। वहीं स्थानीय कारोबारियों को हजारों अमेरिकी सैनिकों के खर्च से होटल, रेस्तरां, शॉपिंग और पर्यटन कारोबार में अच्छी कमाई की उम्मीद है।

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