‘बेटी को डॉक्टर बनाया, लेकिन ठगी का शिकार हो गई…’ BJP विधायक ज्ञान तिवारी का छलका दर्द, 25 शादी के आरोपी अनुज त्रिवेदी पर बोले- ‘उसे फांसी होनी चाहिए’
News-Desk
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BJP, crime news, Sitapur News, अनुज त्रिवेदी, उत्तर प्रदेश समाचार, ज्ञान तिवारी, डॉ प्रज्ञा तिवारी, भाजपा विधायक, मिश्रिख, विवाह धोखाधड़ी, शादी में ठगी, सीतापुरउत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के मिश्रिख से BJP विधायक ज्ञान तिवारी पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए और सोशल मीडिया पर अपनी बेटी डॉ. प्रज्ञा तिवारी के साथ लाइव होकर अपनी पीड़ा साझा की।
इस दौरान विधायक ने खुद को एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि एक असहाय पिता बताते हुए भावुक शब्दों में कहा कि उन्होंने अपनी बेटी को डॉक्टर बनाया, अच्छे संस्कार दिए और पूरी जांच-पड़ताल के बाद उसकी शादी की, लेकिन इसके बावजूद उनकी बेटी भी कथित विवाह ठगी का शिकार हो गई। बातचीत के दौरान विधायक और उनकी बेटी दोनों भावुक हो गए।
‘आज विधायक नहीं, एक पिता के रूप में बोल रहा हूं’
गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे सोशल मीडिया पर लाइव आए भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने कहा कि आज वह किसी राजनीतिक मंच से नहीं, बल्कि एक पिता के रूप में अपनी बात रख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी डॉ. प्रज्ञा तिवारी को कठिन परिश्रम से एमबीबीएस तक पढ़ाया और उसका भविष्य सुरक्षित बनाने का हर संभव प्रयास किया। परिवार की पूरी संतुष्टि और जानकारी जुटाने के बाद ही उसकी शादी प्रखर त्रिवेदी से कराई गई थी।
हालांकि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि प्रखर के पिता अनुज त्रिवेदी पर कई महिलाओं से अलग-अलग नामों से विवाह कर कथित रूप से ठगी करने के गंभीर आरोप हैं।
‘हम खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं’
लाइव बातचीत के दौरान विधायक ज्ञान तिवारी ने कहा कि जब उन्हें पूरे मामले की जानकारी मिली तो परिवार गहरे सदमे में आ गया।
उन्होंने कहा कि एक पिता के रूप में उन्हें सबसे अधिक पीड़ा इस बात की है कि पूरी सावधानी बरतने के बावजूद उनकी बेटी इस विवाद से जुड़ गई। उन्होंने स्वीकार किया कि आज उनका परिवार स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, वह किसी भी पिता के लिए बेहद दुखद अनुभव है।
‘अगर बेटी चाहेगी तो मैं भी दर्ज कराऊंगा एफआईआर’
ज्ञान तिवारी ने स्पष्ट कहा कि यदि उनकी बेटी की इच्छा होगी तो वह स्वयं भी अनुज त्रिवेदी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।
उन्होंने आरोपी के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि उस पर लगाए गए आरोप सिद्ध होते हैं, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए।
विधायक ने भावनात्मक रूप से कहा कि आरोपी ने कई परिवारों का विश्वास तोड़ा है और उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
बात करते-करते भावुक हुए विधायक, बेटी की आंखों से भी छलके आंसू
सोशल मीडिया लाइव के दौरान विधायक ज्ञान तिवारी कई बार भावुक हो गए।
अपनी बेटी के भविष्य और उसके साथ हुई परिस्थितियों का जिक्र करते हुए उनकी आवाज भर्रा गई। यह देखकर उनके साथ बैठीं डॉ. प्रज्ञा तिवारी भी अपने आंसू नहीं रोक सकीं।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया गया, जहां लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
क्या है अनुज त्रिवेदी पर लगे आरोप?
मामले के अनुसार, मिश्रिख क्षेत्र के चंद्रावल निवासी अनुज त्रिवेदी पर आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से अलग-अलग नामों का इस्तेमाल कर 25 महिलाओं से विवाह किया और उनसे करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की।
इन आरोपों से जुड़ी कई महिलाएं न्याय के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं।
इन आरोपों की जांच संबंधित जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
24 मई को हुई गिरफ्तारी के बाद सामने आया मामला
इस मामले ने उस समय व्यापक चर्चा बटोरी जब 24 मई को महाराष्ट्र पुलिस ने अनुज त्रिवेदी को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, उस पर वैवाहिक विज्ञापनों के माध्यम से कई महिलाओं से विवाह कर कथित रूप से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप हैं।
वर्तमान में अनुज त्रिवेदी महाराष्ट्र की जेल में बंद है और मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
2024 में हुई थी विधायक की बेटी की शादी
ज्ञान तिवारी ने बताया कि उनकी बेटी डॉ. प्रज्ञा तिवारी का विवाह वर्ष 2024 में अनुज त्रिवेदी के बेटे प्रखर त्रिवेदी के साथ हुआ था।
उन्होंने कहा कि विवाह से पहले उन्होंने परिवार के बारे में पूरी जानकारी लेने का प्रयास किया था। इतना ही नहीं, उन्होंने बताया कि उन्होंने पूर्व सांसद जनार्दन मिश्रा सहित अन्य लोगों से भी जानकारी प्राप्त की थी।
परिवार उन्हें सामान्य और प्रतिष्ठित प्रतीत हुआ, इसलिए विवाह का निर्णय लिया गया।
‘अगर स्थानीय स्तर पर मुकदमे होते तो जानकारी मिल जाती’
विधायक ने कहा कि यदि अनुज त्रिवेदी के खिलाफ सीतापुर, लखनऊ या आसपास के क्षेत्रों में मामले दर्ज होते, तो संभवतः जानकारी आसानी से मिल जाती।
उन्होंने कहा कि बाद में पता चला कि विभिन्न वर्षों में अलग-अलग स्थानों पर उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए थे।
ज्ञान तिवारी के अनुसार, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अनुज त्रिवेदी के खिलाफ 2016, 2018, 2020, 2021 और 2022 के दौरान भी विभिन्न मामले दर्ज होने की बात सामने आई है।
‘मेरी बेटी सक्षम है, अपने पैरों पर खड़ी है’
लाइव बातचीत के दौरान विधायक ने अपनी बेटी के आत्मनिर्भर होने पर भी गर्व व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी को एमबीबीएस डॉक्टर बनाया है और वह अपने दम पर जीवन जीने में पूरी तरह सक्षम है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो वह अपनी बेटी के लिए अलग घर भी बनवाएंगे।
भावुक स्वर में उन्होंने कहा कि उनके दो बेटे हैं और तीसरी संतान उनकी बेटी है, जिसकी खुशियों और सम्मान से बढ़कर उनके लिए कुछ नहीं है।
मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी
अनुज त्रिवेदी से जुड़े मामलों की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। उनके खिलाफ दर्ज मामलों और विभिन्न महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोपों की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इस पूरे प्रकरण में अंतिम निष्कर्ष न्यायालय की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा। इसलिए मामले से जुड़े आरोपों को न्यायिक प्रक्रिया के संदर्भ में देखा जाना आवश्यक है।
समाज के लिए भी बड़ा संदेश
इस घटनाक्रम ने विवाह से पहले विस्तृत सत्यापन, पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच और उपलब्ध कानूनी जानकारी की पुष्टि जैसे विषयों पर भी चर्चा तेज कर दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैवाहिक संबंध तय करते समय केवल सामाजिक प्रतिष्ठा या बाहरी छवि के बजाय उपलब्ध कानूनी और व्यक्तिगत जानकारी की सावधानीपूर्वक जांच करना भी महत्वपूर्ण है। इससे भविष्य में संभावित विवादों और धोखाधड़ी जैसी घटनाओं से बचाव में मदद मिल सकती है।

