Bareilly में BJP नेता सचिन कश्यप की चाकू से गोदकर हत्या, पुरानी रंजिश में घेरकर सीने में मारी गुप्ती; 4 लोगों पर FIR
News-Desk
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घटना के बाद इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बन गया। सचिन के परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने पड़ोसी बाबू उर्फ रोहित, अमित उर्फ भज्जी, बाबू की मां और आशीष मौर्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, हमलावरों ने सचिन को घेरकर पहले उनके हाथ पकड़े और इसके बाद बाबू उर्फ रोहित ने उनके सीने में गुप्ती से वार किया। गंभीर चोट लगने के बाद सचिन खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े।
बंशीनगला में रात के समय घेरकर हमला
घटना बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र के बंशीनगला इलाके में शुक्रवार रात हुई। परिजनों के मुताबिक, सचिन को मांझे वाली बगिया के पास घेर लिया गया था।
बताया गया कि सचिन और आरोपियों के बीच पहले से रंजिश चली आ रही थी। इसी दौरान विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और सचिन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद सचिन की पत्नी गुड़िया देवी, उनके देवर सूरज और अन्य परिजन मौके की ओर पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्होंने सचिन को आरोपियों से घिरा हुआ देखा।
गुड़िया देवी के अनुसार, उस समय बाबू के हाथ में चाकू जैसी गुप्ती थी, जबकि अन्य लोगों ने सचिन के हाथ पकड़ रखे थे।
सीने में गुप्ती का वार, लहूलुहान होकर गिर पड़े सचिन
परिवार के आरोप के मुताबिक, सचिन के हाथ पकड़े जाने के दौरान बाबू उर्फ रोहित ने उनके सीने में गुप्ती से वार कर दिया।
सीने पर गंभीर चोट लगने के बाद सचिन बुरी तरह घायल हो गए और मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े।
घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की। इसी दौरान मोहल्ले के दीपक उर्फ मोहनलाल के हाथ में भी हल्की खरोंच आने की बात सामने आई है।
घटना के बाद हमलावर मौके से भाग निकले।
परिजनों को भी जान से मारने की धमकी का आरोप
गुड़िया देवी का आरोप है कि जैसे ही हमलावरों ने उन्हें और अन्य परिजनों को मौके पर आते देखा, उन्होंने उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी और वहां से फरार हो गए।
एक तरफ सचिन गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर पड़े थे, दूसरी तरफ परिवार के सामने हमलावरों की धमकी ने स्थिति को और भयावह बना दिया।
परिजनों और आसपास के लोगों ने घायल सचिन को उपचार के लिए ले जाने की कोशिश की, लेकिन हमले में लगी गंभीर चोट के कारण उनकी जान नहीं बच सकी।
पत्नी की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा
मृतक की पत्नी गुड़िया देवी की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में चार लोगों को नामजद किया गया है।
इनमें बाबू उर्फ रोहित, अमित उर्फ भज्जी, बाबू की मां और आशीष मौर्य शामिल हैं।
परिवार ने घटना के पीछे पुरानी रंजिश को वजह बताया है।
पुलिस अब तहरीर में लगाए गए आरोपों, घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
बच्चों से कथित गलत हरकत का विरोध करने के बाद रंजिश का आरोप
गुड़िया देवी ने अपनी शिकायत में पुरानी रंजिश की वजह भी बताई है।
उनका आरोप है कि बाबू मोहल्ले के बच्चों के साथ गलत हरकत करता था। सचिन कश्यप ने इसका विरोध किया था। परिवार का दावा है कि इसी बात को लेकर बाबू सचिन से नाराज हो गया और उनके प्रति रंजिश रखने लगा।
परिवार के अनुसार, इसी पुरानी दुश्मनी ने बाद में हिंसक रूप ले लिया।
हालांकि, बच्चों से संबंधित लगाए गए आरोप भी पुलिस जांच का विषय हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
भाजपा के ओबीसी मोर्चा में पदाधिकारी थे सचिन
सचिन कश्यप की पहचान स्थानीय स्तर पर भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता के रूप में थी। वह भाजपा मढ़ीनाथ मंडल के ओबीसी मोर्चा के उपाध्यक्ष बताए गए हैं।
स्थानीय राजनीति और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भूमिका के कारण उनकी हत्या की खबर फैलते ही राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई।
घटना ने एक बार फिर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और आपसी विवादों के हिंसक रूप लेने को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
पुरानी रंजिश ने लिया खूनी रूप
परिवार की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार, घटना अचानक हुए किसी मामूली विवाद का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे पहले से चली आ रही रंजिश थी।
ऐसे मामलों में अक्सर पुराना विवाद धीरे-धीरे बढ़ता रहता है और किसी एक घटना के बाद हिंसक टकराव में बदल जाता है। बंशीनगला की घटना में भी परिवार ने इसी तरह की पृष्ठभूमि का आरोप लगाया है।
पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि सचिन और आरोपियों के बीच पुरानी रंजिश की वास्तविक वजह क्या थी, विवाद कब से चल रहा था और शुक्रवार रात घटना से पहले क्या हुआ था।
मांझे वाली बगिया में आखिर क्या हुआ?
इस घटना की जांच में घटनास्थल की परिस्थितियां बेहद महत्वपूर्ण होंगी।
परिवार का कहना है कि सचिन को मांझे वाली बगिया के पास घेरकर हमला किया गया। ऐसे में पुलिस के लिए घटनास्थल का निरीक्षण, आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ और उपलब्ध भौतिक साक्ष्यों को जुटाना अहम होगा।
यह भी जांच का विषय होगा कि घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था और हमले के बाद आरोपी किस दिशा में भागे।
यदि घटनास्थल या आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा उपलब्ध है, तो उसकी रिकॉर्डिंग भी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
आरोपियों की भूमिका जांच में होगी स्पष्ट
FIR में चार लोगों के नाम सामने आए हैं। परिवार ने सभी पर घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है।
लेकिन आपराधिक मामलों में FIR में नाम दर्ज होना अपने आप में दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं होता। पुलिस को प्रत्येक आरोपी की भूमिका, घटनास्थल पर उनकी मौजूदगी और हमले में उनकी कथित भागीदारी की जांच करनी होगी।
विशेष रूप से यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि किस व्यक्ति ने सचिन को रोका, किसने हमला किया और घटना के दौरान अन्य आरोपियों की क्या भूमिका थी।
गुप्ती से हमले ने बढ़ाई घटना की गंभीरता
परिवार ने जिस हथियार का उल्लेख किया है, उसे चाकू जैसी गुप्ती बताया गया है। सीने पर वार होने की वजह से हमला बेहद गंभीर हो गया।
धारदार हथियार से शरीर के संवेदनशील हिस्से पर हमला जानलेवा साबित हो सकता है। इस घटना में भी परिवार का आरोप है कि हमलावर ने सचिन के सीने को निशाना बनाया।
पुलिस द्वारा घटना में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और उसकी फॉरेंसिक जांच आगे की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकती है।
परिजनों में मचा कोहराम
सचिन की हत्या की खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी गुड़िया देवी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है।
जिस व्यक्ति को कुछ समय पहले तक परिवार का सदस्य सामान्य जीवन जीते हुए देख रहा था, उसकी अचानक हिंसक तरीके से मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।
स्थानीय लोगों के बीच भी घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
इलाके में सुरक्षा और पुलिस कार्रवाई पर नजर
हत्या जैसी घटना के बाद इलाके में पुलिस की सक्रियता बढ़ना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर है कि पुलिस नामजद आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है और मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।
परिवार की मांग होगी कि घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
वहीं, पुलिस के लिए जरूरी होगा कि वह किसी भी दबाव से अलग रहकर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करे।
राजनीतिक पहचान के कारण भी मामला चर्चा में
सचिन कश्यप भाजपा के मढ़ीनाथ मंडल के ओबीसी मोर्चा में उपाध्यक्ष थे। ऐसे में उनकी हत्या केवल स्थानीय आपराधिक घटना के रूप में नहीं देखी जा रही, बल्कि उनके राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव के कारण भी चर्चा में है।
हालांकि, फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि हत्या का संबंध उनकी राजनीतिक गतिविधियों से था। परिवार ने घटना के पीछे पुरानी व्यक्तिगत रंजिश का आरोप लगाया है।
जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हत्या की वास्तविक वजह क्या थी।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप, अब पुलिस जांच से खुलेगा सच
इस मामले में परिवार की ओर से कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं—पुरानी रंजिश, सचिन को घेरना, हाथ पकड़ना, सीने में गुप्ती से वार करना और परिजनों को जान से मारने की धमकी देना।
इन आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है, लेकिन मामले की वास्तविक तस्वीर पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से सामने आएगी।
घटना में नामजद चारों लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस पूछताछ और जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
बरेली में बढ़ते अपराध के बीच फिर उठा सुरक्षा का सवाल
बरेली के सुभाषनगर क्षेत्र की यह घटना स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े करती है। पुरानी रंजिश अगर समय रहते खत्म नहीं होती तो उसके हिंसक रूप लेने का खतरा बना रहता है।
ऐसे मामलों में केवल घटना के बाद कार्रवाई ही नहीं, बल्कि पुराने विवादों की समय रहते पहचान और स्थानीय स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप भी महत्वपूर्ण होता है।
एक व्यक्ति की जान जाने के बाद परिवार के सामने सिर्फ कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि जीवन भर का नुकसान खड़ा हो जाता है।
हत्या की जांच में इन बिंदुओं पर रहेगी खास नजर
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ कई सवालों के जवाब महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस को यह पता करना होगा कि सचिन को घर से या किसी अन्य स्थान से कैसे बुलाया गया, मांझे वाली बगिया तक वह किन परिस्थितियों में पहुंचे, वहां कितने लोग मौजूद थे और विवाद किस बात को लेकर हुआ।
इसके अलावा कथित गुप्ती कहां से आई, हमले के बाद आरोपी किस रास्ते से फरार हुए, क्या घटना के आसपास कोई प्रत्यक्षदर्शी मौजूद था और क्या आसपास लगे कैमरों में कोई गतिविधि रिकॉर्ड हुई—ये सभी बिंदु जांच का हिस्सा बन सकते हैं।
परिवार द्वारा पुरानी रंजिश और बच्चों से जुड़े आरोपों को भी पुलिस को अलग-अलग स्तर पर सत्यापित करना होगा।
फिलहाल चार नामजद, आगे जांच से सामने आएगी पूरी तस्वीर
बंशीनगला की इस सनसनीखेज घटना में फिलहाल मृतक की पत्नी की तहरीर के आधार पर बाबू उर्फ रोहित, अमित उर्फ भज्जी, बाबू की मां और आशीष मौर्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है। हत्या में प्रयुक्त बताए जा रहे हथियार और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जांच के लिहाज से अहम होंगे।
सचिन कश्यप की मौत के बाद अब परिवार इंसाफ की उम्मीद कर रहा है। वहीं, इलाके के लोगों की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर है। इस मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।

