Neeraj Chopra को बड़ा झटका, टखने की चोट से 2026 सीजन खत्म! एशियन गेम्स, डायमंड लीग फाइनल और वर्ल्ड चैंपियनशिप से बाहर
Neeraj Chopra Injury ने भारतीय एथलेटिक्स को बड़ा झटका दिया है। स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा अब इस साल किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में नजर नहीं आएंगे। टखने में लगी चोट के कारण उन्हें सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स, डायमंड लीग फाइनल और पहली वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप से बाहर होना पड़ा है।
नीरज चोपड़ा ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी चोट और प्रतियोगिताओं से हटने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लॉजेन डायमंड लीग में सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के कुछ समय बाद ट्रेनिंग के दौरान उनके टखने में चोट लगी। जांच में लिगामेंट फटने की जानकारी सामने आई।
यह खबर ऐसे समय आई है, जब नीरज शानदार लय में लौटते दिखाई दे रहे थे। लॉजेन में उनका 88.05 मीटर का थ्रो इस सीजन का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था और इसी प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर रहने के बाद उन्होंने डायमंड लीग फाइनल के लिए भी क्वालिफाई किया था।
अब चोट ने उनके पूरे सीजन पर ब्रेक लगा दिया है।
ट्रेनिंग के दौरान लगी चोट, टखने का लिगामेंट फटा
नीरज ने अपनी पोस्ट में बताया कि लॉजेन डायमंड लीग में सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के कुछ समय बाद ट्रेनिंग के दौरान उन्हें टखने में चोट लगी।
चोट सामान्य नहीं थी। जांच में टखने के लिगामेंट के फटने की जानकारी सामने आई। इसी वजह से नीरज को आने वाले महत्वपूर्ण टूर्नामेंट्स से अपना नाम वापस लेना पड़ा।
टखने की चोट जेवलिन थ्रो जैसे खेल में विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि रन-अप के बाद भाला फेंकते समय एथलीट को शरीर का पूरा भार तेजी से रोकना और स्थानांतरित करना पड़ता है।
नीरज के लिए इस समय सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य अब जल्दबाजी में मैदान पर लौटना नहीं, बल्कि चोट से पूरी तरह उबरना होगा।
नीरज बोले- लगा था अपनी लय हासिल करने के करीब हूं
नीरज चोपड़ा ने अपनी पोस्ट में चोट को लेकर निराशा भी जाहिर की, लेकिन उनका संदेश सकारात्मक रहा।
उन्होंने कहा कि काफी मेहनत के बाद उन्हें महसूस हो रहा था कि वह अपनी लय हासिल करने के करीब पहुंच रहे हैं। लॉजेन डायमंड लीग में 88.05 मीटर का थ्रो उनके लिए इसी प्रगति का संकेत था।
इस प्रदर्शन के बाद नीरज के समर्थकों को उम्मीद थी कि वह सीजन के सबसे महत्वपूर्ण मुकाबलों में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के करीब पहुंच सकते हैं।
लेकिन ट्रेनिंग के दौरान लगी चोट ने उनकी योजना बदल दी।
एशियन गेम्स से बाहर हुए नीरज
नीरज चोपड़ा का एशियन गेम्स से बाहर होना भारत के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
उन्होंने इससे पहले 2018 जकार्ता एशियन गेम्स और 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था।
ऐसे में एशियन गेम्स में लगातार तीसरा स्वर्ण जीतने की उनकी कोशिश इस बार चोट के कारण रुक गई है।
नीरज का एशियन गेम्स रिकॉर्ड शानदार रहा है। दोनों पिछले संस्करणों में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स में अपनी खास जगह बनाई थी।
डायमंड लीग फाइनल भी हाथ से निकला
नीरज ने लॉजेन डायमंड लीग में दूसरे स्थान पर रहते हुए डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था।
उन्होंने इस सीजन में दो डायमंड लीग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और दोनों में दूसरा स्थान हासिल किया।
19 जून को दोहा और 21 अगस्त को लॉजेन में दूसरे स्थान पर रहने के कारण उन्हें कुल 12 अंक मिले। इन अंकों के आधार पर वह स्टैंडिंग में छठे स्थान पर रहे और फाइनल में जगह बनाई।
डायमंड लीग फाइनल 5 सितंबर को ब्रसेल्स में होना था। लेकिन अब टखने की चोट के कारण नीरज इस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
88.05 मीटर ने जगाई थी बड़ी उम्मीद
लॉजेन में नीरज का प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि 88.05 मीटर का थ्रो उनके 2026 सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
सीजन की शुरुआत में फिटनेस और प्रदर्शन को लेकर चुनौतियों के बाद यह थ्रो संकेत दे रहा था कि नीरज अपनी पुरानी लय की तरफ बढ़ रहे हैं।
प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर रहने के बावजूद उनके प्रदर्शन को सकारात्मक माना गया था।
लेकिन खेलों में चोट का जोखिम हमेशा बना रहता है। एक ट्रेनिंग सेशन के दौरान लगी चोट ने नीरज की आगे की पूरी प्रतिस्पर्धी योजना को प्रभावित कर दिया।
पहले भी पीठ की चोट से जूझ चुके हैं
नीरज चोपड़ा पिछले साल सितंबर से लोअर बैक इंजरी से परेशान थे। इस वजह से उनका 2026 सीजन भी देर से शुरू हुआ।
लंबे समय तक चोट से जूझने के बाद उन्होंने दोहा डायमंड लीग से वापसी की थी।
यानी नीरज अभी अपनी पिछली चोट से वापसी की प्रक्रिया को पूरी तरह पीछे छोड़कर सीजन को गति देने की कोशिश कर ही रहे थे कि नई टखने की चोट सामने आ गई।
यह उनके लिए शारीरिक और प्रतिस्पर्धात्मक दोनों स्तर पर बड़ी चुनौती है।
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भी पूरी तरह फिट नहीं थे
नीरज इससे पहले ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भी पूरी तरह फिट नहीं थे।
इसके बावजूद उन्होंने 85.83 मीटर का थ्रो करके सिल्वर मेडल जीता था।
श्रीलंका के रुमेश थरांगा ने 89.75 मीटर के प्रदर्शन के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया था।
नीरज की फिटनेस को लेकर लगातार चुनौतियों के बावजूद बड़े मंच पर प्रतिस्पर्धा करने की उनकी क्षमता ने उन्हें दुनिया के शीर्ष जेवलिन थ्रोअर्स में बनाए रखा है।
ओलिंपिक में भी भारत को दिला चुके हैं ऐतिहासिक सफलता
नीरज चोपड़ा का नाम भारतीय खेल इतिहास के सबसे बड़े अध्यायों में दर्ज है।
उन्होंने टोक्यो ओलिंपिक 2021 में जेवलिन थ्रो का गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था। वह एथलेटिक्स में ओलिंपिक गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय बने।
इसके बाद पेरिस ओलिंपिक 2024 में उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल किया।
लगातार दो ओलिंपिक में पदक जीतने के बाद नीरज भारतीय खेल प्रशंसकों के सबसे बड़े चेहरों में शामिल हो गए।
वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी रचा इतिहास
नीरज ने 2023 बुडापेस्ट वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था।
इस जीत के साथ वह एथलेटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने।
उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय एथलेटिक्स को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई।
यही वजह है कि जब भी नीरज किसी बड़ी प्रतियोगिता से बाहर होते हैं, इसका असर सिर्फ एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स की पदक उम्मीदों पर भी पड़ता है।
पहली वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में भी नहीं दिखेंगे
नीरज को 11 से 13 सितंबर तक बुडापेस्ट में होने वाली पहली वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में भी हिस्सा लेना था।
यह प्रतियोगिता एथलेटिक्स कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण नया आयोजन है। लेकिन चोट के कारण नीरज इस ऐतिहासिक संस्करण का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।
एक ही चोट के कारण तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों से बाहर होना उनके 2026 सीजन के लिए बड़ा झटका है।
2026 में देर से शुरू हुआ था नीरज का अभियान
पिछली पीठ की चोट के कारण नीरज ने 2026 सीजन की शुरुआत सामान्य समय से देर से की थी।
दोहा डायमंड लीग उनके लिए वापसी का महत्वपूर्ण मंच बना। इसके बाद उन्होंने प्रतियोगिताओं में अपनी लय वापस हासिल करने की कोशिश जारी रखी।
लॉजेन में 88.05 मीटर तक भाला फेंकना इसी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण उपलब्धि था।
लेकिन अब नई चोट के कारण उन्हें फिर प्रतिस्पर्धी गतिविधियों से दूर रहना पड़ेगा।
दो डायमंड लीग मुकाबले, दोनों में दूसरा स्थान
इस सीजन में नीरज ने दो डायमंड लीग मुकाबलों में हिस्सा लिया था।
पहला मुकाबला 19 जून को दोहा में हुआ, जहां उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया।
इसके बाद 21 अगस्त को लॉजेन में भी नीरज दूसरे स्थान पर रहे। इस प्रतियोगिता में उन्होंने 88.05 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो किया।
दोनों मुकाबलों में दूसरे स्थान पर रहने के कारण उन्हें कुल 12 अंक मिले।
यही अंक उन्हें डायमंड लीग स्टैंडिंग में छठे स्थान तक ले गए और फाइनल के लिए उनकी जगह पक्की हुई।
अब चोट के कारण वह उस फाइनल में अपने प्रदर्शन को आगे नहीं बढ़ा पाएंगे।
नीरज के लिए अब सबसे बड़ा मुकाबला चोट से वापसी
एक खिलाड़ी के करियर में लगातार चोटें बड़ी चुनौती बन सकती हैं। नीरज के मामले में पिछले एक साल में लोअर बैक की समस्या और अब टखने की चोट ने फिटनेस को फिर प्रमुख मुद्दा बना दिया है।
जेवलिन थ्रो में रन-अप, शरीर का संतुलन, ब्लॉकिंग लेग और थ्रो के बाद लैंडिंग सभी बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए टखने की चोट से वापसी के दौरान पूरी तरह फिट होना जरूरी होगा।
ऐसे में नीरज के लिए जल्दबाजी के बजाय सुरक्षित और व्यवस्थित रिकवरी ज्यादा महत्वपूर्ण होगी।
फैंस को अब अगले सीजन का इंतजार
नीरज की चोट की खबर के बाद भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए इस साल उनके प्रदर्शन का इंतजार खत्म हो गया है।
एशियन गेम्स में उनका नाम नहीं होगा। ब्रसेल्स डायमंड लीग फाइनल में भी वह नहीं उतरेंगे और बुडापेस्ट की वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप भी उनके बिना होगी।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि वह चोट से कितनी अच्छी तरह और कब तक वापसी करते हैं।
उनका पिछला रिकॉर्ड बताता है कि चोटों के बावजूद उन्होंने कई बार बड़े मंच पर शानदार वापसी की है।
भारत की एथलेटिक्स उम्मीदों को भी लगा झटका
नीरज चोपड़ा केवल एक व्यक्तिगत खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स के सबसे बड़े वैश्विक चेहरों में से एक हैं।
उनकी मौजूदगी से किसी भी बड़े टूर्नामेंट में भारतीय पदक उम्मीदें मजबूत होती हैं। एशियन गेम्स जैसे बहु-खेल आयोजन में उनके बाहर होने से भारत की जेवलिन थ्रो स्पर्धा की सबसे बड़ी उम्मीद निश्चित रूप से प्रभावित होगी।
हालांकि भारतीय एथलेटिक्स में अन्य खिलाड़ी भी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन नीरज का अनुभव और अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रदर्शन उन्हें अलग श्रेणी में रखता है।
88.05 मीटर के बाद अचानक बदली कहानी
लॉजेन में 88.05 मीटर का थ्रो करने के बाद तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई दे रही थी।
सीजन में दो बार दूसरा स्थान हासिल करने के बाद नीरज डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालिफाई कर चुके थे। उनका प्रदर्शन ऊपर की ओर जाता दिखाई दे रहा था और बड़े टूर्नामेंट से पहले उनकी लय को लेकर उम्मीदें बढ़ रही थीं।
लेकिन कुछ ही समय बाद ट्रेनिंग में लगी चोट ने पूरी कहानी बदल दी।
एक तरफ 88.05 मीटर ने उनकी वापसी का संकेत दिया, वहीं दूसरी तरफ टखने की चोट ने उन्हें पूरे सीजन के लिए मैदान से बाहर कर दिया।
नीरज ने खुद दी फैंस को चोट की जानकारी
अपनी चोट की जानकारी नीरज ने खुद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी। इससे उनके प्रशंसकों को स्थिति के बारे में सीधे जानकारी मिली।
उन्होंने यह भी बताया कि काफी मेहनत के बाद उन्हें महसूस हो रहा था कि वह अपनी लय हासिल कर रहे हैं।
ऐसे समय में जब एक खिलाड़ी लंबे समय तक चोट से वापसी कर रहा हो और फिर नई चोट का सामना करे, मानसिक रूप से भी स्थिति आसान नहीं होती।
फिर भी नीरज का अपने प्रदर्शन और भविष्य को लेकर सकारात्मक रवैया उनके संदेश में दिखाई दिया।
अब वापसी होगी असली लक्ष्य
2026 सीजन अब नीरज चोपड़ा के लिए खत्म माना जा रहा है। एशियन गेम्स, डायमंड लीग फाइनल और वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप जैसे बड़े मुकाबले उनके कैलेंडर से हट चुके हैं।
अब सबसे अहम बात यह होगी कि नीरज अपनी टखने की चोट से पूरी तरह उबरें और फिटनेस को प्राथमिकता दें।
उनके करियर की उपलब्धियां इतनी बड़ी हैं कि एक खराब या चोटिल सीजन उनकी विरासत को प्रभावित नहीं करता। टोक्यो का गोल्ड, पेरिस का सिल्वर, दो एशियन गेम्स गोल्ड और वर्ल्ड चैंपियनशिप का ऐतिहासिक गोल्ड उन्हें भारतीय खेल इतिहास में पहले ही अमर स्थान दे चुके हैं।
नीरज चोपड़ा की चोट ने रोका 2026 का सफर, लेकिन कहानी अभी बाकी है
नीरज चोपड़ा के लिए 2026 का सफर उम्मीद और निराशा दोनों से भरा रहा। लंबे समय से चली आ रही लोअर बैक की परेशानी के बाद उन्होंने दोहा डायमंड लीग से वापसी की। दोहा और लॉजेन में लगातार दूसरे स्थान पर रहने के बाद वह डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालिफाई भी कर चुके थे।
लॉजेन में 88.05 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो उनकी लय में वापसी का मजबूत संकेत था। लेकिन इसके बाद ट्रेनिंग के दौरान टखने का लिगामेंट फटने की चोट ने उन्हें इस साल के बाकी सभी बड़े मुकाबलों से बाहर कर दिया।
अब एशियन गेम्स, 5 सितंबर का ब्रसेल्स डायमंड लीग फाइनल और 11 से 13 सितंबर की बुडापेस्ट वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में नीरज नजर नहीं आएंगे।
भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए यह निश्चित रूप से निराशाजनक खबर है, लेकिन फिलहाल सबसे जरूरी है कि देश का यह स्टार एथलीट चोट से पूरी तरह स्वस्थ होकर लौटे। नीरज ने दुनिया के सबसे बड़े मंचों पर भारत का झंडा ऊंचा किया है और अब उनकी अगली चुनौती मैदान में पदक नहीं, बल्कि पूरी फिटनेस के साथ वापसी होगी।

