किसान बलिदान दिवस पर याद किए गए Chaudhary Jagbir Singh, 23वीं पुण्यतिथि पर शांति यज्ञ में उमड़ा जनसैलाब; नेताओं, खाप चौधरियों और किसान संगठनों ने दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय किसान मोर्चा के संस्थापक और किसान-मजदूरों के हितों की आवाज के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले स्वर्गीय Chaudhary Jagbir Singh की 23वीं पुण्यतिथि रविवार को किसान बलिदान दिवस के रूप में श्रद्धा, सम्मान और सद्भावना के साथ मनाई गई। दक्षिण सिविल लाइंस स्थित पूर्व मंत्री चौधरी योगराज सिंह के निजी निवास पर आयोजित शांति यज्ञ में राजनीतिक, सामाजिक और किसान संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, किसान संगठनों के पदाधिकारियों, खाप चौधरियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। सभी ने स्वर्गीय चौधरी जगबीर सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और किसानों तथा मजदूरों के अधिकारों के लिए उनके लंबे संघर्ष को याद किया।
पुण्यतिथि कार्यक्रम के दौरान माहौल भावुक भी रहा और सामाजिक एकता का संदेश देने वाला भी। अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों का एक मंच पर पहुंचना इस आयोजन की प्रमुख विशेषताओं में रहा।
दक्षिण सिविल लाइंस में हुआ शांति यज्ञ
स्वर्गीय चौधरी जगबीर सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर दक्षिण सिविल लाइंस स्थित पूर्व मंत्री चौधरी योगराज सिंह के निजी आवास पर शांति यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ में लेखराज सिंह यजमान रहे।
आचार्य नरेश आर्य ने शांति यज्ञ को विधि-विधान के साथ संपन्न कराया। यज्ञ के दौरान उपस्थित लोगों ने आहुति देकर स्वर्गीय चौधरी जगबीर सिंह की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
यज्ञ के बाद श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें मौजूद लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
चौधरी नरेश टिकैत ने अर्पित की श्रद्धांजलि
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कार्यक्रम में पहुंचकर स्वर्गीय चौधरी जगबीर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। बालियान खाप के चौधरी ने भी उन्हें नमन किया।
किसान संगठनों से जुड़े लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया। चौधरी जगबीर सिंह को किसानों और मजदूरों के मुद्दों पर मुखर रहने वाले व्यक्तित्व के रूप में याद किया गया।
उनकी पुण्यतिथि पर किसान संगठनों से जुड़े लोगों ने उनके संघर्ष और जनहित से जुड़े कार्यों को स्मरण किया।
सरकार और राजनीति से जुड़े कई प्रमुख चेहरे पहुंचे
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार भी शामिल हुए। उन्होंने शांति यज्ञ में आहुति दी और स्वर्गीय चौधरी जगबीर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।
बिजनौर सांसद चंदन चौहान ने भी कार्यक्रम में पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। विधानमंडल दल के नेता एवं बुढ़ाना विधायक राजपाल बालियान ने यज्ञ में शामिल होकर आहुति दी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सांसद डॉ. संजीव बालियान ने भी शांति यज्ञ में हिस्सा लिया और चौधरी जगबीर सिंह को नमन किया।
राजनीतिक क्षेत्र के इन प्रमुख चेहरों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप दिया।
खाप चौधरियों की मौजूदगी ने बढ़ाया कार्यक्रम का महत्व
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सामाजिक संरचना में खापों की अपनी ऐतिहासिक और सामाजिक भूमिका रही है। चौधरी जगबीर सिंह की पुण्यतिथि पर विभिन्न खापों के प्रतिनिधियों और चौधरियों की उपस्थिति भी देखने को मिली।
गठवाला खाप के थाम्बेदार बाबा श्याम सिंह कार्यक्रम में पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। लाटियान खाप के चौधरी वीरेंद्र सिंह लाटियान ने भी शांति यज्ञ में शामिल होकर स्वर्गीय चौधरी जगबीर सिंह को नमन किया।
विभिन्न खापों से जुड़े अन्य प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
राष्ट्रीय लोकदल के पदाधिकारियों ने भी किया नमन
राष्ट्रीय लोकदल के क्षेत्रीय अध्यक्ष तिरसपाल मलिक कार्यक्रम में पहुंचे। जिलाध्यक्ष संजय राठी और मंडल अध्यक्ष प्रभात तोमर सहित पार्टी से जुड़े अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए।
उन्होंने स्वर्गीय चौधरी जगबीर सिंह को किसान और मजदूर हितों के लिए समर्पित जनसेवी व्यक्तित्व के रूप में याद किया।
कार्यक्रम में राजनीतिक दलों की अलग-अलग पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों की मौजूदगी ने चौधरी जगबीर सिंह की सामाजिक स्वीकार्यता को भी रेखांकित किया।
योगराज सिंह हुए भावुक, बोले- यहां मौजूद हर व्यक्ति परिवार का हिस्सा
पूर्व मंत्री चौधरी योगराज सिंह ने कार्यक्रम के दौरान भावुक होकर उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति स्वर्गीय चौधरी जगबीर सिंह के परिवार का हिस्सा है। उनके अनुसार, चौधरी जगबीर सिंह के जीवनकाल में जो आत्मीयता, अपनापन और साथ लोगों से मिला था, वह समय बीतने के बावजूद आज भी कायम है।
योगराज सिंह ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि आगे भी चौधरी जगबीर सिंह के बताए रास्ते पर चलते हुए किसान, मजदूर और समाज के जरूरतमंद लोगों के हित में काम किया जाना चाहिए।
किसान-मजदूरों के संघर्ष को किया गया याद
चौधरी योगराज सिंह ने कहा कि चौधरी जगबीर सिंह ने अपना पूरा जीवन किसानों और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई को समर्पित किया था।
उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं था। वह समाज के कमजोर, गरीब और जरूरतमंद लोगों की आवाज को मजबूती के साथ उठाते रहे।
यही वजह बताई गई कि आज भी किसान और मजदूर वर्ग उन्हें सम्मान और श्रद्धा के साथ याद करता है।
पुण्यतिथि कार्यक्रम में भी वक्ताओं ने इसी संघर्ष की विरासत को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
‘जनसेवी व्यक्तित्व को भुलाया नहीं जा सकता’
मंडल अध्यक्ष प्रभात तोमर ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि चौधरी जगबीर सिंह जैसे जनसेवी व्यक्तित्व को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि चौधरी जगबीर सिंह ने गरीबों, किसानों और मजदूरों के अधिकारों की आवाज को मजबूती से उठाया।
उनके अनुसार, जनहित के लिए किए गए संघर्ष और समाज के कमजोर वर्गों के साथ खड़े रहने की वजह से उनकी स्मृति आज भी लोगों के बीच जीवित है।
मुजफ्फरनगर और आसपास से पहुंचे लोग
कार्यक्रम में केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि मुजफ्फरनगर जनपद और आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
किसान संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता, सामाजिक लोग, खाप प्रतिनिधि और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
लोगों ने कहा कि चौधरी जगबीर सिंह की स्मृतियां समय बीतने के साथ कमजोर होने के बजाय और मजबूत होती जा रही हैं।
श्रद्धांजलि के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने स्वर्गीय चौधरी जगबीर सिंह के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प भी व्यक्त किया।
किसान और मजदूरों के हितों के लिए काम करना, समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाए रखना उनके संघर्ष की प्रमुख भावना के रूप में याद किया गया।
पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने के साथ उनके सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने की बात भी सामने आई।
अलग-अलग विचारधाराएं, लेकिन श्रद्धांजलि के लिए एक मंच
कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक वर्गों के लोगों की मौजूदगी खास रही। अलग-अलग विचारधाराओं से जुड़े लोगों ने एक साथ पहुंचकर स्वर्गीय चौधरी जगबीर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसने कार्यक्रम में आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।
राजनीतिक मतभेदों से अलग हटकर किसी सामाजिक व्यक्तित्व की स्मृति में एकत्र होना क्षेत्र की सामाजिक परंपरा में भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
शांति यज्ञ में परिजनों और गणमान्य लोगों ने दी आहुति
श्रद्धांजलि यज्ञ में अरविंद आर्य गढ़ीनौआबाद, संजीव शाहजुड्डी, उमादत्त शर्मा, संदीप गोयला, संजय शर्मा सरनावली, चौधरी महीपाल सिंह, संजीव प्रधान करवाड़ा, कल्याण सिंह और चौधरी बिजेंद्र सिंह नगला सहित परिजनों तथा गणमान्य लोगों ने आहुति दी।
सभी ने स्वर्गीय चौधरी जगबीर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।
यज्ञ के दौरान धार्मिक वातावरण के साथ-साथ लोगों में भावनात्मक जुड़ाव भी साफ दिखाई दिया।
किसान-मजदूरों की आवाज के रूप में बनी पहचान
चौधरी जगबीर सिंह को कार्यक्रम में किसान और मजदूर हितों के लिए संघर्ष करने वाले नेता के रूप में याद किया गया। राष्ट्रीय किसान मोर्चा के संस्थापक के रूप में उनके योगदान का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में कमजोर वर्गों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
उनका राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण किसानों तथा मजदूरों के अधिकारों के मुद्दों से जुड़ा रहा।
पुण्यतिथि के मौके पर वक्ताओं ने उनके इसी संघर्ष को उनकी सबसे बड़ी विरासत बताया।
23 साल बाद भी यादों में कायम है नाम
चौधरी जगबीर सिंह की पुण्यतिथि को 23 वर्ष पूरे होने के बाद भी जिस तरह किसान संगठनों, खाप प्रतिनिधियों, राजनीतिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर मनाया, उससे उनकी स्मृति की निरंतरता सामने आई।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों का कहना था कि समय बीतने के साथ उनकी याद और उनके संघर्ष की विरासत लोगों के बीच बनी हुई है।
किसान और मजदूर हितों के लिए किए गए उनके प्रयासों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पक्ष सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश रहा। अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि के लोग एक साथ श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
शांति यज्ञ और श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से लोगों ने न केवल एक दिवंगत जनसेवी व्यक्तित्व को याद किया, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम में दिखा भावुक माहौल
पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण श्रद्धा और भावुकता से भरा रहा। परिवार के लोगों और पुराने सहयोगियों के लिए यह अवसर विशेष रूप से भावनात्मक था।
लोगों ने उनके साथ बिताए समय और उनके संघर्षों को याद किया। श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों ने कहा कि किसी व्यक्ति के जाने के बाद उसकी सबसे बड़ी पहचान उसके विचार और समाज के लिए किए गए कार्य होते हैं।
चौधरी जगबीर सिंह की पुण्यतिथि पर भी यही भावना प्रमुख रूप से सामने आई।
आगे भी किसान और जरूरतमंदों के लिए काम करने का आह्वान
पूर्व मंत्री चौधरी योगराज सिंह ने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि चौधरी जगबीर सिंह के बताए रास्ते को आगे बढ़ाया जाए और किसान, मजदूर तथा जरूरतमंद लोगों के हित में काम जारी रखा जाए।
उनके अनुसार, श्रद्धांजलि का वास्तविक अर्थ केवल किसी महान व्यक्ति को याद करना नहीं, बल्कि उनके जनहित से जुड़े विचारों और कार्यों को आगे ले जाना भी है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस भावना का समर्थन किया और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को जारी रखने की बात कही।
मुजफ्फरनगर में किसान बलिदान दिवस ने फिर याद दिलाई संघर्ष की विरासत
मुजफ्फरनगर में आयोजित किसान बलिदान दिवस कार्यक्रम में चौधरी जगबीर सिंह की 23वीं पुण्यतिथि पर बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। शांति यज्ञ से शुरू हुए कार्यक्रम में राजनीतिक नेताओं, किसान संगठनों, खाप चौधरियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों की भागीदारी रही।
चौधरी नरेश टिकैत से लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, बिजनौर सांसद चंदन चौहान, राजपाल बालियान और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान तक कई प्रमुख लोग कार्यक्रम में पहुंचे। गठवाला और लाटियान खाप सहित विभिन्न खाप प्रतिनिधियों ने भी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में यह भावना प्रमुख रही कि किसान-मजदूरों के अधिकारों और समाज के कमजोर वर्गों के लिए संघर्ष करने वाले चौधरी जगबीर सिंह की स्मृति आज भी लोगों के बीच जीवित है। उनकी 23वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि के साथ उनके सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने और भाईचारे की भावना को मजबूत रखने का संदेश भी दिया गया।

