सोनाली नदी पर पुल निर्माण की मांग पर खत्म हुआ धरना, कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार के आश्वासन से जगी ग्रामीणों में नई उम्मीद- Purquazi
News-Desk
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अनिल कुमार, खादर बड़ीवाला, ग्रामीण विकास, धरना, पुरकाजी, पुल निर्माण, मुजफ्फरनगर समाचार, रामनगर रजकल्लापुर, सड़क संपर्क, सोनाली नदीPurquazi। वर्षों से लंबित सोनाली नदी पुल निर्माण की मांग को लेकर खादर बड़ीवाला-रामनगर रजकल्लापुर मार्ग पर चल रहा धरना आखिरकार समाप्त हो गया। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं पुरकाजी विधायक अनिल कुमार के धरनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत करने और उनकी मांग को शासन स्तर पर उठाने का आश्वासन देने के बाद आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त करने का निर्णय लिया।
धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, महिलाएं, युवा तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे। सभी का कहना था कि सोनाली नदी पर पुल का निर्माण केवल एक विकास परियोजना नहीं, बल्कि हजारों लोगों की दैनिक जरूरत और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।
बरसात में कट जाता है संपर्क, हजारों ग्रामीणों को होती है परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार खादर बड़ीवाला-रामनगर रजकल्लापुर मार्ग पर स्थित सोनाली नदी बरसात के मौसम में उफान पर आ जाती है। पुल नहीं होने के कारण क्षेत्र के लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो जाता है।
नदी पार करने के दौरान कई बार लोगों को जान जोखिम में डालनी पड़ती है। सबसे अधिक कठिनाई स्कूली बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और किसानों को होती है। खेतों तक पहुंचने, अस्पताल जाने तथा आवश्यक कार्यों के लिए लोगों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ता है, जिससे समय और आर्थिक दोनों तरह का नुकसान होता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि वर्षों से चली आ रही है और हर मानसून में हजारों लोग इसकी मार झेलते हैं।
कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने जनहित का मुद्दा बताया
धरनास्थल पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री एवं पुरकाजी विधायक अनिल कुमार ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कहा कि सोनाली नदी पुल निर्माण केवल स्थानीय मांग नहीं, बल्कि हजारों लोगों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती और आवागमन से जुड़ा महत्वपूर्ण जनहित का विषय है।
उन्होंने क्षेत्रवासियों को भरोसा दिलाया कि इस न्यायोचित मांग को शासन स्तर पर पूरी मजबूती से रखा जाएगा और पुल निर्माण के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा ताकि क्षेत्र के विकास को गति मिल सके।
आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त, अब कार्रवाई का इंतजार
धरने में शामिल भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा के एक पदाधिकारी ने बताया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं था, बल्कि क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान के लिए शुरू किया गया था।
उन्होंने कहा कि मंत्री के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया है। अब सभी ग्रामीणों की निगाहें इस बात पर हैं कि पुल निर्माण की प्रक्रिया कब शुरू होती है और वर्षों पुरानी यह मांग कब पूरी होती है।
ग्रामीण बोले— पुल बनने से बदलेगी हजारों लोगों की जिंदगी
ग्राम खादर बड़ीवाला के एक ग्रामीण ने बताया कि बरसात के दौरान सोनाली नदी पार करना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। पुल बनने से दर्जनों गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और दुर्घटनाओं की आशंका भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
उनका कहना था कि वर्तमान में नदी पार करने के दौरान लोगों को जोखिम उठाना पड़ता है, जबकि पुल बनने से आवागमन सुरक्षित और सुगम हो जाएगा।
मरीजों और गर्भवती महिलाओं को होती है सबसे अधिक परेशानी
रामनगर रजकल्लापुर निवासी सुमित्रा ने बताया कि बरसात के दिनों में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना बेहद कठिन हो जाता है। कई बार समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाने का खतरा भी उत्पन्न हो जाता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि पुल का निर्माण हो जाता है तो स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को राहत मिलेगी।
छात्रों की पढ़ाई भी होती है प्रभावित
स्थानीय छात्र कपिल ने बताया कि बारिश के मौसम में स्कूल और कॉलेज पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है। नदी में जलस्तर बढ़ने पर छात्रों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है या कई बार शिक्षण संस्थानों तक पहुंचना ही संभव नहीं हो पाता।
उन्होंने कहा कि सोनाली नदी पुल निर्माण से विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और शिक्षा तक पहुंच भी आसान बनेगी।
पुल बनने से विकास को मिलेगी नई गति
स्थानीय लोगों का मानना है कि सोनाली नदी पर पुल बनने से केवल आवागमन ही आसान नहीं होगा, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। किसानों को अपनी फसल बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी, व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी और ग्रामीण क्षेत्रों का आपसी संपर्क मजबूत होगा।
ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि यदि पुल निर्माण शीघ्र शुरू होता है तो इसका लाभ खादर बड़ीवाला, रामनगर रजकल्लापुर सहित आसपास के दर्जनों गांवों को मिलेगा और वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।

