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मीरापुर में भैरव मंदिर के दानपात्र से चोरी का खुलासा, Muzaffarnagar पुलिस ने आरोपी को दबोचा; 1,623 रुपये बरामद

Muzaffarnagar  मीरापुर क्षेत्र में ग्राम रसूलपुर गढ़ी स्थित भैरव मंदिर के दानपात्र से रुपये चोरी किए जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से कथित तौर पर चोरी किए गए 1,623 रुपये नगद बरामद किए गए हैं।

मंदिर के दानपात्र से चोरी की घटना सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस को मिले सुराग और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का दावा किया गया है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान आदित्य उर्फ हरसु पुत्र योगेश त्यागी, निवासी ग्राम सोहजनी तागान, थाना मंसूरपुर, जनपद मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है।

2 सितंबर को भैरव मंदिर के दानपात्र से चोरी की घटना

पुलिस के मुताबिक, 2 सितंबर 2026 को ग्राम रसूलपुर गढ़ी स्थित भैरव मंदिर के दानपात्र से अज्ञात व्यक्ति द्वारा रुपये चोरी किए गए थे।

मंदिर के दानपात्र में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए रुपये रखे जाते थे। चोरी की जानकारी सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू की।

घटना के संबंध में थाना मीरापुर में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मामले में मुकदमा संख्या 148/26 दर्ज किया गया है और इसमें धारा 305/334(1) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई।

चोरी के बाद पुलिस के सामने चुनौती यह थी कि मंदिर में हुई वारदात को अंजाम देने वाले व्यक्ति की पहचान की जाए और चोरी की रकम को बरामद किया जाए।

मीरापुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर की कार्रवाई

जांच के दौरान पुलिस टीम को आरोपी के संबंध में सूचना मिलने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, 6 सितंबर 2026 को मुखबिर की सूचना के आधार पर मीरापुर पुलिस टीम ने कार्रवाई की।

सूचना के आधार पर पुलिस ने एस.डी. इंटर कॉलेज, भूम्मा रोड मीरापुर के पास पहुंचकर संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान आदित्य उर्फ हरसु के रूप में की। गिरफ्तारी के बाद उसके कब्जे की तलाशी ली गई, जिसमें 1,623 रुपये नगद बरामद होने का दावा पुलिस ने किया है।

दानपात्र से चोरी की रकम बरामद होने का पुलिस का दावा

पुलिस के अनुसार, बरामद 1,623 रुपये इसी मुकदमे से संबंधित हैं। यानी पुलिस ने बरामद नकदी को मंदिर के दानपात्र से चोरी हुई रकम से जोड़ा है।

अब पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। बरामद रकम के अलावा घटना से संबंधित अन्य साक्ष्यों और आरोपी की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा जा सकता है।

मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद मंदिर से जुड़ी चोरी की घटना की जांच एक महत्वपूर्ण चरण तक पहुंच गई है।

गांव के मंदिर में चोरी से मचा था हड़कंप

ग्राम रसूलपुर गढ़ी स्थित भैरव मंदिर में दानपात्र से रुपये चोरी होने की घटना स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी थी। मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई जाने वाली धनराशि को दानपात्र में रखा जाता है।

ऐसे स्थान पर चोरी की घटना सामने आने के बाद पुलिस के सामने आरोपी की पहचान और बरामदगी की चुनौती थी।

पुलिस का कहना है कि सूचना तंत्र की मदद से आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।

एसडी इंटर कॉलेज के पास गिरफ्तारी

मीरापुर पुलिस के अनुसार, आरोपी को एस.डी. इंटर कॉलेज, भूम्मा रोड के पास से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की गई। उसके कब्जे से बरामद नकदी को मामले की संपत्ति के रूप में दर्ज किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।

जांच एजेंसियां अब यह भी देख सकती हैं कि घटना को अंजाम देने की परिस्थितियां क्या थीं और आरोपी का मंदिर तक पहुंचना किस प्रकार हुआ।

आदित्य उर्फ हरसु पर आगे होगी कानूनी कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपी आदित्य उर्फ हरसु पुत्र योगेश त्यागी, निवासी ग्राम सोहजनी तागान, थाना मंसूरपुर, मुजफ्फरनगर के विरुद्ध पुलिस ने अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

मामले में पुलिस की ओर से गिरफ्तारी और बरामदगी की कार्रवाई दर्ज की गई है। आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित प्रावधानों के तहत आगे बढ़ाई जाएगी।

किसी भी आपराधिक मामले में आरोपी की अंतिम दोषसिद्धि अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होती है।

पुलिस टीम में उपनिरीक्षक ओमेंद्र सिंह और कांस्टेबल मोहित कुमार शामिल

मामले के खुलासे और गिरफ्तारी की कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक ओमेंद्र सिंह और कांस्टेबल 787 मोहित कुमार शामिल रहे।

पुलिस टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ने और कथित चोरी की रकम बरामद करने का दावा किया है।

मंदिरों में दानपात्र की सुरक्षा भी अहम मुद्दा

धार्मिक स्थलों पर दानपात्र में श्रद्धालुओं द्वारा धनराशि चढ़ाई जाती है। कई मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर यही रकम विभिन्न धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में उपयोग की जाती है।

ऐसे में दानपात्र की सुरक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है। नियमित रूप से दानपात्र खोलने, रकम का हिसाब रखने और मंदिर परिसर में निगरानी व्यवस्था मजबूत रखने से चोरी जैसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।

रसूलपुर गढ़ी के भैरव मंदिर में हुई घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता सामने आती है।

मीरापुर पुलिस की कार्रवाई से खुला मामला

मीरापुर पुलिस ने मामले में चार दिन के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी और कथित चोरी की रकम की बरामदगी का दावा किया है। घटना 2 सितंबर को सामने आई थी, जबकि पुलिस ने 6 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से मिली 1,623 रुपये की नकदी मुकदमे से संबंधित है। इस बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

अब जांच में बाकी कड़ियों पर भी नजर

मामले का पुलिस द्वारा खुलासा किए जाने के बाद अब जांच का अगला चरण घटना से जुड़े बाकी तथ्यों को स्पष्ट करना होगा। पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि बरामद रकम की पहचान और मामले से उसका संबंध साक्ष्यों के आधार पर स्थापित हो।

साथ ही, यदि जांच में कोई अन्य व्यक्ति या तथ्य सामने आता है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद रसूलपुर गढ़ी स्थित भैरव मंदिर के दानपात्र से रुपये चोरी होने का मामला जांच के अगले चरण में पहुंच गया है।

मीरापुर के ग्राम रसूलपुर गढ़ी स्थित भैरव मंदिर के दानपात्र से 2 सितंबर 2026 को रुपये चोरी होने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 6 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर एस.डी. इंटर कॉलेज, भूम्मा रोड मीरापुर के पास से आदित्य उर्फ हरसु पुत्र योगेश त्यागी, निवासी ग्राम सोहजनी तागान, थाना मंसूरपुर, मुजफ्फरनगर को पकड़ा गया। उसके कब्जे से 1,623 रुपये नगद बरामद किए गए, जिन्हें पुलिस ने उक्त मुकदमे से संबंधित बताया है। मामले में थाना मीरापुर पर मुकदमा संख्या 148/26 धारा 305/334(1) बीएनएस के तहत दर्ज है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक ओमेंद्र सिंह और कांस्टेबल 787 मोहित कुमार शामिल रहे।

 

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