टीवी एक्टर Rohit Chandel को POCSO केस में मिली जमानत, 16 साल की लड़की ने लगाए थे पीछा करने और मारपीट के आरोप; करीब 2 महीने रहे जेल में
टीवी के पॉपुलर शोज ‘पांड्या स्टोर’ और ‘सैराब’ में नजर आ चुके अभिनेता रोहित चंदेल को POCSO केस में जमानत मिल गई है। एक्टर पर एक 16 साल की नाबालिग लड़की ने पीछा करने, बार-बार फोन करके परेशान करने और मारपीट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
मुंबई पुलिस ने जुलाई में Rohit Chandel को गिरफ्तार किया था। वह करीब दो महीने से जेल में थे। उनके खिलाफ प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट यानी POCSO के तहत मामला दर्ज किया गया था।
जमानत मिलने के बाद अब यह मामला एक बार फिर चर्चा में है, खासकर इसलिए क्योंकि केस के दस्तावेजों में दर्ज कुछ जानकारियों को लेकर भी सवाल उठे थे।
Rohit Chandel POCSO Case में क्या है मामला?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार रोहित चंदेल के खिलाफ मुंबई के पंत नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत 16 साल की नाबालिग की ओर से की गई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक्टर अपने फोन नंबर से लड़की को लगातार कॉल कर रहे थे। जब नाबालिग ने उनका फोन उठाना बंद कर दिया तो कथित तौर पर दूसरे नंबर से भी कॉल किए जाने लगे।
शिकायत के मुताबिक लगातार फोन कॉल के अलावा लड़की का पीछा करने और उसे परेशान करने के भी आरोप लगाए गए।
मामले में POCSO एक्ट के साथ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराएं भी लगाई गईं।
5 जुलाई को क्या हुआ था?
शिकायत के अनुसार 5 जुलाई को रोहित चंदेल ने लड़की को उसके घर के पास कथित तौर पर जबरदस्ती रोकने की कोशिश की। इसके बाद उसके पीछा करने का भी आरोप लगाया गया।
शिकायतकर्ता के मुताबिक जब उसने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच बहस हुई। आरोप है कि इस दौरान एक्टर ने उसे गालियां दीं और मारपीट भी की।
हालांकि ये सभी शिकायत और अभियोजन पक्ष से जुड़े आरोप हैं। किसी आरोपी के खिलाफ दर्ज आरोप अपने आप दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं होते। मामले में अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।
10 जुलाई को घर से हुई थी गिरफ्तारी
रोहित चंदेल के खिलाफ 10 जुलाई को POCSO एक्ट के तहत शिकायत दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। उसी दिन उन्हें मुंबई के दहिसर स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के बाद उन्हें स्पेशल POCSO कोर्ट के सामने पेश किया गया। इसके बाद वह न्यायिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में रहे।
रिपोर्ट के मुताबिक एक्टर करीब दो महीने तक जेल में रहे, जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई।
POCSO के साथ BNS की धाराएं भी लगीं
नाबालिग की शिकायत के आधार पर एक्टर के खिलाफ POCSO एक्ट के अलावा भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 और 115(2) भी लगाई गई थीं।
धारा 78 का संबंध पीछा करने यानी stalking से है, जबकि धारा 115(2) चोट पहुंचाने से संबंधित प्रावधानों में आती है।
पुलिस की कार्रवाई शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध प्रारंभिक सामग्री के आधार पर हुई। मामले में आरोपों की न्यायिक जांच आगे जारी रह सकती है।
पहले भी खारिज हो चुकी थी जमानत अर्जी
रोहित चंदेल के लिए जमानत की राह शुरुआत में आसान नहीं रही। उनकी दूसरी जमानत अर्जी 22 जुलाई को खारिज कर दी गई थी।
इसके बाद 16 साल की शिकायतकर्ता ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया।
अब बाद की न्यायिक प्रक्रिया में उन्हें जमानत मिलने की जानकारी सामने आई है।
चार्जशीट में एक्टर की जगह बिजनेसमैन लिखा गया
Rohit Chandel POCSO Case में दस्तावेजों से जुड़ी कुछ गड़बड़ियां भी चर्चा में आई थीं।
खबरों के मुताबिक केस के सरकारी कागजात में रोहित चंदेल के पेशे को ‘एक्टर’ के बजाय ‘बिजनेसमैन’ लिखा गया था।
यानी जिस व्यक्ति की पहचान टीवी अभिनेता के रूप में है, उसके पेशे की जानकारी कथित तौर पर चार्जशीट में गलत दर्ज हो गई थी।
एक्टर की ओर से इन दस्तावेजी गलतियों को लेकर आपत्ति जताई गई थी और उनके वकील ने तर्क दिया था कि सरकारी कागजात में हुई ऐसी गलतियों का मामले के मूल आरोपों पर असर नहीं पड़ना चाहिए।
धर्म और मेडिकल रिकॉर्ड में भी बताई गई गलती
मामले से जुड़े दस्तावेजों में केवल पेशे की जानकारी ही गलत होने की बात नहीं कही गई। रिपोर्टों के अनुसार चार्जशीट में रोहित चंदेल का धर्म भी गलत दर्ज किया गया था।
इसके अलावा उनके मेडिकल रिकॉर्ड में भी एक गलती सामने आने की बात कही गई। उसमें उनकी वैवाहिक स्थिति ‘मैरिड’ लिखी गई थी, जबकि रोहित चंदेल ने खुद को अविवाहित बताया है।
इन दस्तावेजी त्रुटियों को लेकर उनके पक्ष की ओर से सवाल उठाए गए थे।
हालांकि किसी दस्तावेज में पहचान संबंधी गलती होना और मामले में लगाए गए मूल आरोप अलग-अलग मुद्दे हैं। जमानत का निर्णय भी न्यायालय द्वारा मामले के रिकॉर्ड और कानूनी परिस्थितियों को देखकर किया जाता है।
को-स्टार किशोरी शहाणे ने गिरफ्तारी पर जताई हैरानी
रोहित चंदेल की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद उनकी को-स्टार किशोरी शहाणे ने भी प्रतिक्रिया दी थी।
टेलीचक्कर से बातचीत में उन्होंने बताया था कि जब उन्हें पहली बार रोहित की गिरफ्तारी की खबर मिली तो उन्हें लगा कि शायद यह शो के प्रमोशन का हिस्सा है।
इसकी वजह यह थी कि सीरियल की कहानी में भी कुछ ऐसा ही ट्रैक चल रहा था। बाद में उन्हें पता चला कि मामला वास्तव में पुलिस केस से जुड़ा हुआ है।
किशोरी शहाणे ने यह भी कहा था कि शो की शूटिंग सामान्य तरीके से चल रही है और उन्हें मामले के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
‘सैराब’ में रोहित चंदेल की मौजूदगी
रोहित चंदेल फिलहाल टीवी शो ‘सैराब’ से जुड़े हुए हैं। उनकी गिरफ्तारी की खबर ने शो के दर्शकों और टीवी इंडस्ट्री में भी ध्यान खींचा था।
किशोरी शहाणे की प्रतिक्रिया से यह भी सामने आया था कि शो की शूटिंग इस घटनाक्रम के बावजूद सामान्य तरीके से जारी थी।
अब जमानत मिलने के बाद उनके टीवी करियर और मौजूदा शो से जुड़े आगे के घटनाक्रम पर भी नजर रहेगी।
90 ऑडिशन के बाद मिला था पहला कमर्शियल एड
रोहित चंदेल का जन्म महाराष्ट्र के शहादा में हुआ था। अभिनय की दुनिया में आने के लिए उन्हें शुरुआत में काफी संघर्ष करना पड़ा।
बताया जाता है कि करीब 90 ऑडिशन में रिजेक्ट होने के बाद उन्हें अपना पहला कमर्शियल एड मिला।
इसके बाद धीरे-धीरे उन्होंने टीवी की दुनिया में जगह बनानी शुरू की और कई धारावाहिकों का हिस्सा बने।
2014 में ‘अकबर बीरबल’ से टीवी डेब्यू
रोहित चंदेल ने साल 2014 में ‘हर मुश्किल का हल अकबर बीरबल’ से टीवी डेब्यू किया था।
इसके बाद उन्होंने कई अलग-अलग टेलीविजन शोज में काम किया। इनमें ‘चंद्रगुप्त मौर्य’, ‘तमन्ना’ और ‘ये उन दिनों की बात है’ जैसे धारावाहिक शामिल हैं।
लगातार काम मिलने के साथ उनकी पहचान टीवी इंडस्ट्री में मजबूत होती गई।
‘पांड्या स्टोर’ से घर-घर में मिली पहचान
रोहित चंदेल के करियर में ‘पांड्या स्टोर’ एक महत्वपूर्ण शो रहा। इस धारावाहिक ने उन्हें टीवी दर्शकों के बीच ज्यादा लोकप्रिय बनाया।
इसके बाद ‘काशीबाई बाजीराव बल्लाल’ जैसे शो भी उनके करियर का हिस्सा रहे।
टीवी पर लगातार अलग-अलग भूमिकाएं निभाने के कारण रोहित चंदेल की पहचान एक जाने-पहचाने टेलीविजन अभिनेता के तौर पर बनी।
वेब सीरीज में भी किया काम
साल 2022 में रोहित चंदेल ने Disney+ Hotstar की वेब सीरीज ‘स्काइप लाइव’ में राजकुमार का किरदार निभाया था।
टीवी के अलावा ओटीटी पर भी काम करने की कोशिश उनके करियर के विस्तार का हिस्सा रही।
इसके बाद वह ‘पांड्या स्टोर’ और वर्तमान में ‘सैराब’ जैसे टीवी प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे।
अब आगे क्या होगा?
Rohit Chandel POCSO Case में जमानत मिलने के बाद कानूनी प्रक्रिया खत्म नहीं हुई है। जमानत का अर्थ यह नहीं होता कि अदालत ने आरोपी को दोषमुक्त घोषित कर दिया है। इसका मतलब यह है कि निर्धारित कानूनी शर्तों के तहत आरोपी को हिरासत से बाहर रहने की अनुमति मिली है।
मामले में आगे की सुनवाई, उपलब्ध साक्ष्य और दोनों पक्षों की दलीलें महत्वपूर्ण होंगी।
चूंकि शिकायतकर्ता नाबालिग है, इसलिए ऐसे मामलों में उसकी पहचान और निजी विवरण को सार्वजनिक करना उचित नहीं है। मामले से जुड़ी जानकारी भी आरोपों और न्यायिक रिकॉर्ड के संदर्भ में ही देखी जानी चाहिए।
टीवी करियर और कानूनी मामला आमने-सामने
एक तरफ रोहित चंदेल का टीवी करियर कई लोकप्रिय शोज से जुड़ा रहा है, वहीं दूसरी तरफ POCSO केस ने उनके पेशेवर जीवन के सामने एक गंभीर कानूनी चुनौती खड़ी कर दी है।
‘हर मुश्किल का हल अकबर बीरबल’ से शुरुआत करने के बाद ‘चंद्रगुप्त मौर्य’, ‘तमन्ना’, ‘ये उन दिनों की बात है’, ‘काशीबाई बाजीराव बल्लाल’ और ‘पांड्या स्टोर’ जैसे प्रोजेक्ट्स से होते हुए वह ‘सैराब’ तक पहुंचे।
करीब 90 ऑडिशन में असफलताओं के बाद मिली पहली सफलता से शुरू हुआ यह सफर अब एक ऐसे मामले के कारण चर्चा में है, जिसमें अदालत की आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
जमानत के बाद मामले पर बनी रहेगी नजर
रोहित चंदेल को POCSO केस में जमानत मिलने के बाद फिलहाल उनके खिलाफ दर्ज मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। 16 साल की शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए पीछा करने, बार-बार कॉल करने, परेशान करने और मारपीट के आरोप गंभीर प्रकृति के हैं।
वहीं उनके पक्ष की ओर से सरकारी दस्तावेजों में पेशे, धर्म और मेडिकल रिकॉर्ड से जुड़ी गलतियों पर सवाल उठाए गए थे। दूसरी जमानत अर्जी 22 जुलाई को खारिज होने के बाद अब उन्हें जमानत मिल चुकी है।
आगे अदालत में सामने आने वाले दस्तावेज, बयान और अन्य साक्ष्य ही मामले की दिशा तय करेंगे। तब तक आरोपों को आरोप के रूप में ही देखना और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना जरूरी है।
टीवी एक्टर रोहित चंदेल को POCSO केस में जमानत मिल गई है। ‘पांड्या स्टोर’ और ‘सैराब’ जैसे शोज से पहचान बनाने वाले रोहित पर 16 साल की नाबालिग ने पीछा करने, बार-बार फोन करने, परेशान करने और मारपीट करने के आरोप लगाए थे। जुलाई में गिरफ्तारी के बाद वह करीब दो महीने जेल में रहे। मामले में चार्जशीट और मेडिकल रिकॉर्ड से जुड़ी कथित गलतियां भी सामने आई थीं। हालांकि जमानत का मतलब आरोपों से दोषमुक्त होना नहीं है और मामले की अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।

