Allahabad High Court ने डॉक्टर राकेश सिंह के तबादले पर लगाई रोक, सीएचसी राल में अधीक्षक पद पर बहाली के आदेश
News-Desk
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Allahabad High Court, Allahabad High Court news, Allahabad High Court Order, Allahabad High Court Rakesh Singh Transfer, CHC Raal Medical Superintendent, District Magistrate Transfer Order, Rakesh Singh CHC Raal, Rakesh Singh Transfer Case, UP Health departmentAllahabad High Court ने सीएचसी राल के चिकित्सा अधीक्षक राकेश सिंह के तबादले के मामले में अहम अंतरिम आदेश जारी किया है। अदालत ने उनके तबादले पर रोक लगाते हुए उन्हें फिर से सीएचसी राल में चिकित्सा अधीक्षक के मूल पद पर बहाल करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही रुका हुआ वेतन भी जारी करने को कहा गया है।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस बात पर गंभीर सवाल उठाया कि क्या किसी जिलाधिकारी को किसी चिकित्सक के तबादले का निर्देश देने का कानूनी अधिकार प्राप्त है। अदालत ने इस मुद्दे पर जिलाधिकारी सीपी सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी राधा वल्लभ से जवाब मांगा है।
दोनों अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। अब अगली सुनवाई में अधिकारियों के जवाब के आधार पर मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
13 जुलाई के आदेश के बाद हुआ था तबादला
पूरा मामला 13 जुलाई को जारी किए गए एक आदेश से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, जिलाधिकारी के निर्देश के आधार पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने राकेश सिंह को सीएचसी राल के चिकित्सा अधीक्षक पद से हटाकर सीएचसी नौहझील में चिकित्सा अधिकारी के पद पर स्थानांतरित कर दिया था।
तबादले के बाद राकेश सिंह ने सीएचसी नौहझील में जाकर कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनका वेतन रोक दिया गया।
राकेश सिंह ने इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की। याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत के सामने तबादले की पूरी प्रक्रिया और उसमें जिलाधिकारी की भूमिका का सवाल आया।
हाईकोर्ट ने डीएम के अधिकार पर उठाया सवाल
सुनवाई के दौरान अदालत ने विशेष रूप से यह जानना चाहा कि जिलाधिकारी किस कानूनी प्रावधान के तहत किसी चिकित्सक के तबादले का निर्देश दे सकते हैं।
अदालत ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से भी सवाल किया कि उन्होंने जिलाधिकारी के निर्देश को किस कानूनी आधार पर लागू किया और उसी के अनुसार चिकित्सक का तबादला क्यों किया गया।
यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि राकेश सिंह के तबादले के पीछे जिलाधिकारी के निर्देश को आधार बताया गया था। हाईकोर्ट अब यह जानना चाहता है कि ऐसी स्थिति में प्रशासनिक स्तर पर जिलाधिकारी की भूमिका और अधिकार की वैधानिक स्थिति क्या है।
तीन सप्ताह में व्यक्तिगत हलफनामा मांगा
हाईकोर्ट ने मामले में जिलाधिकारी सीपी सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी राधा वल्लभ को व्यक्तिगत रूप से हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
दोनों अधिकारियों को तीन सप्ताह का समय दिया गया है। हलफनामे में उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि राकेश सिंह के तबादले की कार्रवाई किस आधार पर की गई और जिलाधिकारी के निर्देश को मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने किस वैधानिक प्रावधान के तहत लागू किया।
अगली सुनवाई में इन जवाबों के आधार पर अदालत मामले के आगे के पहलुओं पर विचार करेगी।
राकेश सिंह को फिर मिला अधीक्षक पद
हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद राकेश सिंह की सीएचसी राल में चिकित्सा अधीक्षक के पद पर बहाली हो गई है। अदालत ने उन्हें मूल पद पर वापस रखने के साथ वेतन भुगतान का भी निर्देश दिया है।
इस आदेश से फिलहाल राकेश सिंह को राहत मिली है। उनका तबादला प्रभावी नहीं रहेगा और वह सीएचसी राल में अधीक्षक के रूप में कार्य कर सकेंगे।
हालांकि, मामले का अंतिम फैसला अभी बाकी है। हाईकोर्ट ने फिलहाल अंतरिम राहत दी है और अधिकारियों से जवाब मांगा है। इसलिए अंतिम कानूनी स्थिति अगली सुनवाई और अदालत के आगे के आदेशों के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
वेतन रोकने की कार्रवाई भी बनी मामले का हिस्सा
तबादले के बाद नौहझील में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर राकेश सिंह का वेतन रोक दिया गया था। हाईकोर्ट के सामने यह कार्रवाई भी चुनौती का हिस्सा बनी।
अब अदालत के अंतरिम आदेश के बाद उन्हें मूल पद पर बहाल करने के साथ वेतन भुगतान का निर्देश दिया गया है। इससे तबादले के साथ-साथ वेतन रोकने की कार्रवाई पर भी फिलहाल राहत मिल गई है।
अब अधिकारियों के जवाब पर टिकी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद मामले का अगला महत्वपूर्ण चरण जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के व्यक्तिगत हलफनामे होंगे। अदालत ने दोनों से तीन सप्ताह के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।
विशेष रूप से यह देखा जाएगा कि चिकित्सक के तबादले में जिलाधिकारी के निर्देश का कानूनी आधार क्या था और मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने उस निर्देश को लागू करते समय किन नियमों और प्रावधानों को आधार बनाया।
फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश से राकेश सिंह की सीएचसी राल में चिकित्सा अधीक्षक पद पर वापसी हो गई है और वेतन भुगतान का भी रास्ता साफ हुआ है। मामले की आगे की तस्वीर अधिकारियों के जवाब और अदालत की अगली सुनवाई के बाद सामने आएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिलहाल राकेश सिंह के तबादले पर अंतरिम रोक लगाते हुए उन्हें सीएचसी राल में चिकित्सा अधीक्षक पद पर बहाल करने और वेतन भुगतान के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से तीन सप्ताह में व्यक्तिगत हलफनामा मांगा गया है। अब अगली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि चिकित्सक के तबादले में जिलाधिकारी के निर्देश का कानूनी आधार क्या था।

