Muzaffarnagar के मुबारिकपुर तिगांई में शिव महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
News-Desk
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Acharya Kuldeep Krishna Ji Maharaj, Kalash Yatra, Khatauli News, lord shiva, Mubarikpur Tingai, Muzaffarnagar News, religious event Muzaffarnagar, Shiv Mahapuran Katha, Shiva Kathaखतौली।Muzaffarnagar ग्राम मुबारिकपुर तिगांई में शुक्रवार को धार्मिक आस्था और भक्तिभाव का माहौल देखने को मिला। यहां श्री शिव महापुराण कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। कथा के पहले दिन सुबह शिव मंदिर तिगांई से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। भजन-कीर्तन और भगवान शिव के जयकारों के बीच गांव की गलियां भक्तिमय हो उठीं।
कलश यात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कथा स्थल पर पहुंची। यहां विधि-विधान, मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शिव महापुराण कथा का शुभारंभ किया गया। कथा व्यास आचार्य कुलदीप कृष्ण जी महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रथम दिवस भगवान शिव की महिमा और शिव भक्ति के महत्व का भावपूर्ण वर्णन सुनाया।
कलश यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का उत्साह
शिव महापुराण कथा के शुभारंभ से पहले निकाली गई कलश यात्रा आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। सुबह शिव मंदिर तिगांई से श्रद्धालुओं ने कलश लेकर यात्रा प्रारंभ की। यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन चलता रहा और श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।
गांव के अलग-अलग मार्गों से होकर जब कलश यात्रा कथा स्थल पर पहुंची तो वहां भी धार्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बाद कथा का शुभारंभ कराया गया।
आचार्य कुलदीप कृष्ण जी महाराज ने सुनाई शिव महिमा
कथा के प्रथम दिवस कथा व्यास आचार्य कुलदीप कृष्ण जी महाराज ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए शिव भक्ति के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव करुणा, दया, त्याग और तपस्या के प्रतीक माने जाते हैं। श्रद्धा और सच्चे मन से भगवान शिव का स्मरण करने से व्यक्ति को मानसिक शांति प्राप्त होती है और उसे सद्मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
महाराज ने शिव महापुराण के आध्यात्मिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने श्रद्धालुओं को बताया कि शिव महापुराण को केवल कथा या धार्मिक प्रसंग के रूप में देखने के बजाय इसके माध्यम से जीवन में सत्य, धर्म, संस्कार, सेवा और सदाचार जैसे मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा लेनी चाहिए।
कथा के दौरान उन्होंने भगवान शिव से जुड़े विभिन्न आध्यात्मिक प्रसंगों और शिव भक्ति की महत्ता का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनने पहुंचे श्रद्धालु पूरे मनोयोग से धार्मिक प्रसंगों का श्रवण करते नजर आए।
शिव महापुराण जीवन मूल्यों की भी प्रेरणा देता है
कथा व्यास आचार्य कुलदीप कृष्ण जी महाराज ने कहा कि शिव महापुराण मानव जीवन को सही दिशा देने वाले संस्कारों और मूल्यों की प्रेरणा देता है। इसके श्रवण से व्यक्ति के भीतर सकारात्मक विचारों का संचार होता है और जीवन में शांति तथा सदाचार को स्थान देने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान शिव के प्रति आस्था के साथ-साथ उनके बताए आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संदेश दिया। कथा के दौरान सत्य, धर्म, सेवा और सदाचार जैसे विषयों पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।
मुख्य अतिथि अमित उपाध्याय ने की भगवान शिव की पूजा
शिव महापुराण कथा के प्रथम दिवस भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अमित उपाध्याय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और कथा का श्रवण किया।
मुख्य अतिथि ने धार्मिक आयोजन में पहुंचकर श्रद्धालुओं के साथ कथा सुनी। इस दौरान आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों ने भी धार्मिक कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
‘हर हर महादेव’ के जयघोष से गूंजा कथा स्थल
कथा के दौरान भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया गया। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ी, वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक भाव से भरता गया। कथा स्थल पर ‘हर हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष गूंजते रहे।
भक्ति गीतों और धार्मिक जयकारों के बीच श्रद्धालु भगवान शिव की कथा सुनते रहे। कई श्रद्धालु कथा के दौरान भक्ति भाव में डूबे दिखाई दिए। पूरे आयोजन स्थल पर श्रद्धा और आस्था का वातावरण बना रहा।
मातृशक्ति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल
मुबारिकपुर तिगांई में आयोजित शिव महापुराण कथा में गांव और आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी रही। आयोजन में उमेश पाल, जगबीर सिंह, राजपाल सिंह, कुलदीप कुमार, संजय कुमार बिट्टू, विजयपाल, डॉ. शिव कुमार, विपिन कुमार, नरेश पवार, अंकुर पवार, रोहतास सिंह, ललित कुमार, यश राजपूत, ऋषिपाल सिंह, किरतपाल सिंह और राजेंद्र सिंह सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
इनके अलावा मातृशक्ति और बड़ी संख्या में भक्तजन कथा में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ कथा का श्रवण किया और भगवान शिव की आराधना की।
आरती के साथ पहले दिन की कथा का समापन
कथा के प्रथम दिवस के समापन पर भगवान भोलेनाथ की विधिवत आरती की गई। श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उपस्थित भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
आरती और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का पहला दिन संपन्न हुआ। हालांकि कथा समाप्त होने के बाद भी कथा स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं में आयोजन को लेकर उत्साह दिखाई दिया।
मुजफ्फरनगर में धार्मिक आयोजनों से बन रहा भक्तिमय माहौल
Muzaffarnagar News के तहत सामने आए इस धार्मिक आयोजन में ग्रामीण क्षेत्र की सामूहिक आस्था और धार्मिक सहभागिता की तस्वीर दिखाई दी। मुबारिकपुर तिगांई में शिव महापुराण कथा के शुभारंभ के मौके पर कलश यात्रा से लेकर कथा श्रवण और आरती तक श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी रही।
शिव महापुराण कथा के माध्यम से जहां भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया गया, वहीं कथा व्यास ने सत्य, धर्म, संस्कार, सेवा और सदाचार जैसे जीवन मूल्यों को अपनाने का संदेश भी दिया। कलश यात्रा और कथा के दौरान भजन-कीर्तन तथा भगवान शिव के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

