कुंजापुरी मेले में Daler Mehndi पर भड़के मंत्री सुबोध उनियाल, मंच पर पहुंचे और बोले- शराब पीकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हो!
टिहरी/नरेंद्र नगर। उत्तराखंड के टिहरी जिले में आयोजित कुंजापुरी मेले में पंजाबी गायक Daler Mehndi का लाइव शो उस समय विवादों में आ गया, जब कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल कार्यक्रम के दौरान मंच पर पहुंच गए। गायक की प्रस्तुति को लेकर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने उनसे सवाल किए और आरोप लगाया कि इतने पैसे देकर बुलाने के बावजूद दर्शकों को अपेक्षित मनोरंजन नहीं मिल रहा है। मंच पर हुई इस नोकझोंक के दौरान दर्शकों की हूटिंग भी सुनाई दी।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री और गायक के बीच हुई बातचीत ने मेले के सांस्कृतिक आयोजन को अचानक चर्चा का विषय बना दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, मंत्री ने दलेर मेहंदी की प्रस्तुति और उनके व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बड़े नाम वाले कलाकार को मंच और दर्शकों का सम्मान करना चाहिए। दूसरी ओर, दलेर मेहंदी मंत्री को समझाने की कोशिश करते दिखाई दिए। विवाद के बाद गायक ने दोबारा गाना जारी रखने की घोषणा की।
लाइव शो के बीच दर्शकों के सामने शुरू हुई नोकझोंक
कुंजापुरी मेले में बीती रात दलेर मेहंदी अपनी टीम के साथ लाइव प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान सामने की पंक्ति में मौजूद मुख्य अतिथि और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल कथित तौर पर कार्यक्रम की प्रस्तुति से नाराज हो गए। वह उठकर मंच के पास पहुंचे और गायक से सीधे सवाल करने लगे।
मीडिया रिपोर्टों और कार्यक्रम से जुड़े लोगों के दावों के अनुसार, गायक गाने की शुरुआती पंक्तियां गाकर बीच-बीच में रुक रहे थे और उनकी टीम प्रस्तुति में सहयोग कर रही थी। इसी बात को लेकर मंत्री ने आपत्ति जताई। हालांकि, दलेर मेहंदी के नशे में होने संबंधी दावे भी सामने आए हैं, लेकिन उपलब्ध विवरण के आधार पर इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती।
मंत्री की नाराजगी के दौरान कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कुछ दर्शकों ने हूटिंग की। मंच पर मौजूद गायक और उनकी टीम के लिए यह स्थिति असहज दिखाई दी। दलेर मेहंदी मंत्री को समझाने का प्रयास करते रहे, जबकि सुबोध उनियाल लगातार प्रस्तुति को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते रहे।
मंत्री बोले- हमने दलेर मेहंदी को बुलाया है, उनकी टीम को नहीं
मीडिया रिपोर्टों में मंत्री सुबोध उनियाल के हवाले से बताया गया कि उन्होंने गायक से कहा कि आयोजकों ने दलेर मेहंदी को उनकी प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया है और दर्शक उनसे गाना सुनने आए हैं। मंत्री ने आरोप लगाया कि गायक ठीक से प्रस्तुति नहीं दे रहे थे और एक-दो पंक्तियां गाकर बैठ जा रहे थे।
रिपोर्टों में मंत्री के हवाले से यह भी कहा गया कि कार्यक्रम से पहले कलाकार की ओर से कई तरह की मांगें रखी गई थीं, लेकिन मंच पर वैसी प्रस्तुति नहीं मिल रही थी जिसकी अपेक्षा की गई थी। उन्होंने इस स्थिति को दर्शकों के साथ अनुचित बताते हुए गायक से अपनी जिम्मेदारी समझने की बात कही।
इस दौरान मंत्री ने पहले किसी अन्य कलाकार के साथ हुई कथित घटना का भी उल्लेख किया। उनके बयान में एक गायक के यहां से पिटकर जाने की बात कही गई। यह टिप्पणी भी कार्यक्रम के विवादित क्षणों में शामिल रही। इस कथित पुरानी घटना के बारे में उपलब्ध जानकारी से स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।
दलेर मेहंदी के नशे में होने के दावे पर उठा विवाद
कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों के हवाले से रिपोर्टों में दावा किया गया कि दलेर मेहंदी गाने की शुरुआती पंक्तियां गाने के बाद रुक जा रहे थे और उनकी टीम को प्रस्तुति में मदद करनी पड़ रही थी। कुछ लोगों ने उनके हावभाव के आधार पर भी शराब पीने की आशंका जताई। मंत्री सुबोध उनियाल ने भी मंच पर उनसे नशे में होने की बात कहते हुए नाराजगी जताई।
हालांकि, किसी व्यक्ति के नशे में होने के दावे को केवल हावभाव या मंच पर दिखाई दिए व्यवहार के आधार पर पुष्ट तथ्य नहीं माना जा सकता। इस घटनाक्रम में दलेर मेहंदी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस मामले में मंत्री के आरोपों, दर्शकों के दावों और स्वतंत्र रूप से पुष्ट तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।
नाराजगी के बाद दलेर मेहंदी ने फिर शुरू किया गाना
मंत्री की आपत्ति और मंच पर हुई नोकझोंक के बाद दलेर मेहंदी ने दोबारा प्रस्तुति शुरू करने का ऐलान किया। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने ‘राम राम’ गाना गाया। इस दौरान उनकी टीम भी साथ देती रही। इसके बाद उन्होंने कुछ अन्य गाने प्रस्तुत किए और कार्यक्रम आगे बढ़ा।
विवाद के बावजूद प्रस्तुति जारी रखने के फैसले से कार्यक्रम पूरी तरह बीच में नहीं रुका। हालांकि, मंच पर हुई बहस और दर्शकों की हूटिंग के कारण यह लाइव शो अपनी संगीत प्रस्तुति से अधिक विवाद को लेकर चर्चा में आ गया।
कार्यक्रम के अंत में फिर मंच पर पहुंचे सुबोध उनियाल
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रस्तुति के अंतिम हिस्से में दलेर मेहंदी ने मंत्री सुबोध उनियाल को मंच पर बुलाया। मंत्री मंच पर पहुंचे, लेकिन वहां भी उन्होंने गायक के प्रदर्शन पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कलाकार को इसलिए आमंत्रित किया गया था क्योंकि उनका बड़ा नाम है और उनसे दर्शकों का मनोरंजन करने की उम्मीद थी।
मंत्री ने प्रस्तुति के दौरान मिक्सर के इस्तेमाल और आवाज को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कलाकार को मंच का सम्मान करना चाहिए और दर्शकों को अपेक्षित प्रस्तुति देनी चाहिए। दलेर मेहंदी इस दौरान उन्हें समझाने की कोशिश करते दिखाई दिए।
मंत्री की टिप्पणी और गायक के जवाब के बीच हुई बातचीत ने कार्यक्रम के समापन को भी विवादपूर्ण बना दिया। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम पर दलेर मेहंदी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कलाकारों की जिम्मेदारी और आयोजकों की अपेक्षाओं पर चर्चा
कुंजापुरी मेले में हुई इस घटना ने सार्वजनिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों की जिम्मेदारी, आयोजकों की अपेक्षाओं और दर्शकों के प्रति जवाबदेही को लेकर चर्चा छेड़ दी है। जब किसी बड़े कलाकार को आमंत्रित किया जाता है, तो दर्शक उसकी प्रस्तुति देखने और सुनने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में कार्यक्रम की गुणवत्ता और कलाकार का मंच पर व्यवहार आयोजन की छवि को प्रभावित कर सकता है।
दूसरी ओर, किसी विवाद की स्थिति में सभी पक्षों का पक्ष सामने आना भी जरूरी है। मंच पर हुई बातचीत के आधार पर किसी आरोप को अंतिम निष्कर्ष मान लेना उचित नहीं होगा। इस मामले में मंत्री की नाराजगी और कार्यक्रम में मौजूद लोगों के दावों की चर्चा जरूर है, लेकिन गायक का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर घटनाक्रम की पूरी तस्वीर बेहतर ढंग से समझी जा सकेगी।
टिहरी के नरेंद्र नगर में कुंजापुरी मेले का दलेर मेहंदी लाइव शो मंच पर हुई नोकझोंक के कारण चर्चा में आ गया। मंत्री सुबोध उनियाल ने गायक की प्रस्तुति पर नाराजगी जताई और दर्शकों के प्रति जिम्मेदारी निभाने की बात कही। विवाद के बाद दलेर मेहंदी ने गाना जारी रखा। नशे से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है और गायक की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है।

