Muzaffarnagar मोरना चीनी मिल पर किसानों का ऐलान- 25 अक्टूबर को गन्ना लेकर पहुंचेंगे, पेराई शुरू करने की मांग तेज
Muzaffarnagar। मोरना स्थित दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल में पेराई सत्र जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने नारेबाजी करते हुए मिल प्रशासन से 25 अक्टूबर से पेराई शुरू कराने की मांग उठाई। धरने के दौरान भाकियू ने स्पष्ट ऐलान किया कि यदि तब तक पेराई शुरू करने की व्यवस्था नहीं हुई, तो किसान 25 अक्टूबर को अपना गन्ना लेकर मिल पहुंचेंगे। संगठन ने मिल प्रशासन से निर्धारित तारीख तक तैयारियां पूरी रखने को कहा।
25 अक्टूबर से पेराई शुरू कराने पर किसानों का जोर
भाकियू कार्यकर्ताओं का कहना है कि गन्ना पेराई में देरी से किसानों के सामने कई तरह की समस्याएं खड़ी हो रही हैं। संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष अनुज राठी ने धरने को संबोधित करते हुए बताया कि मिल समिति की वार्षिक निकाय की बैठक में किसानों ने एडीएम प्रशासन की मौजूदगी में 25 अक्टूबर से पेराई सत्र शुरू कराने की मांग रखी थी। इसके बावजूद पेराई शुरू होने की तारीख तय कराने के लिए किसानों को लगातार मांग उठानी पड़ रही है।
अनुज राठी ने कहा कि किसानों के सामने पशुओं के चारे की समस्या भी बनी हुई है। इसके साथ ही खेतों में बरसीम की बुवाई का समय भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में गन्ने की पेराई समय पर शुरू होना जरूरी है, ताकि किसान अपनी कृषि संबंधी गतिविधियों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ा सकें।
किसानों का कहना है कि पेराई सत्र शुरू होने में देरी का असर खेती की आगे की योजना पर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए भाकियू ने मिल प्रशासन से जल्द निर्णय लेने और 25 अक्टूबर तक व्यवस्था तैयार रखने की मांग की है।
भाकियू ने मिल प्रशासन को दी गन्ना लेकर पहुंचने की चेतावनी
धरने के दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने कहा कि 25 अक्टूबर को किसान अपना गन्ना लेकर चीनी मिल पहुंचेंगे। संगठन ने मिल प्रशासन से कहा कि वह इस तारीख को ध्यान में रखते हुए जरूरी तैयारियां पूरी कर ले। किसानों ने साफ किया कि पेराई सत्र शुरू कराने की मांग को लेकर उनका रुख कायम है।
यह ऐलान मिल प्रशासन पर जल्द निर्णय लेने का दबाव बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, पेराई सत्र शुरू होने की अंतिम तारीख अभी जिलाधिकारी स्तर पर निर्धारित कराए जाने के प्रयास से जुड़ी है। मिल प्रशासन की ओर से किसानों को आश्वासन दिया गया है कि इस संबंध में जिलाधिकारी से बातचीत की जाएगी।
गन्ना मूल्य पर ब्याज और सब्सिडी का हिसाब भी मांगा
धरने में किसानों ने पेराई सत्र की तारीख के अलावा गन्ना मूल्य पर मिलने वाले ब्याज और कृषि सामग्री पर दी जा रही सब्सिडी का मुद्दा भी उठाया। भाकियू के जिला उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र प्रधान ने कहा कि न्यायालय के आदेश के अनुसार किसानों को गन्ना मूल्य पर देय ब्याज मिलना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में किसानों को उनका अधिकार दिए जाने की मांग की।
पुष्पेंद्र प्रधान ने चीनी मिल की ओर से किसानों को कीटनाशक और यूरिया पर दी जा रही सब्सिडी का पूरा विवरण स्पष्ट करने की भी मांग की। उनका कहना था कि किसानों को यह जानकारी होनी चाहिए कि किस मद में कितनी सब्सिडी दी जा रही है और इसका लाभ किस प्रकार मिल रहा है।
किसानों के अनुसार, गन्ना मूल्य, ब्याज और कृषि सामग्री पर मिलने वाली सहायता से संबंधित जानकारी पारदर्शी होनी चाहिए। इससे किसान अपने भुगतान और मिलने वाली सुविधाओं का हिसाब समझ सकेंगे।
प्रधान प्रबंधक ने जिलाधिकारी से बात करने का दिया आश्वासन
धरने के दौरान चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक वीपी पांडेय भी किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने किसानों की मांगें सुनीं और आश्वासन दिया कि वह जिलाधिकारी से मिलकर पेराई सत्र शुरू करने की तारीख निर्धारित कराने का प्रयास करेंगे।
प्रधान प्रबंधक के आश्वासन के बाद भी भाकियू ने 25 अक्टूबर को गन्ना लेकर मिल पहुंचने के अपने फैसले को दोहराया। संगठन ने कहा कि किसानों की मांग को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और मिल प्रशासन को समय रहते तैयारियां पूरी करनी चाहिए। अब पेराई सत्र की तारीख को लेकर जिलाधिकारी और मिल प्रशासन के स्तर पर होने वाली बातचीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रकाश राठी की अध्यक्षता में हुआ धरना
मोरना चीनी मिल परिसर में आयोजित धरने की अध्यक्षता प्रकाश राठी ने की, जबकि संचालन युवा प्रकोष्ठ के ब्लॉक अध्यक्ष राजा देशवाल ने किया। धरने में भाकियू के भोकरहेड़ी नगर अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, मोंटी राठी, भूरा चौधरी, श्यामवीर सिंह, अनिल, राहुल त्यागी, शिव कुमार और देवीलाल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धरने में शामिल किसानों ने पेराई सत्र जल्द शुरू कराने, गन्ना मूल्य पर देय ब्याज दिलाने और यूरिया व कीटनाशक पर सब्सिडी का विवरण स्पष्ट करने की मांग उठाई। संगठन ने संकेत दिया कि मांगों पर निर्णय और मिल की तैयारियों को लेकर आगे की स्थिति पर नजर रखी जाएगी।
किसानों की निगाहें अब पेराई सत्र की तारीख पर
मोरना चीनी मिल में पेराई सत्र शुरू कराने की मांग अब किसानों के लिए प्रमुख मुद्दा बन गई है। एक ओर पशुओं के चारे और बरसीम की बुवाई को लेकर किसानों की जरूरतें हैं, वहीं दूसरी ओर गन्ना मूल्य पर ब्याज और सब्सिडी की पारदर्शिता जैसे सवाल भी उठ रहे हैं। भाकियू टिकैत के 25 अक्टूबर को गन्ना लेकर मिल पहुंचने के ऐलान के बाद अब मिल प्रशासन की तैयारियों और पेराई शुरू करने की तारीख पर सभी की नजर रहेगी।
मोरना चीनी मिल में पेराई सत्र जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर भाकियू टिकैत ने धरना देकर 25 अक्टूबर को गन्ना लेकर मिल पहुंचने का ऐलान किया है। किसानों ने पशुओं के चारे, बरसीम की बुवाई, गन्ना मूल्य पर ब्याज और यूरिया-कीटनाशक सब्सिडी का मुद्दा उठाया। मिल के प्रधान प्रबंधक ने जिलाधिकारी से बातचीत कर पेराई की तारीख तय कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया है।

