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समाचार (Muzaffarnagar News)

11 सूत्रीय मांग-पत्र को लेकर दिया धरना
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)।ठेकेदारों की लंबित समस्याओं, रुके हुए भुगतान और विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार को लेकर एक 11 सूत्रीय मांग-पत्र प्रस्तुत किया गया है। मांग-पत्र के माध्यम से संबंधित अधिकारियों से 24 घंटे के भीतर आवश्यक कार्रवाई शुरू करने और नियमानुसार पारदर्शी निर्णय लेने की मांग की गई है। सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लंबित भुगतानों के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान ए.आर. एवं एस.आर. मद के अंतर्गत हुए कार्यों तथा जून-जुलाई माह में कराए गए नाला सफाई व निर्माण कार्यों के बकाया देयकों का तत्काल निस्तारण करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। इसके अतिरिक्त बिना अनुबंध गठित हुए पूर्ण कराए गए कार्यों की अनुबंधीय प्रक्रिया पूरी कर भुगतान सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर देते हुए मांग-पत्र में सहायक अभियंता स्तर पर आयोजित निविदाओं के संपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराने, तकनीकी बिड खोलते समय सभी ठेकेदारों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा बजट आवंटन से अधिक राशि के अनुबंध न गठित करने की मांग की गई है। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि निर्धारित अनुभव और तकनीकी पात्रता पूरी न करने वाले निविदादाताओं को तकनीकी बिड में पात्र घोषित किए जाने के मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों या कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही कैशियर के पद पर अनुभवी कर्मचारी की नियुक्ति करने और स्थानांतरित हो चुके कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर उनकी नवीन तैनाती पर भेजने की भी मांग की गई है। मांग-पत्र के अंत में विशेष अनुरोध करते हुए  सभी 11 सूत्रीय मांगों पर ध्यान देने की मांग की। इस दौरान ठेकेदार संघ से जितेन्द्र कुमार, रजनीश मलिक, कुलदीप चैधरी, अभिषेक बंसल, प्रवीन त्यागी, कुंज बिहारी लाल, आदेश कुमार, नवीन कुमार, सत्तार आदि मौजूद रहे।

 

महर्षि वाल्मीकि सामाजिक समरसता के प्रतीक रू डॉ. वीरपाल निर्वाल
भोपा में धूमधाम से मनाई गई महर्षि वाल्मीकि जयंती, शोभायात्रा में उमड़े श्रद्धालुMuzaffarnagar News
भोपा। भोपा गांव में आदि कवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि धर्मशाला में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिला पंचायत प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल ने मुख्य अतिथि के रूप में फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और महर्षि वाल्मीकि को नमन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि आदि कवि के रूप में विख्यात हैं। उनका जीवन सामाजिक समरसता, समानता और मानवता का संदेश देता है। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण भारतीय संस्कृति और आदर्श जीवन मूल्यों का महत्वपूर्ण ग्रंथ है। समाज के सभी वर्गों के लोग रामायण का अध्ययन करते हैं और उससे प्रेरणा प्राप्त करते हैं। उनके विचार आज भी समाज को एकता, सद्भाव और आपसी भाईचारे का संदेश देते हैं।
जयंती के अवसर पर शोभायात्रा का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के आयोजक कुंदन कुमार एवं डालेंदर कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया
कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय कोरी, नीरज कुमार, मंडल उपाध्यक्ष डॉ. रूपेश कुमार, तरुण प्रधान, समाजसेवी अरविंद वालिया, सिद्धार्थ राठी, अर्जुन कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में सभी का विशेष सहयोग रहा।

 

भारत विकास परिषद (विकास रत्न) प्रांत की दिव्य शाखा मुजफ्फरनगर द्वारा आयोजित श्भारत को जानोश् प्रतियोगिता आयोजित
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)। भारत विकास परिषद हस्तिनापुर (विकास रत्न) प्रांत  दिव्य शाखा मुजफ्फरनगर द्वारा अखिल भारतीय भारत को जानो लिखित प्रतियोगिता के द्वितीय चरण प्रश्न मंच  का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, केशव पुरी, मुजफ्फरनगर में आयोजित किया गया।  जिसमें जूनियर और सीनियर दोनों टीमों ने प्रतिभाग किया।  कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रजवलन एवं वंदेमातरम गीत से की गई। संपूर्ण परीक्षा प्रांतीय पर्यवेक्षक अकुल अग्रवाल (जिला सह समन्वयक) के सानिध्य में संपन्न हुई। प्रतियोगिता का प्रथम चरण कनिष्ठ वर्ग का रहा जिसमें 9 स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का द्वितीय चरण वरिष्ठ वर्ग का रहा जिसमें 6 स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया।  कनिष्ठ वर्ग में विजेता टीमों के परिणाम इस प्रकार रहे। प्रथम स्थान एलएस पब्लिक स्कूल, कमेडा, मुजफ्फरनगर द्वितीय स्थान सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज केशव पुरी मुजफ्फरनगर तृतीय स्थान राखी पब्लिक स्कूल, ग्राम पुरबालियान, मुजफ्फरनगर
 वरिष्ठ वर्ग में विजेता टीमों के परिणाम इस प्रकार रहे। प्रथम स्थान दि. एच.डी. पब्लिक स्कूल, जानसठ रोड, मुजफ्फरनगर  द्वितीय स्थानघ्घ् राखी पब्लिक स्कूल, ग्राम पुरबालियान, मुजफ्फरनगर तृतीय स्थान सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, केशव पुरी, मुजफ्फरनगर  आज हुए प्रश्न मंच में विजेता टीमों को ट्रॉफी, सर्टिफिकेट और उपहार देकर तथा शेष बच्चों को सर्टिफिकेट और उपहार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। बच्चों के साथ आए हुए अभिभावक और अध्यापक गणों को अंगवस्त्र पहना कर उनका सम्मान किया गया। शाखा की ओर से प्रांतीय पर्यवेक्षक श्री अकुल अग्रवाल जी (जिला सह समन्वयक)को अंगवस्त्र  पहना कर और उपहार देकर सम्मानित किया गया। आज के प्रश्न मंच कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अध्यापक गण और कर्मचारियों का हमें पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ जिसके लिए हम उनके हृदय से आभारी हैं। कार्यक्रम के समापन पर अध्यक्ष जी के द्वारा सभी का आभार धन्यवाद व्यक्त किया गया और राष्ट्रीयगान के पश्चात सभी ने स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया।

 

170 विद्यार्थियों की लेखनी ने मोहा दर्शकों का मन
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)।श्री गिरधारी लाल जैन मेमोरियल पब्लिक स्कूल में आयोजित सुंदर लेखन प्रदर्शनी ने विद्यालय परिसर को प्रतिभा, संस्कार और रचनात्मकता के अद्भुत संगम में बदल दिया। प्रदर्शनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में माता-पिता, दादा-दादी, परिवारजन एवं विद्यार्थी पहुँचे। लगभग पाँच घंटे तक प्रदर्शनी में दर्शकों की निरंतर भीड़ बनी रही। बच्चों की लेखनी को देखने के लिए आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के चेहरे पर उत्सुकता, आश्चर्य और गर्व स्पष्ट दिखाई दे रहा था। प्री-नर्सरी से कक्षा आठ तक के 160 विद्यार्थियों ने अपनी लेखन प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि किसी भी कक्षा के विद्यार्थी की लेखनी देखी जाए, हर बच्चे की लिखावट सुंदर, सुघड़, स्पष्ट और आकर्षक दिखाई दी। नन्हे बच्चों की कोमल लिखावट से लेकर वरिष्ठ विद्यार्थियों की परिपक्व लेखन शैली तक, प्रत्येक पृष्ठ उनकी मेहनत, निरंतर अभ्यास और लगन की कहानी कह रहा था।तख्ती  लेखन प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। लुप्त होती जा रही तख्ती लेखन का बच्चों ने बखूबी प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शनी को विशेष बनाने वाली बात केवल बच्चों की सुंदर लिखावट नहीं थी। बच्चों द्वारा लिखे गए लेख, विचार और रचनाएँ अत्यंत शिक्षाप्रद एवं प्रेरणादायक थीं। इनमें सदाचार, अनुशासन, माता-पिता का सम्मान, प्रकृति संरक्षण, देशप्रेम, मानवीय संवेदनाएँ, अच्छे संस्कार और जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों से जुड़े संदेशों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। पूरी प्रदर्शनी सुंदर अक्षरों के साथ संस्कारों और ज्ञान का खजाना प्रतीत हो रही थी।
प्रदर्शनी का एक विशेष आकर्षण महात्मा गांधी की वेशभूषा में बच्चों द्वारा चरखे पर सूत कातने की प्रस्तुति रही। बच्चों का यह जीवंत रूप दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना और भारतीय संस्कृति, स्वदेशी तथा आत्मनिर्भरता की भावना का सुंदर संदेश देता रहा।
इस भव्य प्रदर्शनी को सफल बनाने में विद्यालय की शिक्षिकाओं का विशेष योगदान रहा। श्रीमती नीतू सिंगल, श्रीमती सोनिका गोयल, श्रीमती रीता जयरथ, श्रीमती मेघा भटनागर एवं श्रीमती शिखा कालरा ने प्रदर्शनी की तैयारियों, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन, प्रस्तुतियों को व्यवस्थित करने तथा पूरे आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके समर्पित प्रयासों से यह प्रदर्शनी सुंदर एवं सुव्यवस्थित रूप में प्रस्तुत हो सकी।
इस प्रदर्शनी में अपनी लेखन प्रतिभा का विशेष प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में अभय प्रताप राणा (यूकेजी-द), काव्या (कक्षा 5-स), ओम देशवाल (कक्षा 8-अ), परी (कक्षा 6-अ), शुभि (कक्षा 8-स), परी मलिक (कक्षा 8-स), वेदांश कौशिक (कक्षा 7-स) एवं सार्थक गोयल (कक्षा 7-ब) शामिल रहे।
कार्यक्रम में समाजसेवी विभोर सिंघल द्वारा सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किए गए। इस अवसर पर श्री भूपेंद्र शर्मा, , श्री मोहित मलिक, श्री प्रभात  मलिक एवं श्री प्रशांत बालियान सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने बच्चों की प्रतिभा तथा विद्यालय द्वारा किए गए इस अनूठे और रचनात्मक प्रयास की सराहना की।
विद्यालय की डायरेक्टर श्रीमती अलका जैन ने कहा कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल कुछ चुनिंदा बच्चों की सुंदर लेखनी को प्रदर्शित करना नहीं था, बल्कि प्रत्येक बच्चे को यह विश्वास और प्रेरणा देना था कि निरंतर अभ्यास से वह भी अपनी लेखनी को बेहतर बना सकता है।
यह प्रदर्शनी श्री गिरधारी लाल जैन मेमोरियल पब्लिक स्कूल की उस शैक्षिक सोच की झलक प्रस्तुत करती है, जिसमें पढ़ाई के साथ प्रतिभा, प्रतिभा के साथ संस्कार और संस्कारों के साथ रचनात्मकता को समान महत्व दिया जाता है।
यहाँ अक्षर केवल लिखे नहीं जाते,
वे संस्कारों को स्वर देते हैं,
विचारों को दिशा देते हैं और बच्चों की प्रतिभा को पहचान देते हैं।

 

करवा चैथ पर निःशुल्क मेहंदी शिविर का शुभारंभ
मुजफ्फरनगर। करवा चैथ पर्व के उपलक्ष्य में राष्ट्र सेविका समिति एवं संयुक्त हिंदू मोर्चा द्वारा नगर क्षेत्र में 14 विभिन्न स्थानों पर मेहंदी शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में मंगलवार को गोल मार्केट शिव चैक पर मुख्य मेहंदी शिविर का औपचारिक शुभारंभ किया गया। शिविर का उद्घाटन पंजाबी सभा के अध्यक्ष अंकुर दुआ एवं जैन सभा के श्रीपाल जैन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। उद्घाटन के अवसर पर पंजाबी समाज के अध्यक्ष अंकुर दुआ ने कहा कि पिछले 5 वर्षों से सामाजिक संगठन इस प्रकार के मेहंदी शिविरों का आयोजन कर रहे हैं, जिससे करवा चैथ जैसे पारंपरिक पर्व का उत्साह और गरिमा बढ़ी है। संयुक्त हिंदू मोर्चा के अध्यक्ष मनोज सैनी ने बताया कि त्योहारों पर हमारी सांस्कृतिक परंपराएं सुरक्षित रहें और मातृशक्ति को एक सुलभ व सम्मानजनक माहौल मिले, इसी उद्देश्य से इन शिविरों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि बाजारों में व्यवस्था और सौहार्द बनाए रखने के लिए कार्यकर्ताओं द्वारा सहयोग दिया जाएगा। शिव चैक पर आयोजित इस कार्यक्रम में नगर के विभिन्न सामाजिक और व्यापारिक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से ललित माहेश्वरी (पूर्व अध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद), कृष्ण गोपाल मित्तल (अध्यक्ष, संयुक्त वैश्य सभा), डॉ. योगेंद्र शर्मा (पूर्व प्रदेश महासचिव, शिवसेना), अखिलेश जाटव (अध्यक्ष, हिंदू महासंघ), मीनाक्षी चैधरी (पूर्व अध्यक्ष, भाजपा), वीरेंद्र त्यागी (प्रदेश महासचिव, संयुक्त हिंदू महासंघ), पूनम गर्ग, गीता गुर्जर (जिला अध्यक्ष, शिवसेना महिला मोर्चा), नेहा गोयल (उपाध्यक्ष, शिवसेना), शालिनी शर्मा, कल्पना (नगर अध्यक्ष), शलभ गुप्ता (अध्यक्ष, व्यापार मंडल), एडवोकेट नवनीत पाल, विकास कश्यप, अजय चंदेल, बसंत कश्यप (मीडिया प्रभारी, संयुक्त हिंदू मोर्चा) तथा मनोहर चैधरी शामिल रहे। यह शिविर करवा चैथ तक नगर के सभी 14 निर्धारित केंद्रों पर निरंतर जारी रहेगा।

 

जागरूकता गतिविधि का आयोजनMuzaffarnagar News
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)। एस.डी. कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, मुजफ्फरनगर में आज आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के अंतर्गत इन्फोटेनमेंट क्लब द्वारा ‘विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियाँ’ विषय पर एक ज्ञानवर्धक एवं जागरूकता-आधारित गतिविधि का आयोजन किया गया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, शैक्षणिक दबाव, तनाव, चिंता, भावनात्मक संतुलन तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संदीप मित्तल एवं बीबीए विभागाध्यक्ष श्री राजीव पाल सिंह द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. संदीप मित्तल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य भी अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में विद्यार्थियों को पढ़ाई, परीक्षा, करियर निर्माण, पारिवारिक अपेक्षाओं तथा सामाजिक दबाव जैसी अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में मानसिक रूप से स्वस्थ रहना, अपनी भावनाओं को समझना तथा कठिन परिस्थितियों का सकारात्मक ढंग से सामना करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और भावनात्मक रूप से सशक्त नागरिक बनाना भी है।
डॉ. संदीप मित्तल ने आगे कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की क्षमताएँ, रुचियाँ और परिस्थितियाँ अलग-अलग होती हैं। इसलिए विद्यार्थियों को अपनी तुलना दूसरों से करने के बजाय अपनी प्रगति पर ध्यान देना चाहिए। असफलताओं और कठिनाइयों को जीवन का स्वाभाविक हिस्सा मानते हुए उनसे सीखने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के बारे में खुलकर बात करने, आवश्यकता पड़ने पर शिक्षकों एवं अभिभावकों से सहायता लेने और अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया। बीबीए विभागाध्यक्ष राजीव पाल सिंह ने इस गतिविधि के मुख्य समन्वयक के रूप में विद्यार्थियों को पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से ‘विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियाँ’ विषय पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के विचारों, भावनाओं, व्यवहार, निर्णय लेने की क्षमता तथा दूसरों के साथ संबंध स्थापित करने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। मानसिक रूप से स्वस्थ विद्यार्थी न केवल अपनी पढ़ाई पर बेहतर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, बल्कि वे जीवन की चुनौतियों का सामना अधिक आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ भी कर सकते हैं। राजीव पाल सिंह ने बताया कि विद्यार्थी जीवन में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित अनेक चुनौतियाँ देखने को मिलती हैं। इनमें परीक्षा का दबाव, अच्छे अंक प्राप्त करने की चिंता, भविष्य में रोजगार को लेकर अनिश्चितता, समय प्रबंधन की कठिनाइयाँ, प्रतियोगिता, पारिवारिक अपेक्षाएँ तथा मित्रों के बीच स्वयं को बेहतर साबित करने का दबाव प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया पर दूसरों के जीवन से अपनी तुलना करना, पर्याप्त नींद न लेना, अनियमित दिनचर्या तथा पढ़ाई और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने में कठिनाई भी विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। इस अवसर पर बीबीए विभाग के शिक्षकगण डॉ. संगीता गुप्ता, श्री मोहम्मद अंजार, श्री संजय शर्मा, श्री दीपक गर्ग, सुश्री सोनिका, सुश्री पूर्वी, सुश्री प्राची, रोहन त्यागी, श्री प्रशांत गुप्ता, सुश्री विनीता चैधरी, श्री सतीश, श्री अमित, श्री पवन बलियान एवं सुश्री लवी वर्मा उपस्थित रहे। सभी शिक्षकगण ने इस प्रकार की जागरूकता गतिविधियों को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास तथा उनके शैक्षणिक जीवन में सकारात्मक वातावरण निर्माण के लिए उपयोगी बताया। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के अंतर्गत इन्फोटेनमेंट क्लब द्वारा आयोजित इस गतिविधि का संदेश था कि मानसिक स्वास्थ्य को समझना, अपनी भावनाओं का सम्मान करना तथा जरूरत पड़ने पर सहायता प्राप्त करना प्रत्येक विद्यार्थी के लिए महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने तथा एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील एवं सहयोगपूर्ण व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों को जागरूक, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

 

साइट विजिट के जरिए काम करने का तरीका जाना
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)।श्री राम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, मुजफ्फरनगर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं तकनीकी ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से पी.आर.सी. कंस्ट्रक्शन, भोपा की एक निर्माण साइट पर शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण में बीटेक सिविल इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक सिविल इंजीनियरिंग तथा आर्किटेक्चर के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।यह कार्यक्रम संस्थान के चेयरमैन डॉ. एस.सी. कुलश्रेष्ठ के मार्गदर्शन एवं संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) अश्वनी कुमार वशिष्ठ के निर्देशन में आयोजित किया गया। साइट विजिट का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक निर्माण कार्यों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था। दी गईं जानकारियां-भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को भवन निर्माण की विभिन्न प्रक्रियाओं, आधुनिक निर्माण तकनीकों, निर्माण सामग्री के उपयोग, साइट प्रबंधन, इंजीनियरिंग ड्राइंग तथा आर्किटेक्चरल प्लानिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इस अवसर पर विद्यार्थियों को निर्माण स्थल पर कार्य करने की वास्तविक परिस्थितियों को समझने का अवसर मिला।कार्यक्रम में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष इं. फिरोज अली के साथ विभाग के शिक्षक इं. प्रवेश कुमार, इं. गौरांग शर्मा, इं. शुभम गुप्ता एवं शिवानी सिंह उपस्थित रहे। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया तथा साइट पर संचालित विभिन्न तकनीकी गतिविधियों को समझने में उनकी सहायता की।इस अवसर पर कंपनी के संचालक प्रदीप गुप्ता, जूनियर इंजीनियर इं. कमल कुमार तथा आर्किटेक्ट एंड बिल्डर्स निशांत कुमार ने विद्यार्थियों को विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की व्यावहारिक प्रक्रियाओं, आधुनिक निर्माण तकनीकों, गुणवत्ता नियंत्रण, कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था तथा निर्माण क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं करियर के अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कौशल को निरंतर विकसित करना-विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि एक सफल इंजीनियर बनने के लिए केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक अनुभव, तकनीकी दक्षता, अनुशासन, टीमवर्क और समस्या-समाधान की क्षमता भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक निर्माण तकनीकों से परिचित होने तथा अपने तकनीकी कौशल को निरंतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया।साइट विजिट के दौरान विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने, अपनी तकनीकी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त करने तथा निर्माण उद्योग की कार्यप्रणाली को निकटता से समझने का अवसर मिला। इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान, आत्मविश्वास एवं व्यवसायिक दक्षता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में कुशल, योग्य एवं जिम्मेदार इंजीनियर बन सकें। इस शैक्षणिक गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने करियर के लिए उपयोगी अनुभव प्राप्त हुआ।कार्यक्रम को सफल बनाने में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के शिक्षक इं. प्रवेश कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर पॉलिटेक्निक के प्राचार्य इं. आशीष कुमार, इं. विपुल शर्मा, इं. विपिन कुमार एवं इं. अलीशा सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहें।

 

स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित
मुजफ्फरनगर। एस. डी. कॉलेज, मुज़फ्फरनगर के मां सरस्वती सभागार में “उन्नत भारत अभियान समिति” के तत्वावधान में वन हेल्थ वॉरियर – यूथ एंगेजमेंट प्रोग्राम के तहत  नाइबर्स बियॉन्ड आवर स्पीशीजरू वन शेयर्ड हेल्थ  विषय पर एक स्लोगन प्रतियोगिता  का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सम्पूर्ण सजीवों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।प्राचार्य प्रोफेसर सुधीर कुमार पुंडीर ने छात्रों का उत्साहवर्धन किया।  कार्यक्रम के संयोजक श्री मदन पाल चैहान एवं  समिति सहयोगी डॉ नवीन कुमार, डॉ सरिता ढाका,डॉ गौरव  यादव  एवं श्री तरुण कुमार का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकों तथा शिक्षणेतर कर्मचारियों की उपस्थिति भी रही। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

 

दस्तावेज तीन दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश
 स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से निजी अस्पतालों में मचा हड़कंपMuzaffarnagar News
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)। जनपद के चरथावल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और अस्पतालों में निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच के क्रम में स्वास्थ्य विभाग ने दो अस्पतालों के विभिन्न विभागों को सील करने की कार्रवाई की। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देश पर तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के मार्गदर्शन में डिप्टी सीएमओ डॉ. अजय कुमार ने यह कार्रवाई की। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के तहत चरथावल स्थित सिटी मेडिकेयर अस्पताल के इनडोर विभाग को सील किया गया। वहीं, चरथावल के आनंद मेडिकेयर अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) और ऑपरेशन थिएटर (ओटी) को सील किया गया। इन विभागों को सील किए जाने के साथ ही संबंधित अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभाग की ओर से दोनों अस्पतालों के चिकित्सकों और प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि वे तीन दिन के भीतर अस्पताल से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेख एवं दस्तावेज लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, मुजफ्फरनगर में उपस्थित हों। निर्धारित समयसीमा में दस्तावेज प्रस्तुत कर अस्पतालों के संचालन तथा संबंधित चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े अभिलेखों की जांच में सहयोग करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों के पंजीकरण, संचालन से संबंधित अभिलेखों और चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्थाओं की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अस्पतालों में मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक नियमों का पालन सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। डिप्टी सीएमओ डॉ. अजय कुमार ने संबंधित अस्पतालों के विभागों को सील करने के साथ चिकित्सकों और प्रबंधकों को दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में दस्तावेज प्राप्त होने के बाद उनकी जांच की जाएगी तथा उपलब्ध तथ्यों और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

 

एसडीएम सदर ने किया निरीक्षण
मुजफ्फरनगर। जनपद में जनगणना 2026 की तैयारियों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में तहसील सदर के अंतर्गत श्री राम कॉलेज एवं द एस०डी० पब्लिक स्कूल में चल रहे जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम का उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सदर शुभम श्रीवास्तव द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर शुभम श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण हॉल में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा जनगणना कार्य में लगे कार्मिकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने जनगणना के कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील बताते हुए कार्मिकों के साथ जरूरी तकनीकी व व्यावहारिक जानकारियां साझा कीं। एसडीएम सदर ने प्रशिक्षण परिसर में प्रकाश, बैठने, पेयजल तथा प्रशिक्षण सामग्रियों की उपलब्धता का निरीक्षण किया। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि जनगणना का प्रशिक्षण कार्यक्रम समस्त आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।

 

बच्चों की माँ की हथेलियों पर सजी कला, ‘मेहंदी के रंग, माँ के संग’ बना आकर्षण का केंद्र
’मुज़फ्फरनगर।’ श्री गिरधारी लाल जैन मेमोरियल पब्लिक स्कूल में आयोजित ‘मेहंदी के रंग, माँ के संग’ मेहंदी कला कार्यशाला एवं मातृ-संतान उत्सव में बच्चों ने अपनी रचनात्मकता से माँ के प्रति प्रेम और सम्मान को खूबसूरत अभिव्यक्ति दी। कक्षा पाँचवीं से आठवीं तक के लगभग 100 विद्यार्थियों ने इस आयोजन में भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मीनाक्षी स्वरूप जी ने फीता काटकर किया। बड़ी संख्या में उपस्थित माताओं के हाथों पर विद्यार्थियों ने सुंदर और आकर्षक मेहंदी डिज़ाइन बनाए। बच्चों की बारीक कलाकारी, एकाग्रता और आत्मविश्वास ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में ‘मेहंदी मूवर्स’ विशेष आकर्षण रहे। विद्यार्थियों ने परिसर में घूमकर अपनी मेहंदी कला का प्रदर्शन किया। बच्चों की सफेद शर्ट पर बना माँ और दिल का चित्र भी आकर्षण का केंद्र रहा, जिसने माँ के प्रति उनके प्रेम और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाया। विद्यालय में लगाए गए मेहंदी प्रदर्शन बोर्ड पर विद्यार्थियों के डिज़ाइन प्रदर्शित किए गए। माताओं ने बच्चों की कला की सराहना करते हुए टिप्पणी-पट्ट पर अपने संदेश लिखे। ‘मेहंदी की यात्रा’ के माध्यम से पारंपरिक मेहंदी कला और उसकी विभिन्न शैलियों को भी रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए चयनित बच्चों को ‘मेहंदी क्वीन’ प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय की निदेशिका श्रीमती अलका जैन ने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है। बच्चों को व्यावहारिक कौशल सीखने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर देना भी आवश्यक है। ऐसी गतिविधियाँ उनमें आत्मविश्वास, धैर्य, एकाग्रता और रचनात्मक सोच विकसित करती हैं। कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों में रिन्नी राणा, प्रियांशी मराठा, श्रेया धीमान, निशु, विधि झिझानिया, रिज़ा बतूल, कीर्ति कश्यप, अनुष्का शर्मा, अनिष्का कपिल, सौम्या गोयल, काव्या चैधरी और ज़ोहा शारिक प्रमुख रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती साबिया, मिस रूबी, श्रीमती राधा, सुश्री मेघा, नीतू सिंगल, सोनिका गोयल, श्रीमती पुनीता बौड़ी, श्रीमती रितु मित्तल, श्रीमती रजनी मराठा और मिस प्रियंका कपिल सहित सहयोगी शिक्षक-शिक्षिकाओं का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम ने माँ-बच्चे के रिश्ते की मधुरता, भारतीय परंपराओं की सुंदरता और विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को एक यादगार मंच प्रदान किया।

 

अनियंत्रित होकर पिलर से टकराई बाइक, युवक की मौत, साथी घायल
छपार। थाना छपार क्षेत्र के रामपुर तिराहा चैकी अंतर्गत बढ़ेजंतजमक और दतियाना गांव के बीच एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहारनपुर जनपद के ग्राम सहसपुर निवासी सागर अपने साथी विशांत (निवासी ग्राम दतियाना) के साथ स्पलेंडर बाइक पर सवार होकर जा रहा था। जैसे ही वे बढ़ेड़ी और दतियाना गांव के बीच मुकेश के खेत के पास पहुंचे, तभी अचानक बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे सीमेंट के पिलर से टकराती हुई खेत में जा गिरी।
टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पीआरवी-7727 मौके पर पहुंची और पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। वहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद सागर को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल विशांत का उपचार जारी है।

 

सत्यप्रकाश रेशू मिले महामहिम राज्यपाल से
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)। गुजरात एवं महाराष्ट्र के महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत से सत्यप्रकाश रेशू एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले। यह भेंट 140 करोड़ भारतीयों के चैमुखी विकास को लेकर किए गए शोध पर आधारित रही।  सर्वप्रथम कण्व आश्रम के स्वामी जयंत सरस्वती ने महामहिम को फूलों का बुके दिया, फिर सत्यप्रकाश रेशू के साथ मिलकर शाॅल ओढ़ाया। तत्पश्चात महामहिम के साथ सिसौली, अहमदाबाद, दिल्ली, मुंबई में योग की आध्यात्मिक शक्ति पर लंबी वार्ता हुई। जिस कारण शीघ्र ही 80 वर्षीय “आधुनिक भीम” की उपाधि से सम्मानित जयंत सरस्वती सिसौली एवं अहमदाबाद में अपना प्रदर्षन दिखाएंगे, जिससे देश की युवा शक्ति योग से जुड़ेगी, नशे से मुक्त रहेगी एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ’विकसित भारत 2047’ के स्वपन को पूरा करेगी।  इस अवसर पर अयोध्या के श्री राम मन्दिर निर्माण के लिए बनने वाली ”कारसेवक“ फिल्म पर भी चर्चा हुई, जिसके हर पहलू को सत्यप्रकाश रेशू ने पूरी टीम के साथ महामहिम के समक्ष स्पष्टता से रखा। जिस पर महामहिम ने अपना मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद दिया।  अंत में विदा लेते समय स्वामी जयंत सरस्वती , डाॅ. राजवीर शास्त्री  एवं डाॅ. धर्मेंद्र कुमार ने मिलकर महामहिम राज्यपाल देवव्रत जी को माँ सरस्वती की लेखनी (पेन) भेंट की, जिससे महामहिम देश का भविष्य उच्च मार्गदर्शन के साथ लिख सकें।

 

‘विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियाँ’ विषय पर जागरूकता गतिविधि का आयोजन
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)। एस.डी. कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, मुजफ्फरनगर में आज आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के अंतर्गत इन्फोटेनमेंट क्लब द्वारा ‘विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियाँ’ विषय पर एक ज्ञानवर्धक एवं जागरूकता-आधारित गतिविधि का आयोजन किया गया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, शैक्षणिक दबाव, तनाव, चिंता, भावनात्मक संतुलन तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संदीप मित्तल एवं बीबीए विभागाध्यक्ष श्री राजीव पाल सिंह द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. संदीप मित्तल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य भी अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में विद्यार्थियों को पढ़ाई, परीक्षा, करियर निर्माण, पारिवारिक अपेक्षाओं तथा सामाजिक दबाव जैसी अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में मानसिक रूप से स्वस्थ रहना, अपनी भावनाओं को समझना तथा कठिन परिस्थितियों का सकारात्मक ढंग से सामना करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और भावनात्मक रूप से सशक्त नागरिक बनाना भी है।
डॉ. संदीप मित्तल ने आगे कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की क्षमताएँ, रुचियाँ और परिस्थितियाँ अलग-अलग होती हैं। इसलिए विद्यार्थियों को अपनी तुलना दूसरों से करने के बजाय अपनी प्रगति पर ध्यान देना चाहिए। असफलताओं और कठिनाइयों को जीवन का स्वाभाविक हिस्सा मानते हुए उनसे सीखने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के बारे में खुलकर बात करने, आवश्यकता पड़ने पर शिक्षकों एवं अभिभावकों से सहायता लेने और अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया। बीबीए विभागाध्यक्ष राजीव पाल सिंह ने इस गतिविधि के मुख्य समन्वयक के रूप में विद्यार्थियों को पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से ‘विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियाँ’ विषय पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के विचारों, भावनाओं, व्यवहार, निर्णय लेने की क्षमता तथा दूसरों के साथ संबंध स्थापित करने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। मानसिक रूप से स्वस्थ विद्यार्थी न केवल अपनी पढ़ाई पर बेहतर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, बल्कि वे जीवन की चुनौतियों का सामना अधिक आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ भी कर सकते हैं। राजीव पाल सिंह ने बताया कि विद्यार्थी जीवन में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित अनेक चुनौतियाँ देखने को मिलती हैं। इनमें परीक्षा का दबाव, अच्छे अंक प्राप्त करने की चिंता, भविष्य में रोजगार को लेकर अनिश्चितता, समय प्रबंधन की कठिनाइयाँ, प्रतियोगिता, पारिवारिक अपेक्षाएँ तथा मित्रों के बीच स्वयं को बेहतर साबित करने का दबाव प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया पर दूसरों के जीवन से अपनी तुलना करना, पर्याप्त नींद न लेना, अनियमित दिनचर्या तथा पढ़ाई और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने में कठिनाई भी विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। इस अवसर पर बीबीए विभाग के शिक्षकगण डॉ. संगीता गुप्ता, श्री मोहम्मद अंजार, श्री संजय शर्मा, श्री दीपक गर्ग, सुश्री सोनिका, सुश्री पूर्वी, सुश्री प्राची, रोहन त्यागी, श्री प्रशांत गुप्ता, सुश्री विनीता चैधरी, श्री सतीश, श्री अमित, श्री पवन बलियान एवं सुश्री लवी वर्मा उपस्थित रहे। सभी शिक्षकगण ने इस प्रकार की जागरूकता गतिविधियों को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास तथा उनके शैक्षणिक जीवन में सकारात्मक वातावरण निर्माण के लिए उपयोगी बताया। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के अंतर्गत इन्फोटेनमेंट क्लब द्वारा आयोजित इस गतिविधि का संदेश था कि मानसिक स्वास्थ्य को समझना, अपनी भावनाओं का सम्मान करना तथा जरूरत पड़ने पर सहायता प्राप्त करना प्रत्येक विद्यार्थी के लिए महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने तथा एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील एवं सहयोगपूर्ण व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों को जागरूक, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

 

हमले में युवक की मौत, परिजन और ग्रामीण ने थाने पहुंचकर की गिरफ्तारी की मांग
मुजफ्फरनगर।  खतौली क्षेत्र के बिहारीपुर गांव में सोमवार देर शाम हुए हमले में घायल युवक अक्षय की उपचार के दौरान मौत हो गई। मंगलवार सुबह घटना से आक्रोशित परिजन और ग्रामीण थाने पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार, बिहारीपुर गांव में सोमवार देर शाम अज्ञात नकाबपोश लोगों ने अक्षय पर हमला कर दिया था। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल है। हालांकि, हमले के पीछे की वजह और आरोपियों की पहचान के संबंध में अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। मृतक अक्षय छह बहनों का इकलौता भाई था। उसकी मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। मंगलवार सुबह वे खतौली थाने पहुंचे और मामले में आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीण थाने में मौजूद रहे। परिजन पुलिस को तहरीर देने की तैयारी कर रहे थे, जिसके आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन थाने पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने इस मामले में कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। हमले की वजह, आरोपियों की पहचान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है। मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच के तथ्यों के सामने आने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

 

हादसे में स्कूटी सवार युवक घायल
मुजफ्फरनगर। पीनना बायपास पर मंगलवार को एक अनियंत्रित वाहन की चपेट में आने से स्कूटी सवार युवक घायल हो गया। गनीमत यह रही कि बड़ा हादसा होने से टल गया और युवक बाल-बाल बच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कृष्णापुरी निवासी सचिन अपनी एक्टिवा स्कूटी पर सवार होकर किसी व्यक्तिगत कार्य से जसोई की ओर जा रहा था। जैसे ही वह पीनना बायपास पर पहुंचा, तभी अचानक तेज गति से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उसकी स्कूटी में टक्कर मार दी। दुर्घटना में स्कूटी अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई, जिससे सचिन चोटिल हो गया। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय राहगीरों की मदद से घायल युवक को पास के एक निजी चिकित्सालय ले जाया गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी मिल गयी और उसे घर भेज दिया गया।

 

द्वारिका सिटी में स्पोट्र्स डे पर वाहन पार्किंग व्यवस्था को लेकर द्वारिका
वैल्फेयर सोसाइटी ने प्रधानाचार्य को सौंपा पत्र
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)।द्वारिका सिटी, जानसठ रोड, मुजफ्फरनगर स्थित द्वारिका वैल्फेयर सोसाइटी द्वारा आगामी 31 अक्टूबर 2026 को स्पोट्र्स डे के अवसर पर वाहनों की उचित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के संबंध में द एस०डी० पब्लिक स्कूल, द्वारिका सिटी की प्रधानाचार्य महोदया को एक पत्र प्रेषित किया गया है। आगामी 31 अक्टूबर 2026 को विद्यालय में स्पोट्र्स डे का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान आने वाले वाहन कॉलोनी के आंतरिक मार्गों तथा आसपास के आवासों के निकट खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है और उनके दैनिक कार्य भी प्रभावित होते हैं। द्वारिका वैल्फेयर सोसाइटी के सचिव द्वारा अनुरोध किया गया है कि विद्यालय स्तर पर वाहनों की पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाए तथा सुरक्षा एजेंसी व सुरक्षा कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं कि कॉलोनी के आंतरिक मार्गों व विद्यालय के आसपास स्थित घरों के निकट कोई भी वाहन पार्क न होने पाए। पुलिस अधीक्षक यातायात (मुजफ्फरनगर) को भी एक पत्र सौंपा।

 

 

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